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आईजी को पत्र लिखकर युवक ने लगाई फांसी
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आईजी को पत्र लिखकर युवक ने लगाई फांसी
दतिया। कसबा सेंवढ़ा के बजरिया मोहल्ले में रहने वाले एक युवक ने मंगलवार की रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मरने से पहले युवक ने आईजी के नाम पत्र लिखा जिसमें सेंवढ़ थाने के पुलिस अधिकारी को अपनी मौत के लिये जिम्मेदार बताया। युवक ने पहले अपने हाथ की नसें काटी, इसके बाद फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। सुबह छोटे भाई ने उसे फांसी पर झूलता देखा और परिजनों को बताया। जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पहुंची। युवक की मौत के बाद गुस्साये परिजनों व कस्बा के लोगों ने बाजार बंद कराकर चक्का जाम कर दिया। एसपी डी कल्याण चक्रवर्ती ने टीआई को सस्पेंड कर मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश दे दिए हैं।
जानकारी के अनुसार कस्बा सेवढ़ा के बजरिया मोहल्ला में रहने वाले संजय (22) पुत्र कल्याण सिंह परिहार ने बुधवार की रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इससे पूर्व उसने हाथ की नसों को भी काटने का प्रयास किया। उसने आईजी के नाम सोसाइड नोट लिखा जिसमें उसने अपनी मौत का जिम्मेदार सेंवढ़ा थाने के एक पुलिस अधिकारी को बताया है। युवक की मौत के बाद सेंवढ़ा एसडीओपी नरेंद्र सिंह गहरवार, एफएसएल अधिकारी सतीश मान सहित पुलिस बल मौके पर पहुंचा। मृतक के पास पुलिस को आईजी नाम लिखा सोसाइड नोट मिला जिसमें उसने अपनी मौत के लिये टीआई चानना को जिम्मेदार ठहराया। इस बात की जानकारी जब कस्बा के लोगों को लगी तो वह आक्रोशित हो गये और बाजार बंद कर दिया। परिजन भी युवक के शव को लेकर बाजार पहुंच गए और जाम लगा दिया। मौके पर पहुंचे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आरडी प्रजापति व अन्य वरिष्ठ अधिकारियो ने लोगों को समझाने का प्रयास किया। लोग टीआई को सस्पेंड कर मामला दर्ज करने की मांग कर रहे थे। पहले टीआई का लाइन अटैच किया गया लेकिन लोगों के विरोध को देखते हुये आखिरकार एसपी ने टीआई को सस्पेंड कर मजिस्ट्रियल जांच आदेश दिए।
मालूम हो कि गत 11 जुलाई को कस्बा सेंवढ़ा में शिक्षक बृजमोहन तिवारी के घर में उनकी पत्नी राधा और 22 वर्षीय बेटे शैलेंद्र की धारदार हथियारों से हत्या कर दी गई थी। पुलिस द्वारा आसपास के लोगों तथा शिक्षक के मकान के सामने काम करने वाले मजदूरों से पूछताछ के बाद भी हत्यारों का सुराग नहीं लग सका। राजनीतिक पार्टियों और सामाजिक संगठनों का भी दबाव लगातार बढ़ रहा था। चंबल आईजी द्वारा दोहरे हत्याकांड में लेटलतीफी को लेकर पुलिस पर पर दबाव बनाया था। पुलिस को शंका थी कि किसी लड़की को लेकर दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया गया है। पुलिस लड़की के बारे में जानना चाहती थी। चूंकि खुदकुशी करने वाला युवक संजय परिहार मृतक शैलेन्द्र तिवारी का दोस्त था और वह उसके साथ पढ़ा भी था। जानकारी करने के लिये गत 12 जुलाई को पुलिस ने संजय परिहार से भी पूछताछ की थी। इसके बाद भी उससे पूछताछ की गई। इसके बाद वह गुजरात के सूरत में किसी निजी कंपनी में करने के लिये चला गया। 14 अगस्त को ग्वालियर से स्थानांतरित होकर आए अजय चानना ने सेंवढ़ा टीआई का चार्ज लिया और नए सिरे से दोहरे हत्याकांड की जांच शुरू की। इस दौरान स्टाफ के लोगों ने पुलिस संजय के बारे में बताया। पुलिस द्वारा 25 अगस्त को सूरत से संजय को सेंवढ़ा बुलाया गया। 27 अगस्त को वह सेंवढ़ा आया और सीधा थाने पहुंच गया। शाम को उसके परिजन आलोक सिंह परिहार थाना से घर लेकर पहुंचे। बुधवार की सुबह पांच बजे संजय का शव परिजनों को उसके कमरे में मिला। सोसाइड नोट में लिखा आईजी साहब ऐसी होती है पुलिस, मृतक संजय ने आईजी चंबल के नाम छोड़े सोसाइड नोट में सेवढ़ा थाने के एक पुलिस अधिकारी पर गंभीर आरोेप लगाए गए हैं।
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टीआई को पहले किया लाइन अटैच फिर निलंबित
युवक की मौत के बाद लोगों का आक्त्रसेश देखते हुये एसपी डी कल्याण चक्रवर्ती ने पहले टीआई चानना को लाइन अटैच किया लेकिन परिजन निलंबित करने की मांग करने लगे। इसके चलते एसपी ने टीआई को निलंबित कर दिया। साथ ही मजिस्ट्रियल जांच के लिए कलेक्टर के पास अनुशंसा भेजी। कलेक्टर के आदेश के बाद मजिस्ट्रियल जांच शुरू होगी।
इनका कहना है- इस संबंध में टीआई चानना का कहना कि उन्होंने उसे हाथ भी नहीं लगाया। जांच अधिकारी होने के नाते मैं इस अंधे हत्याकांड का पर्दाफाश करने में लगा हूं। सब इंस्पेक्टर महेश तोमर ने बताया कि पूर्व में भी संजय से पूछताछ हुई है, उसे एक बार और उसे बुलाकर बात की जाए, इसी आधार पर उसे बुलाया। पर उसे हाथ भी नहीं लगाया। न ही लॉकअप में ले गया। थाना परिसर में बने मंदिर के बगल में बैठ कर ही बात की और बाद में आलोक सिंह परिहार उसे ले गए। मुझे समझ में नहीं आ रहा कि उसने आत्महत्या क्यों की।
मजिस्ट्रयल जांच के आदेश दिए-
मृतक संजय परिहार का पीएम डॉ.नरेंद्र शर्मा एवं डॉ. वीर सिंह खरे की दो सदस्यीय टीम ने किया है। मामले की जांच एसडीएम सेंवढ़ा करेंगे। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी। संजय परिहार ने आत्महत्या क्यों की इसका खुलासा जांच के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल मृतक के सोसाइड नोट और परिजन के बयान तथा लोगों की मांग पर हमने टीआई पर कार्रवाई की है।
आरडी प्रजापति अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दतिया
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दतिया। कसबा सेंवढ़ा के बजरिया मोहल्ले में रहने वाले एक युवक ने मंगलवार की रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मरने से पहले युवक ने आईजी के नाम पत्र लिखा जिसमें सेंवढ़ थाने के पुलिस अधिकारी को अपनी मौत के लिये जिम्मेदार बताया। युवक ने पहले अपने हाथ की नसें काटी, इसके बाद फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। सुबह छोटे भाई ने उसे फांसी पर झूलता देखा और परिजनों को बताया। जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पहुंची। युवक की मौत के बाद गुस्साये परिजनों व कस्बा के लोगों ने बाजार बंद कराकर चक्का जाम कर दिया। एसपी डी कल्याण चक्रवर्ती ने टीआई को सस्पेंड कर मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश दे दिए हैं।
जानकारी के अनुसार कस्बा सेवढ़ा के बजरिया मोहल्ला में रहने वाले संजय (22) पुत्र कल्याण सिंह परिहार ने बुधवार की रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इससे पूर्व उसने हाथ की नसों को भी काटने का प्रयास किया। उसने आईजी के नाम सोसाइड नोट लिखा जिसमें उसने अपनी मौत का जिम्मेदार सेंवढ़ा थाने के एक पुलिस अधिकारी को बताया है। युवक की मौत के बाद सेंवढ़ा एसडीओपी नरेंद्र सिंह गहरवार, एफएसएल अधिकारी सतीश मान सहित पुलिस बल मौके पर पहुंचा। मृतक के पास पुलिस को आईजी नाम लिखा सोसाइड नोट मिला जिसमें उसने अपनी मौत के लिये टीआई चानना को जिम्मेदार ठहराया। इस बात की जानकारी जब कस्बा के लोगों को लगी तो वह आक्रोशित हो गये और बाजार बंद कर दिया। परिजन भी युवक के शव को लेकर बाजार पहुंच गए और जाम लगा दिया। मौके पर पहुंचे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आरडी प्रजापति व अन्य वरिष्ठ अधिकारियो ने लोगों को समझाने का प्रयास किया। लोग टीआई को सस्पेंड कर मामला दर्ज करने की मांग कर रहे थे। पहले टीआई का लाइन अटैच किया गया लेकिन लोगों के विरोध को देखते हुये आखिरकार एसपी ने टीआई को सस्पेंड कर मजिस्ट्रियल जांच आदेश दिए।
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मालूम हो कि गत 11 जुलाई को कस्बा सेंवढ़ा में शिक्षक बृजमोहन तिवारी के घर में उनकी पत्नी राधा और 22 वर्षीय बेटे शैलेंद्र की धारदार हथियारों से हत्या कर दी गई थी। पुलिस द्वारा आसपास के लोगों तथा शिक्षक के मकान के सामने काम करने वाले मजदूरों से पूछताछ के बाद भी हत्यारों का सुराग नहीं लग सका। राजनीतिक पार्टियों और सामाजिक संगठनों का भी दबाव लगातार बढ़ रहा था। चंबल आईजी द्वारा दोहरे हत्याकांड में लेटलतीफी को लेकर पुलिस पर पर दबाव बनाया था। पुलिस को शंका थी कि किसी लड़की को लेकर दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया गया है। पुलिस लड़की के बारे में जानना चाहती थी। चूंकि खुदकुशी करने वाला युवक संजय परिहार मृतक शैलेन्द्र तिवारी का दोस्त था और वह उसके साथ पढ़ा भी था। जानकारी करने के लिये गत 12 जुलाई को पुलिस ने संजय परिहार से भी पूछताछ की थी। इसके बाद भी उससे पूछताछ की गई। इसके बाद वह गुजरात के सूरत में किसी निजी कंपनी में करने के लिये चला गया। 14 अगस्त को ग्वालियर से स्थानांतरित होकर आए अजय चानना ने सेंवढ़ा टीआई का चार्ज लिया और नए सिरे से दोहरे हत्याकांड की जांच शुरू की। इस दौरान स्टाफ के लोगों ने पुलिस संजय के बारे में बताया। पुलिस द्वारा 25 अगस्त को सूरत से संजय को सेंवढ़ा बुलाया गया। 27 अगस्त को वह सेंवढ़ा आया और सीधा थाने पहुंच गया। शाम को उसके परिजन आलोक सिंह परिहार थाना से घर लेकर पहुंचे। बुधवार की सुबह पांच बजे संजय का शव परिजनों को उसके कमरे में मिला। सोसाइड नोट में लिखा आईजी साहब ऐसी होती है पुलिस, मृतक संजय ने आईजी चंबल के नाम छोड़े सोसाइड नोट में सेवढ़ा थाने के एक पुलिस अधिकारी पर गंभीर आरोेप लगाए गए हैं।
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टीआई को पहले किया लाइन अटैच फिर निलंबित
युवक की मौत के बाद लोगों का आक्त्रसेश देखते हुये एसपी डी कल्याण चक्रवर्ती ने पहले टीआई चानना को लाइन अटैच किया लेकिन परिजन निलंबित करने की मांग करने लगे। इसके चलते एसपी ने टीआई को निलंबित कर दिया। साथ ही मजिस्ट्रियल जांच के लिए कलेक्टर के पास अनुशंसा भेजी। कलेक्टर के आदेश के बाद मजिस्ट्रियल जांच शुरू होगी।
इनका कहना है- इस संबंध में टीआई चानना का कहना कि उन्होंने उसे हाथ भी नहीं लगाया। जांच अधिकारी होने के नाते मैं इस अंधे हत्याकांड का पर्दाफाश करने में लगा हूं। सब इंस्पेक्टर महेश तोमर ने बताया कि पूर्व में भी संजय से पूछताछ हुई है, उसे एक बार और उसे बुलाकर बात की जाए, इसी आधार पर उसे बुलाया। पर उसे हाथ भी नहीं लगाया। न ही लॉकअप में ले गया। थाना परिसर में बने मंदिर के बगल में बैठ कर ही बात की और बाद में आलोक सिंह परिहार उसे ले गए। मुझे समझ में नहीं आ रहा कि उसने आत्महत्या क्यों की।
मजिस्ट्रयल जांच के आदेश दिए-
मृतक संजय परिहार का पीएम डॉ.नरेंद्र शर्मा एवं डॉ. वीर सिंह खरे की दो सदस्यीय टीम ने किया है। मामले की जांच एसडीएम सेंवढ़ा करेंगे। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी। संजय परिहार ने आत्महत्या क्यों की इसका खुलासा जांच के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल मृतक के सोसाइड नोट और परिजन के बयान तथा लोगों की मांग पर हमने टीआई पर कार्रवाई की है।
आरडी प्रजापति अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दतिया