{"_id":"596d02d44f1c1b6c328b4750","slug":"191500316372-kannauj-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजली करंट से मौत पर विभाग देगा 5 लाख रुपये का हर्जाना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजली करंट से मौत पर विभाग देगा 5 लाख रुपये का हर्जाना
Updated Tue, 18 Jul 2017 12:02 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
कन्नौज।
करंट से मौत होने पर अब बिजली विभाग पांच लाख रुपये हर्जाना पीड़ित के परिजनों को देगा। शासन ने पुरानी व्यवस्था को समाप्त कर नई नियमावली जारी कर दी है। साथ ही मवेशी की मौत पर भी हर्जाना दिए जाने का नियम है।
जिले में तार से चिपक कर मौत हो जाने या तार टूट कर अचानक किसी व्यक्ति पर गिर जाने से मौत हो जाने पर अभी तक विभाग केवल औपचारिकताएं निभाता रहा है। कभी-कभी तो पीड़ित मांग नहीं करता तो उसे कोई लाभ भी नहीं दिया जाता है। शासन ने बिजली की चपेट से मौत होने पर पांच लाख रुपये देने की घोषणा की है। इसी तरह मवेशियों की मौत पर भी पशुपालक को पहले की तुलना में काफी धन राशि मिलेगी।
गहन जांच के बाद मिलेगी धन राशि
करंट से किसी मनुष्य या मवेशी की मौत हो जाने के मामले में विभाग गहन जांच कराएगा। जांच में यदि बिजली विभाग की कोई कमी पाई जाती है तो पीड़ित व्यक्ति को मुआवजा दिया जाएगा। यदि बिजली विभाग की कमी नहीं मिली तो पीड़ित व्यक्ति कोे कुछ भी नहीं दिया जाएगा।
विज्ञापन
इस मौके पर नहीं मिलेगा हर्जाना
यदि कोई व्यक्ति अपनी खराब बिजली को ठीक कर रहा है। अचानक करंट लगने से उस की मौत हो जाती है या झुलस जाता है तो बिजली विभाग दोषी नहीं है। इस पर विभाग कोई क्लेम नहीं देगा। इसी तरह कोई मवेशी यदि पोल में लगे स्टे में अपने सींग रगड़ता है या खुजलाता है उसी समय अचानक करंट स्टे में आ जाता है और व्यक्ति या मवेशी की मौत हो जाती है तो बिजली विभाग इस पर भी कोई क्लेम नहीं देगा।
बिजली विभाग से हर्जाना लेने की प्रक्रिया
बिजली से दुर्घटना होने पर क्लेम लेने के लिए सबसे पहले थाने में सूचना दर्ज करानी होगी। सूचना की प्रति के साथ शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिल जाने के बाद बिजली विभाग के अधिकारियों से क्लेम करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया जाएगा। इसके बाद बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता जांच कराने के लिए अपने विभाग के जांच अधिकारियों को लिखेंगे। जांच अधिकारी की रिपोर्ट आ जाने के बाद यदि कमी बिजली विभाग की मिलती है तो मृतक के परिजनों चेक के माध्यम से लाभ दिया जाएगा।
वर्जन
किसी व्यक्ति या मवेशी की बिजली दुर्घटना में मौत हो जाने पर विभाग क्लेम देगा। इस क्लेम को लेने के लिए जांच कराई जाएगी। जांच में कमी बिजली विभाग की मिली तोे पीड़ित को क्लेम की धनराशि दी जाएगी। - पी राम, अधिशासी अभियंता विद्युत (कन्नौज)
विज्ञापन
कन्नौज।
करंट से मौत होने पर अब बिजली विभाग पांच लाख रुपये हर्जाना पीड़ित के परिजनों को देगा। शासन ने पुरानी व्यवस्था को समाप्त कर नई नियमावली जारी कर दी है। साथ ही मवेशी की मौत पर भी हर्जाना दिए जाने का नियम है।
जिले में तार से चिपक कर मौत हो जाने या तार टूट कर अचानक किसी व्यक्ति पर गिर जाने से मौत हो जाने पर अभी तक विभाग केवल औपचारिकताएं निभाता रहा है। कभी-कभी तो पीड़ित मांग नहीं करता तो उसे कोई लाभ भी नहीं दिया जाता है। शासन ने बिजली की चपेट से मौत होने पर पांच लाख रुपये देने की घोषणा की है। इसी तरह मवेशियों की मौत पर भी पशुपालक को पहले की तुलना में काफी धन राशि मिलेगी।
विज्ञापन
गहन जांच के बाद मिलेगी धन राशि
करंट से किसी मनुष्य या मवेशी की मौत हो जाने के मामले में विभाग गहन जांच कराएगा। जांच में यदि बिजली विभाग की कोई कमी पाई जाती है तो पीड़ित व्यक्ति को मुआवजा दिया जाएगा। यदि बिजली विभाग की कमी नहीं मिली तो पीड़ित व्यक्ति कोे कुछ भी नहीं दिया जाएगा।
विज्ञापन
इस मौके पर नहीं मिलेगा हर्जाना
यदि कोई व्यक्ति अपनी खराब बिजली को ठीक कर रहा है। अचानक करंट लगने से उस की मौत हो जाती है या झुलस जाता है तो बिजली विभाग दोषी नहीं है। इस पर विभाग कोई क्लेम नहीं देगा। इसी तरह कोई मवेशी यदि पोल में लगे स्टे में अपने सींग रगड़ता है या खुजलाता है उसी समय अचानक करंट स्टे में आ जाता है और व्यक्ति या मवेशी की मौत हो जाती है तो बिजली विभाग इस पर भी कोई क्लेम नहीं देगा।
बिजली विभाग से हर्जाना लेने की प्रक्रिया
बिजली से दुर्घटना होने पर क्लेम लेने के लिए सबसे पहले थाने में सूचना दर्ज करानी होगी। सूचना की प्रति के साथ शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिल जाने के बाद बिजली विभाग के अधिकारियों से क्लेम करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया जाएगा। इसके बाद बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता जांच कराने के लिए अपने विभाग के जांच अधिकारियों को लिखेंगे। जांच अधिकारी की रिपोर्ट आ जाने के बाद यदि कमी बिजली विभाग की मिलती है तो मृतक के परिजनों चेक के माध्यम से लाभ दिया जाएगा।
वर्जन
किसी व्यक्ति या मवेशी की बिजली दुर्घटना में मौत हो जाने पर विभाग क्लेम देगा। इस क्लेम को लेने के लिए जांच कराई जाएगी। जांच में कमी बिजली विभाग की मिली तोे पीड़ित को क्लेम की धनराशि दी जाएगी। - पी राम, अधिशासी अभियंता विद्युत (कन्नौज)