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सहमति पत्र पर उखड़े लोग, नहीं जमा किए प्रपत्र
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छिबरामऊ(कन्नौज)। जीटी रोड हाईवे सिक्स-लेन चौड़ीकरण का मामला सुलझने की बजाय उलझ रहा है। नगर में नए बाईपास मार्ग बनवाने को लेकर लोग कोर्ट की शरण में हैं। वहीं एनएचएआई के अधिकारी किसी तरह भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई पूरी करने की जुगत भिड़ा रहे हैं।
बुधवार को भूमि अध्याप्ति अधिकारी केहरी सिंह को छिबरामऊ आना था। उनके इंतजार में क्षेत्र के लोग सुबह से तहसील पहुंच गए। दोपहर तक इंतजार के बाद भी वह नहीं पहुंचे। हालांकि भूमि अध्याप्ति कार्यालय के दो अधिकारी दोपहर बाद तहसील पहुंचे। उन्होंने अधिगृहीत की गई जमीन से संबंधित सभी कागजात के साथ शपथ पत्र और सहमति पत्र बनवाकर जमा करने की बात कही। इससे भू-स्वामियों में हलचल पैदा हो गई। लोगों ने पालिकाध्यक्ष राजीव दुबे को बुला लिया। पालिकाध्यक्ष ने बताया कि जब उन्होंने भूमि अधिग्रहण से संबंधित कानपुर से आए दोनों अधिकारियों से सहमति पत्र लेने के बाबत जानकारी चाही तो वह कोई सटीक जवाब नहीं दे सके। उन्होंने यह भी पूछा कि लोगों को किस आधार पर मुआवजा दिया जा रहा है। वह इसकी भी जानकारी नहीं दे सके। इस पर उन्होंने सहमति पत्र देने से मना कर दिया। बाद में किसी ने भी अपने प्रपत्र जमा नहीं किए। लोगों ने कहा कि वह बिना पूरी जानकारी लिए सहमति पत्र नहीं देंगे। इस बात को लेकर तहसील सभागार में काफी देर तक हंगामा हुआ। अधिकारी बिना कार्रवाई पूरी किए लौट गए।
जीटी रोड हाईवे चौड़ीकरण के संबंध में 7 मार्च को हाईकोर्ट में तारीख लगी है। कोर्ट ने भूमि अध्याप्ति अधिकारी से अब तक कितने अवार्ड किए गए, कितने भू-स्वामियों को मुआवजा वितरित किया गया, इसकी जानकारी मांगी है।
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सहमति पत्र पर उखड़े लोग, नहीं जमा किए प्रपत्र
जीटी रोड हाईवे चौड़ीकरण का मामला
बुधवार को भूमि अध्याप्ति अधिकारी केहरी सिंह को छिबरामऊ आना था। उनके इंतजार में क्षेत्र के लोग सुबह से तहसील पहुंच गए। दोपहर तक इंतजार के बाद भी वह नहीं पहुंचे। हालांकि भूमि अध्याप्ति कार्यालय के दो अधिकारी दोपहर बाद तहसील पहुंचे। उन्होंने अधिगृहीत की गई जमीन से संबंधित सभी कागजात के साथ शपथ पत्र और सहमति पत्र बनवाकर जमा करने की बात कही। इससे भू-स्वामियों में हलचल पैदा हो गई। लोगों ने पालिकाध्यक्ष राजीव दुबे को बुला लिया। पालिकाध्यक्ष ने बताया कि जब उन्होंने भूमि अधिग्रहण से संबंधित कानपुर से आए दोनों अधिकारियों से सहमति पत्र लेने के बाबत जानकारी चाही तो वह कोई सटीक जवाब नहीं दे सके। उन्होंने यह भी पूछा कि लोगों को किस आधार पर मुआवजा दिया जा रहा है। वह इसकी भी जानकारी नहीं दे सके। इस पर उन्होंने सहमति पत्र देने से मना कर दिया। बाद में किसी ने भी अपने प्रपत्र जमा नहीं किए। लोगों ने कहा कि वह बिना पूरी जानकारी लिए सहमति पत्र नहीं देंगे। इस बात को लेकर तहसील सभागार में काफी देर तक हंगामा हुआ। अधिकारी बिना कार्रवाई पूरी किए लौट गए।
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जीटी रोड हाईवे चौड़ीकरण के संबंध में 7 मार्च को हाईकोर्ट में तारीख लगी है। कोर्ट ने भूमि अध्याप्ति अधिकारी से अब तक कितने अवार्ड किए गए, कितने भू-स्वामियों को मुआवजा वितरित किया गया, इसकी जानकारी मांगी है।
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सहमति पत्र पर उखड़े लोग, नहीं जमा किए प्रपत्र
जीटी रोड हाईवे चौड़ीकरण का मामला