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एक हेक्टेयर फसल बर्बादी पर मिलेंगे सिर्फ 18 हजार
अमर उजाला कन्नाैैज
Updated Wed, 01 Apr 2015 12:13 AM IST
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बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि से तबाह हुए किसानों को आर्थिक मदद के नाम पर झुनझुना दिया जा रहा है। किसानों कोे एक हेक्टेयर की फसल बर्बादी पर 18 हजार रुपये देने की तैयारी है, जबकि आलू, गेहूं व अन्य फसलों में एक हेक्टेयर पर 25 से 30 हजार की लागत आई है। ऐसे में शासन से मिलने वाला मुआवजा किसानों के लिए ऊंट के मुंह में जीरा के समान है।
मालूम हो कि एक पखवारा पहले तेज हवाओं व बारिश व ओले के चलते खेतों में तैयार खड़ी गेंहू समेत सरसों, अरहर, चना की फसलों को काफी नुकसान पहुंचा था। फसलें बर्बाद होने से किसानों के परिवारों को निराशा का सामना करना पड़ रहा था। विभागीय अफसरों की मानें तो इस दैवीय आपदा में 5425 हेक्टेअर गेंहू की फसल चौपट हो गयी थी।
वहीं 128 हेक्टेअर आलू, 250 हेक्टेअर सरसों की फसल को नुकसान पहुंचा था। शासन के निर्देश पर फसलों के हुए नुकसान का आंकलन करने को राजस्व टीमों का गठन किया गया था। पीड़ित किसानों को आर्थिक मदद के लिए जिला प्रशासन द्वारा अनुमानित तौर पर 5 करोड़ 87 लाख 10 हजार 71 रुपये के बजट की शासन से डिमांड की गयी थी।
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किसानों को दैवीय आपदा कोष के तहत राहत धनराशि मुहैया कराने के लिए डिमांड के सापेक्ष 6 करोड़ 27 लाख 29 हजार रूपए का बजट मिला है। तहसीलदार सदर राजेश कुमार ने बताया कि प्रति हेक्टेअर 18000 रूपए की दर से आर्थिक राशि पीड़ित किसानों को प्रदान की जाएगी। सभी लेखपालों को अपने-अपने क्षेत्र का सघन दौरा कर रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गयी है।
6501.119 हेक्टेयर फसलें हुई बर्बाद
कन्नौज। जिला प्रशासन की मानें तो अभी तक हुए सर्वे के मुताबिक विगत दिनों बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि से 6501.119 हेक्टेयर क्षेत्रफल की फसलें पूरी तरह से नष्ट हो गयीं। इसमें गेंहू राई, आलू व अन्य फसलें भी शामिल हैं। अभी तक गेंहू किसानों को ही आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही थी। शासन द्वारा डिमांड से अधिक बजट मिलते ही अन्य फसलों को उगाने वाले किसानों को भी नुकसान के बदले आर्थिक मदद मिलेगी।
तीनों तहसीलों को 8278290 का बजट रिलीज
कन्नौज। जिला प्रशासन ने सर्वे कार्य को जल्द पूरा कराने के लिए कवायद शुरू कर दी है। पीड़ित किसानों को मदद के लिए अभी तक तीनों तहसीलों को 82 लाख 78 हजार 290 रूपए की धनराशि भेजी जा चुकी है। ग्रामवार प्रभावित किसानों की सूची सौपने के बाद उसी के अनुरूप बजट भेजा जाएगा।
50 फीसदी से कम नुकसान पर भी मदद की उम्मीद जगी
कन्नौज। जिला प्रशासन ने दैवीय आपदा के तहत अभी तक 50 फीसदी से अधिक नुकसान पर ही आर्थिक मदद की रणनीति तैयार की थी। शासन के निर्देश पर अब ऐसे सभी किसानों की सूची तैयार की जा रही है जिनकी फसलों को नुकसान पहुंचा है। इसमें 50 फीसदी से अधिक फसलों में नुकसान वाले किसानों को पूरी तरह से आच्छादित करने के बाद भी बजट बचने की उम्मीद है। सूत्रों की मानें तो अभी शासन से और बजट भेजे जाने का संकेत मिला है। ऐसे में फसलों में 50 फीसदी से कम नुकसान वाले किसानों को भी राहत चेकें मिलने की उम्मीद जगी है।
-दैवीय आपदा के बाद राजस्व विभाग को सर्वे कार्य में जुटाया गया था। शासन से अनुमानित बजट की डिमांड की गई थी। उम्मीद से अधिक जिले को दैवीय आपदा कोष से बजट मिला है। लेखपालों तो दो-तीन दिन में सर्वे कर पीड़ितों की सूची मुहैया कराने को कहा गया है। शासन का निर्देश पर 50 फीसदी से कम नुकसान होने पर भी किसानों को राहत धनराशि प्रदान की जाएगी।
...रमेशचंद्र यादव, अपर जिलाधिकारी कन्नौज।
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मालूम हो कि एक पखवारा पहले तेज हवाओं व बारिश व ओले के चलते खेतों में तैयार खड़ी गेंहू समेत सरसों, अरहर, चना की फसलों को काफी नुकसान पहुंचा था। फसलें बर्बाद होने से किसानों के परिवारों को निराशा का सामना करना पड़ रहा था। विभागीय अफसरों की मानें तो इस दैवीय आपदा में 5425 हेक्टेअर गेंहू की फसल चौपट हो गयी थी।
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वहीं 128 हेक्टेअर आलू, 250 हेक्टेअर सरसों की फसल को नुकसान पहुंचा था। शासन के निर्देश पर फसलों के हुए नुकसान का आंकलन करने को राजस्व टीमों का गठन किया गया था। पीड़ित किसानों को आर्थिक मदद के लिए जिला प्रशासन द्वारा अनुमानित तौर पर 5 करोड़ 87 लाख 10 हजार 71 रुपये के बजट की शासन से डिमांड की गयी थी।
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किसानों को दैवीय आपदा कोष के तहत राहत धनराशि मुहैया कराने के लिए डिमांड के सापेक्ष 6 करोड़ 27 लाख 29 हजार रूपए का बजट मिला है। तहसीलदार सदर राजेश कुमार ने बताया कि प्रति हेक्टेअर 18000 रूपए की दर से आर्थिक राशि पीड़ित किसानों को प्रदान की जाएगी। सभी लेखपालों को अपने-अपने क्षेत्र का सघन दौरा कर रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गयी है।
6501.119 हेक्टेयर फसलें हुई बर्बाद
कन्नौज। जिला प्रशासन की मानें तो अभी तक हुए सर्वे के मुताबिक विगत दिनों बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि से 6501.119 हेक्टेयर क्षेत्रफल की फसलें पूरी तरह से नष्ट हो गयीं। इसमें गेंहू राई, आलू व अन्य फसलें भी शामिल हैं। अभी तक गेंहू किसानों को ही आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही थी। शासन द्वारा डिमांड से अधिक बजट मिलते ही अन्य फसलों को उगाने वाले किसानों को भी नुकसान के बदले आर्थिक मदद मिलेगी।
तीनों तहसीलों को 8278290 का बजट रिलीज
कन्नौज। जिला प्रशासन ने सर्वे कार्य को जल्द पूरा कराने के लिए कवायद शुरू कर दी है। पीड़ित किसानों को मदद के लिए अभी तक तीनों तहसीलों को 82 लाख 78 हजार 290 रूपए की धनराशि भेजी जा चुकी है। ग्रामवार प्रभावित किसानों की सूची सौपने के बाद उसी के अनुरूप बजट भेजा जाएगा।
50 फीसदी से कम नुकसान पर भी मदद की उम्मीद जगी
कन्नौज। जिला प्रशासन ने दैवीय आपदा के तहत अभी तक 50 फीसदी से अधिक नुकसान पर ही आर्थिक मदद की रणनीति तैयार की थी। शासन के निर्देश पर अब ऐसे सभी किसानों की सूची तैयार की जा रही है जिनकी फसलों को नुकसान पहुंचा है। इसमें 50 फीसदी से अधिक फसलों में नुकसान वाले किसानों को पूरी तरह से आच्छादित करने के बाद भी बजट बचने की उम्मीद है। सूत्रों की मानें तो अभी शासन से और बजट भेजे जाने का संकेत मिला है। ऐसे में फसलों में 50 फीसदी से कम नुकसान वाले किसानों को भी राहत चेकें मिलने की उम्मीद जगी है।
-दैवीय आपदा के बाद राजस्व विभाग को सर्वे कार्य में जुटाया गया था। शासन से अनुमानित बजट की डिमांड की गई थी। उम्मीद से अधिक जिले को दैवीय आपदा कोष से बजट मिला है। लेखपालों तो दो-तीन दिन में सर्वे कर पीड़ितों की सूची मुहैया कराने को कहा गया है। शासन का निर्देश पर 50 फीसदी से कम नुकसान होने पर भी किसानों को राहत धनराशि प्रदान की जाएगी।
...रमेशचंद्र यादव, अपर जिलाधिकारी कन्नौज।