ब्रज में ही बंट गया कान्हा के जन्म का उत्सव
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ब्रज में इस बार भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव दो दिवसीय हो गया है।
मंदिर श्रीद्वारिकाधीश में जन्मोत्सव 17 अगस्त को मनाया जाएगा, जबकि श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर 18 अगस्त को प्रभु कन्हैया का जन्म होगा। ब्रज के अधिकांश मंदिरों में भी 17 अगस्त को ही जन्माष्टमी मनाई जा रही है।
ब्रज का प्रमुख उत्सव श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के लिए ब्रजभूमि तैयार हो चुकी है। हालांकि इस बार ब्रजवासियों के लिए जन्माष्टमी का त्योहार मंदिरों में अलग-अलग तिथियों में होने के कारण भ्रम की स्थिति बन गई है।
विश्व प्रसिद्ध द्वारिकाधीश मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव 17 अगस्त को मनाया जाएगा। इसके लिए मंदिर में विशेष सजावट के साथ ही उसे अलौकिक नंद भवन का रूप प्रदान किया गया है। मंदिर में बधाई गायन के कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
द्वारिकाधीश में आज, जन्मस्थान पर कल जन्मेंगे कन्हाई
द्वारिकाधीश के मंदिर अधिकारी श्रीधर चतुर्वेदी ने बताया कि पीठाधीश्वर आचार्य कांकरौली नरेश ब्रजेश जी महाराज, युवराज वागीश कुमार के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव 17 अगस्त रविवार को मनाया जाएगा। जन्मोत्सव के लिए प्रभु के वस्त्र, आभूषण, शृंगार से संबंधित तैयारियां कर ली गई हैं। मंदिर में नंदोत्सव का आयोजन 18 अगस्त को सुबह दस बजे से होगा।
गोकुल में भी 17 अगस्त को ही जन्मोत्सव मनाया जाएगा। गोकुल स्थित श्रीनंद भवन नंद किला समिति के तत्वावधान में भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव मनाया जा रहा है।
17 अगस्त को शाम सात बजे रासलीला, रात्रि 12 बजे श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के दर्शन, पंचामृत से स्नान।
18 अगस्त को सुबह से रासलीला, दोपहर 11 बजे से शोभायात्रा एवं नंद चौक पर नंदोत्सव होगा। इसी दिन बलदेव में कन्हैया का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इधर, मुख्य आयोजन स्थल श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर जन्मोत्सव 18 अगस्त को होगा। यहां भी आयोजन की तैयारियां पूर्ण हो चुकी हैं।