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कहीं योग के नियमों से बेपरवाह तो नहीं है हम
jhansi
Updated Sat, 07 Oct 2017 12:43 AM IST
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- फोटो : demo pic
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योग से फायदा लेने में इन दिनों होड़ मची हुई है। यही कारण है कि गली - मुहल्ले से लेकर स्कूल - कालेजों तक में भी योग आसन कराए जा रहे है। माध्यमिक के स्कूलों में शारीरिक शिक्षा के पाठ्यक्रम में भी योग शामिल हो चुका है। लेकिन गौर करे कि कही योग के नियमों की धज्जियां तो नहीं उड़ाई जा रही है।
उल्लेखनीय है कि 27 सितंबर को रोहतक के एक प्राइवेट स्कूल में योग क्लास में योग क्रिया के दौरान छात्रा लाभ्या को पेट दर्द हुआ। इसके बाद उसकी मौत हो गई। मौत की प्रमुख वजहों में नाश्ता कर योग करना और बीमार होना माना जा रहा है। उक्त घटना के बाद भले ही हरियाणा एलर्ट हो चुका हो, लेकिन हमारे प्रदेश व जिले योग नियमों क ो लेकर लापरवाही बनी हुई है। कई स्कूलों में योग की कक्षाएं लगती है, लेकिन यह पता नहीं जाना जाता है, कि विद्यार्थी खाली पेट है । कही बीमार तो नहीं है। बच्चे में कितना सामर्थ है। जिला योग फेडरेशन के अध्यक्ष अखिलेश ब्रह्मचारी व सचिव अजय रजक के मुताबिक योग के प्रशिक्षण में कई सावधानियां बरतनी पड़ती है। इनमें जरूरी है कि संबंधित योग प्रशिक्षक एनसीईआरटी से मान्यता प्राप्त योग संस्था से प्रशिक्षित है। डिप्लोमा योगा एजूकेशन की डिग्री ली है। योगा में एनआईएस किए हैं। इनके अनुसार योग का प्रशिक्षण सरकार कौशल विकास के अंतर्गत शिक्षकों को दिलाए।
यह योगासन करने पड़ते है स्कूलों में बच्चों को
माध्यमिक के स्कूलों में भी विद्यार्थियों को योग का प्रशिक्षण दिया जाता है। इन स्कूलों में कक्षा छह से 8 तक के बच्चोें को सर्वांगसन, मत्स्यासन, धनुराषन, अर्द्ध मत्स्यासन आदि, कक्षा 9 से 10 तक के विद्यार्थियों को चक्रासन, शीर्षासन, कुरकुटसन, बकासन आदि, कक्षा 11 से 12 तक के बच्चों को शंखासन, उधित पदमासन आदि योग आसन कराए जाते है। इसके अलावा सूर्य नमस्कार क ी 12 क्रियाएं कराई जाती है। यह योग सिखाने की जिम्मेदारी स्कूल - कालेजों में व्यायाम शिक्षक की होती है। लेकिन जानकारों के अनुसार इन व्यायाम शिक्षकों को योग का प्रशिक्षण नहीं मिलता है। इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक डा. नीरज कुमार पांडेय ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर एक सप्ताह का प्रशिक्षण सभी व्यायाम शिक्षकों को दिया गया था। विभाग के पास जनपद स्तर के तीन विशेषज्ञ योग प्रशिक्षक है, जिनसे शिक्षकों को योग का प्रशिक्षण समय समय पर दिया जाता है।
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यह बरते सावधानी
-----------------
1 - योग मैट पर किया जाए
2 - खाली पेट करे
3 - खुली हवा सुबह करे
4 - खाना खाने के चार घंटे बाद करे योग
5 - सामर्थ के अनुसार योग करे
6 - उच्च रक्तचाप में योग न करे
7 - बंद कमरे में योग न करे
आपात स्थिति में यह करे
----------------------
योगासन दौरान किसी भी प्रकार की कठिनाई आए, तो प्राथमिक चिकित्सा में व्यक्ति को आराम से लिटाए। जिला योगा फेडरेशन के उपाध्यक्ष संजीव त्रिपाठी के मुताबिक जिस मांसपेशी का खिचाब हो, वहां मसाज की जाए। इसके बाद तुरंत चिकित्सक को दिखाएं ।
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उल्लेखनीय है कि 27 सितंबर को रोहतक के एक प्राइवेट स्कूल में योग क्लास में योग क्रिया के दौरान छात्रा लाभ्या को पेट दर्द हुआ। इसके बाद उसकी मौत हो गई। मौत की प्रमुख वजहों में नाश्ता कर योग करना और बीमार होना माना जा रहा है। उक्त घटना के बाद भले ही हरियाणा एलर्ट हो चुका हो, लेकिन हमारे प्रदेश व जिले योग नियमों क ो लेकर लापरवाही बनी हुई है। कई स्कूलों में योग की कक्षाएं लगती है, लेकिन यह पता नहीं जाना जाता है, कि विद्यार्थी खाली पेट है । कही बीमार तो नहीं है। बच्चे में कितना सामर्थ है। जिला योग फेडरेशन के अध्यक्ष अखिलेश ब्रह्मचारी व सचिव अजय रजक के मुताबिक योग के प्रशिक्षण में कई सावधानियां बरतनी पड़ती है। इनमें जरूरी है कि संबंधित योग प्रशिक्षक एनसीईआरटी से मान्यता प्राप्त योग संस्था से प्रशिक्षित है। डिप्लोमा योगा एजूकेशन की डिग्री ली है। योगा में एनआईएस किए हैं। इनके अनुसार योग का प्रशिक्षण सरकार कौशल विकास के अंतर्गत शिक्षकों को दिलाए।
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यह योगासन करने पड़ते है स्कूलों में बच्चों को
माध्यमिक के स्कूलों में भी विद्यार्थियों को योग का प्रशिक्षण दिया जाता है। इन स्कूलों में कक्षा छह से 8 तक के बच्चोें को सर्वांगसन, मत्स्यासन, धनुराषन, अर्द्ध मत्स्यासन आदि, कक्षा 9 से 10 तक के विद्यार्थियों को चक्रासन, शीर्षासन, कुरकुटसन, बकासन आदि, कक्षा 11 से 12 तक के बच्चों को शंखासन, उधित पदमासन आदि योग आसन कराए जाते है। इसके अलावा सूर्य नमस्कार क ी 12 क्रियाएं कराई जाती है। यह योग सिखाने की जिम्मेदारी स्कूल - कालेजों में व्यायाम शिक्षक की होती है। लेकिन जानकारों के अनुसार इन व्यायाम शिक्षकों को योग का प्रशिक्षण नहीं मिलता है। इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक डा. नीरज कुमार पांडेय ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर एक सप्ताह का प्रशिक्षण सभी व्यायाम शिक्षकों को दिया गया था। विभाग के पास जनपद स्तर के तीन विशेषज्ञ योग प्रशिक्षक है, जिनसे शिक्षकों को योग का प्रशिक्षण समय समय पर दिया जाता है।
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यह बरते सावधानी
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1 - योग मैट पर किया जाए
2 - खाली पेट करे
3 - खुली हवा सुबह करे
4 - खाना खाने के चार घंटे बाद करे योग
5 - सामर्थ के अनुसार योग करे
6 - उच्च रक्तचाप में योग न करे
7 - बंद कमरे में योग न करे
आपात स्थिति में यह करे
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योगासन दौरान किसी भी प्रकार की कठिनाई आए, तो प्राथमिक चिकित्सा में व्यक्ति को आराम से लिटाए। जिला योगा फेडरेशन के उपाध्यक्ष संजीव त्रिपाठी के मुताबिक जिस मांसपेशी का खिचाब हो, वहां मसाज की जाए। इसके बाद तुरंत चिकित्सक को दिखाएं ।