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16 दिसंबर से खरमास, नहीं होंगे मांगलिक कार्य
Updated Sat, 15 Dec 2018 11:57 PM IST
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राहुल दुबे
कन्नौज। सूर्य 16 दिसंबर 2018 रविवार को सुबह 9:10 बजे धनु राशि में प्रवेश करेंगे। धनु संक्रांति के साथ खरमास आरंभ होगा। सूर्य 14 जनवरी 2019 को शाम 07:52 बजे मकर राशि में प्रवेश करेंगे। इसके साथ ही खरमास की समाप्ति होगी। जब सूर्य देव गुरु बृहस्पति की राशि धनु में प्रवेश करते हैं तब यह मास खरमास कहलाता है, इस अवधि में शुभ मांगलिक और व्यापार प्रारंभ संबंधी कार्य नहीं किए जाते हैं।
आचार्य पंडित पवन शुक्ला व महंत मथुरा प्रसाद त्रिवेदी ने बताया कि यदि कुंडली में बृहस्पति धनु राशि में हो तो भी इस अवधि में शुभ कार्य जातक शुभ काम कर सकता है। जो कार्य नियमित रूप से हो रहे हों उनको करने में भी खरमास का कोई बंधन या दबाव नहीं है। इसके अलावा सीमांत, जातकर्म और अन्नप्राशन आदि कर्म पूर्व निश्चित होने से इस अवधि में किए जा सकते हैं।
सूर्य की तरह गुरु ग्रह भी हाइड्रोजन और हीलियम की उपस्थिति से बना हुआ है। सूर्य की तरह इसका केंद्र भी द्रव्य से भरा है जिसमें अधिकतर हाइड्रोजन ही है। जबकि दूसरे ग्रहों का केंद्र ठोस है इसलिए गुरु का भार सौरमंडल के सभी ग्रहों के सम्मिलित भार से भी अधिक है। पृथ्वी से 15 करोड़ किलोमीटर दूर स्थित सूर्य व 64 करोड़ किलोमीटर दूर बृहस्पति वर्ष में एक बार ऐसी स्थिति में आते हैं, जब सौर चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं के माध्यम से बृहस्पति के कण काफी मात्रा में पृथ्वी के वायुमंडल में पहुंचते हैं, जो एक-दूसरे की राशि में आकर अपनी किरणों को आंदोलित करते हैं। इसी वजह से धनु व मीन राशि के सूर्य को खरमास कहा जाता है।
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ये कार्य पूर्णतया वर्जित-
-कामना पूरक अनुष्ठान और पूजा पाठ।
-गृह निर्माण आरंभ, गृह प्रवेश, विवाह, लंबी यात्रा, मुंडन, उपनयन संस्कार, यज्ञ व पद ग्रहण। -देवालय निर्माण, देव प्रतिष्ठा, व्रत का उद्यापन और गोदान।
-कुआं, तालाब, बावड़ी, बोरिंग खुदवाना, भूमिगत जलाशय आदि का निर्माण।
-अक्षारंभ, विद्यारंभ, किसी नई व्यवसायिक विद्या, तकनीकी कला को सीखना, नया व्यापार दुकान, कंपनी या नई फर्म खोलना, नई मशीनरी लगाना।
-सरकारी लाभ से संबंधी सरकारी कार्य करना।
-नई साझेदारी नहीं की जाती।
इस समय विवाह क्यों वर्जित होता है-
- विवाह का उद्देश्य सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है।
- धनु राशि को संपन्नता की राशि माना जाता है।
- सूर्य धनु राशि में चला जाता है जो सुख समृद्धि के ठीक नहीं रहता।
- वेदों के अनुसार इस विवाह करने पर जीवन सुखमय नहीं रहता है।
आज से नहीं होंगे मांगलिक कार्य
क्रासर
सूर्य के धनु राशि में प्रवेश करने से लग रहा खरमास
कन्नौज। सूर्य 16 दिसंबर 2018 रविवार को सुबह 9:10 बजे धनु राशि में प्रवेश करेंगे। धनु संक्रांति के साथ खरमास आरंभ होगा। सूर्य 14 जनवरी 2019 को शाम 07:52 बजे मकर राशि में प्रवेश करेंगे। इसके साथ ही खरमास की समाप्ति होगी। जब सूर्य देव गुरु बृहस्पति की राशि धनु में प्रवेश करते हैं तब यह मास खरमास कहलाता है, इस अवधि में शुभ मांगलिक और व्यापार प्रारंभ संबंधी कार्य नहीं किए जाते हैं।
आचार्य पंडित पवन शुक्ला व महंत मथुरा प्रसाद त्रिवेदी ने बताया कि यदि कुंडली में बृहस्पति धनु राशि में हो तो भी इस अवधि में शुभ कार्य जातक शुभ काम कर सकता है। जो कार्य नियमित रूप से हो रहे हों उनको करने में भी खरमास का कोई बंधन या दबाव नहीं है। इसके अलावा सीमांत, जातकर्म और अन्नप्राशन आदि कर्म पूर्व निश्चित होने से इस अवधि में किए जा सकते हैं।
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सूर्य की तरह गुरु ग्रह भी हाइड्रोजन और हीलियम की उपस्थिति से बना हुआ है। सूर्य की तरह इसका केंद्र भी द्रव्य से भरा है जिसमें अधिकतर हाइड्रोजन ही है। जबकि दूसरे ग्रहों का केंद्र ठोस है इसलिए गुरु का भार सौरमंडल के सभी ग्रहों के सम्मिलित भार से भी अधिक है। पृथ्वी से 15 करोड़ किलोमीटर दूर स्थित सूर्य व 64 करोड़ किलोमीटर दूर बृहस्पति वर्ष में एक बार ऐसी स्थिति में आते हैं, जब सौर चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं के माध्यम से बृहस्पति के कण काफी मात्रा में पृथ्वी के वायुमंडल में पहुंचते हैं, जो एक-दूसरे की राशि में आकर अपनी किरणों को आंदोलित करते हैं। इसी वजह से धनु व मीन राशि के सूर्य को खरमास कहा जाता है।
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ये कार्य पूर्णतया वर्जित-
-कामना पूरक अनुष्ठान और पूजा पाठ।
-गृह निर्माण आरंभ, गृह प्रवेश, विवाह, लंबी यात्रा, मुंडन, उपनयन संस्कार, यज्ञ व पद ग्रहण। -देवालय निर्माण, देव प्रतिष्ठा, व्रत का उद्यापन और गोदान।
-कुआं, तालाब, बावड़ी, बोरिंग खुदवाना, भूमिगत जलाशय आदि का निर्माण।
-अक्षारंभ, विद्यारंभ, किसी नई व्यवसायिक विद्या, तकनीकी कला को सीखना, नया व्यापार दुकान, कंपनी या नई फर्म खोलना, नई मशीनरी लगाना।
-सरकारी लाभ से संबंधी सरकारी कार्य करना।
-नई साझेदारी नहीं की जाती।
इस समय विवाह क्यों वर्जित होता है-
- विवाह का उद्देश्य सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है।
- धनु राशि को संपन्नता की राशि माना जाता है।
- सूर्य धनु राशि में चला जाता है जो सुख समृद्धि के ठीक नहीं रहता।
- वेदों के अनुसार इस विवाह करने पर जीवन सुखमय नहीं रहता है।
आज से नहीं होंगे मांगलिक कार्य
क्रासर
सूर्य के धनु राशि में प्रवेश करने से लग रहा खरमास