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जिले में सबसे ज्यादा ‘यादव’ थानेदार

Tue, 24 May 2016 12:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 24 May 2016 12:32 AM IST
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yadav police officers in jhansi
police, jhansi hindi news - फोटो : demo
झांसी। आरक्षण प्रक्रिया को दर किनार कर झांसी के सभी 26 थानों में जाति विशेष (यादव) के लोगों को ही थानेदारी दी गई है। इसे सत्ता पक्ष का वरदहस्त कहें या फिर शासन की मंशा। लेकिन आरक्षण का कोरम पूरा करने में पुलिस के उच्चाधिकारी बैकफुट पर हैं।
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जनपद में एक महिला थाना समेत कुल 26 थाने हैं। इनमें आरक्षण के हिसाब से सामान्य वर्ग के लिए 13, पिछड़ी जाति के लिए 6, एससी/एसटी के लिए 6 एवं अल्पसंख्यक वर्ग के लिए 1 थानेदार होना चाहिए। लेकिन जनपद में इसके उलट चल रहा है। झांसी एसएसपी ने आरक्षण प्रक्रिया को दरकिनार कर दिया है और जाति विशेष को तवज्जो देते हुए उसे सबसे ज्यादा थानों की जिम्मेदारी सौंपी हैं।
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वर्तमान में सामान्य वर्ग से 5 ब्राह्मण, 2 क्षत्रिय, वैश्य, निगम व भूमिहर को एक-एक थाने का प्रभार दिया गया है। इसी प्रकार अन्य पिछड़ा वर्ग से केवल यादवों को 11 थानो एवं कुर्मी जाति के दरोगा को एक थाने का प्रभार दिया गया है। इसी प्रकार एससी/एसटी के लिए आरक्षित 6 थानों में से महज तीन ही दिए गए हैं। इनमें दोहरे, धोबी व पासी जाति के एक-एक थानेदार शामिल हैं। वहीं अल्पसंख्यक वर्ग के लिए आरक्षित एक थाने में एक अल्पसंख्यक वर्ग का दरोगा थानेदारी संभाले है।
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‘योग्य व प्रशिक्षित उपनिरीक्षक अथवा निरीक्षक को ही थाने का प्रभार सौंपा जाता है। कभी-कभी उपलब्धता के आधार पर भी थानों के आवंटन में आरक्षण प्रक्रिया को मजबूरीवश दरकिनार करना पड़ता है।’
दिनेश कुमार सिंह
प्रभारी एसएसपी
झांसी।
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