फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   ya ali ya hushen ki gunjthi rhi sadaiye

या अली - या हुसैन की गूंजती रहीं सदाएं

Wed, 11 Sep 2019 02:09 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 11 Sep 2019 02:09 AM IST
विज्ञापन
ya ali ya hushen ki gunjthi rhi sadaiye
मोहर्रम पर नगर में ताजिये व बुर्राख के जुलूस में निकले अखाड़ों में शामिल युवाओं ने हैरतअंगेज करत?
या हुसैन अलविदा की गूंजती रहीं सदाएं
विज्ञापन

झांसी। यौमे आशूरा पर शहर के विभिन्न इलाकों से निकाले गए ताजियों के जुलूस में या हुसैन अलविदा की सदाएं गूंजतीं रहीं। जुलूस के साथ अकीदतमंद कर्बला पहुंचे। वहां पर नम आंखों से ताजिये सुपुर्देआब कर दिए गए। इसके अलावा घरों में लोगों ने शहादतनामें भी सुनें। इस दौरान उलमा ने कर्बला में हजरत इमाम हुसैन की शहादत बयान की। घरों में पकवान बनाकर फातिहा कराया गया। लक्ष्मीताल स्थित कर्बला में सुबह से ही भीड़भाड़ का सिलसिला शुरू हो गया। कर्बला में जियारत करने के लिए हजारों की तादाद में अकीदतमंद पहुंचने लगे। इसके बाद ताजिया, बुर्राक, अखाड़े मस्जिद व अन्य इमारतें गंधीगर का टपरा हुए एकत्रित हुए। इसे देखने के लिए हजारों का मजमा लगा रहा। ताजिया कमेटी के जिलाध्यक्ष एडवोकेट याकूब अहमद मंसूरी ने मिसिलबद्घ कराया। इसके बाद जुलूस सराफा बाजार, मानिक चौक, सिटी पोस्ट ऑफिस व सिंधी तिराहा होते हुए रानी महल पहुंचा।
अखाड़ों में लोग करतब दिखा रहे थे। वहीं बैंड पर या हुसैन, या अली के नारे और मातमी धुन बज रहीं थीं। ताजिया की झलक पाने, मन्नतें मांगने और ताजिया में कलावा व मेवे का सेहरा बांधने वालों की भीड़ लगी रही। अकीदत के साथ लोगों ने ताजिया की जियारत की। इसके बाद सभी ताजिया कर्बला के पानी में ले जाकर ठंडे कर दिए गए। यह सिलसिला देर रात तक चलता रहा।
विज्ञापन

इस मौके पर फकीर हम्माल, कासिम उस्ताद, इमामी हमीद, हबीब खान, बिसाती बाजार व अन्य समाज की बुर्राकें आकर्षण का केंद्र रहीं। जुलूस की व्यवस्था में एसपी सिटी श्रीप्रकाश द्विवेदी, सीओ सिटी डॉ. अभिषेक कुमार, कोेतवाली प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र कुमार द्विवेदी, मुकेश अग्रवाल, रवीश त्रिपाठी, अतुल किलपन, मोहन नेपाली, मौलाना कामिल, हनीफ खान, मोहम्मद तवरेज, एडवोकेट मकसूद, राशिद, शमशाद, अनवार राइन का सहयोग रहा। वहीं, वरिष्ठ उपाध्यक्ष एडवोकेट नूर अहमद मंसूरी ने सभी का आभार जताया। इधर, नवाबाद इलाके में में प्रभारी निरीक्षक संजय सिंह, सीपरी बाजार में प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार गुप्ता, प्रेमनगर प्रभारी निरीक्षक आशीष मिश्रा व सदर बाजार प्रभारी निरीक्षक में पुलिस व्यवस्था देर रात चलती रही।
विज्ञापन
विज्ञापन

उधर, मेरा भारत महान मिशन की ओर से सीपरी बाजार में सभी ताजियेदारों को शाल भेंटकर सम्मानित किया गया। निरीक्षण कमेटी के अध्यक्ष ने तीन ताजियों को पुरस्कार के लिए चुना। डा. फिरोज खान ने इकबाल खान को प्रथम पुरस्कार 3100 रुपये और शील्ड दी। द्वितीय पुरस्कार 2100 रुपये और शील्ड लियाकत खान और तीसरा पुरस्कार 100 रुपये और शील्ड आजाद खान को दी गई। प्रेमनगर में नवीं की देर रात तक ताजियों के जुलूस निकाले गए। दसवीं पर भी जुलूस अलग-अलग रास्तों से कर्बला पहुंचे। गरिया फाटक पर पानी, शरबत, दूध आदि का वितरण किया गया। इसमें ताजिया बुर्राक अखाड़ा कमेटी जहीर कुरैशी, अलीम मास्टर, अमजद अली, रहीस खां, हाशिम खां, नवाब खां आदि मौजूद रहे। ताजिया कमेटी पुलिया नंबर नौ से ताजिया और बुर्राक का जुलूस निकाला गया।
इमाम हुसैन की याद में हुआ लंगर
इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की याद में अकीदतमंदों ने खिचड़ा, खीर, बिरयानी पर फातिहा दिलाकर शहीद-ए-आजम को श्रद्धांजलि दी। कर्बला के शहीदों के नाम पर फातिहा दिलाकर हजारों डेगें खिचड़ा, बिरयानी और जर्दा श्रद्धालुओं में वितरित किया। कर्बला में संगठनों ने कैंप लगाकर तबर्रुक वितरित किया। लोगों ने रोजा भी रखा, जिसे शाम को मगरिब की अजान होने पर अकीदत के साथ खोला गया।

अजादारों ने किया जंजीर और छुरियों का मातम
हजरत इमाम हुसैन और उनके जानशीनों की याद में शिया अजादारों ने मातम कर खिराजे अकीदत पेश की। जंजीर, छुरियों, तलवारों से शिया अजादारों ने मातम किया।
मेवातीपुरा में मुहर्रम से मजलिसों और मातम का सिलसिला चल रहा है। मंगलवार को मजलिसे अजा में मर्सियाख्वानी में सरदार हुसैन, काजिम रजा, आबिद रजा और ‘साथियोें ने रोएं न क्यूं कर गुलाम, हो गया मुहर्रम’ तमाम मर्सिया पढ़ते ही लोगों की आंखें नम हो गईं। शहंशाह हैदर आब्दी ने कहा कि इमाम हुसैन की शहादत को किसी एक धर्म या समाज से नहीं देखा जाना चाहिए। हमें गर्र्व है कि हम हिंदुस्तानी हैं और इमाम हुसैैन के अजादार हेैं। मातमी सदाओं के साथ नोहा-ओ-मातम हुआ और मातमी जुलूस निकाला। महिलाओं ने मातम मनाया, तो नौजवान और बच्चे भी छुरियों और कमा से अपने शरीरों को लहूलुहान करने लगे। उधर, घरैय्या लाइन से अंजुमने हुसैनी के नेतृत्व में अंजुमने तमन्ना अब्बास के मातमदारों का भी जुलूस निकला जो गंधीगर टपरा रपर अंजुमने अब्बसिया के मातमी जुलूस में शामिल हुआ। सैयद अदीब हैदर, जुल्फिकार हुसैन, सुखनवर अली, साहिअबे आलम, अली समर, अनवर नक्वी, तशब्बर बेग आदि रजा ने नौैहे पढ़े। इस मौके पर शाने हैदर जैदी, नजर हैदर, फाईक, आचार्य विष्णु गोलवलकर, वीरेंद्र अग्रवाल, हैदर अली गाजी, मौलाना सैयद फरमान अली, मौलाना सैयद मिकदाद हुसैन, जायर सगीर मेहंदी, हाजी तकी हसन, शाकिर अली मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed