फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Youth dies after six hours of agony, did not get treatment, EMO suspended

Jhansi News: छह घंटे तड़पने के बाद युवक की मौत नहीं मिला इलाज, ईएमओ निलंबित

Sat, 22 Feb 2025 02:39 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 22 Feb 2025 02:39 AM IST
विज्ञापन
Youth dies after six hours of agony, did not get treatment, EMO suspended

विज्ञापन


अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। दुर्घटना में घायल युवक की समय पर इलाज न मिलने पर मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई। इस मामले में आकस्मिक चिकित्साधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। परिजन के हंगामे के बाद मेडिकल प्रशासन की ओर से यह कार्रवाई की गई है। परिजन का आरोप है कि युवक तकरीबन छह घंटे तक तड़पता रहा, लेकिन उसका इलाज नहीं किया गया। मौत के बाद उसे भर्ती करने की औपचारिकता की गई थी।
प्रेमनगर थाना इलाके के राजगढ़ निवासी विनय अहिरवार (18) एक ठेकेदार के यहां बिजली का काम करता था। उसकी बड़ी बहन सोनम ने बताया कि विनय बृहस्पतिवार की सुबह तकरीबन 11 बजे ठेकेदार के भाई शहबाज उर्फ बिट्टो के साथ बाइक से काम करने के लिए शिवपुरी जा रहा था। इसी दौरान रक्सा टोल प्लाजा के पास एक ट्रक ने बाइक में टक्कर मार दी थी। दुर्घटना में विनय गंभीर रूप से घायल हो गया था। जबकि, शहबाज को मामूली चोट आई थी। आनन-फानन में विनय को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। बहन ने बताया कि सूचना पर वह, मां राजकुमारी और पिता मेडिकल कॉलेज पहुंच गए थे।
विज्ञापन

बहन ने बताया कि जब वह दोपहर 12 बजे मेडिकल की इमरजेंसी में पहुंचे तो वहां भाई दर्द से चीख रहा था। बावजूद उसका इलाज नहीं किया जा रहा था। शरीर में हुए घाव से खून बह रहा था, लेकिन इसकी रोकथाम का कोई उपाय नहीं किया जा रहा था। बहन ने कहा कि उसका उन्हीं लोगों द्वारा एक्स-रे और सीटी स्कैन कराया गया, जिसे देखकर डॉक्टर ने कहा कि सब ठीक है, लेकिन भाई को देखने को डॉक्टर नहीं आया। पिता ने एक डॉक्टर के हाथ-पैर तक जोड़े। शाम 5:27 बजे उसे भर्ती किया गया, लेकिन तब तक वह मर चुका था। भाई छह घंटे तक तड़पता रहा, लेकिन उसे इलाज नहीं मिला, जिससे भाई की मौत हो गई। युवक की मौत की सूचना पर बृहस्पतिवार की देर रात काफी संख्या में लोग मेडिकल कॉलेज पहुंच गए थे। इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया था। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। भीड़ ने कई बार इमरजेंसी के भीतर घुसने की कोशिश की थी, लेकिन पुलिस और सुरक्षा कर्मियों ने रोक दिया था। तकरीबन तीन घंटे तक हंगामा चलता रहा था। पुलिस के आश्वासन पर मामला शांत हुआ। परिजन की ओर से लिखित शिकायत सीएमओ को दी गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस मामले में मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डा. मयंक सिंह ने बताया कि युवक को भर्ती करने में लापरवाही सामने आने पर ड्यूटी पर मौजूद आकस्मिक चिकित्साधिकारी डॉ. राजकुमार राणा को निलंबित कर दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed