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Jhansi News: वोल्टेज की समस्या से बंद रहती है एक्सरे मशीन, रोगी परेशान
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी बिल्डिंग के एक्सरे विभाग में वोल्टेज की समस्या नासूर होती जा रही है। इससे एक एक्सरे मशीन बंद रहती है और दूसरी धीमी चलती है। इससे रोगियों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। यही नहीं, न सिर्फ रोगियों के बीच में धक्कामुक्की होती है बल्कि कर्मियों से विवाद भी होता है।
मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में आने वाले रोगियों के एक्सरे जांच ओपीडी बिल्डिंग में लगी मशीन पर होती है। चूंकि रोजाना एक हजार से 1200 रोगियों के एक्सरे होते हैं। इसलिए दो मशीनें लगी हुई हैं। एक मशीन की क्षमता कम है और काफी धीमी गति से चलती है। दूसरी मशीन उच्च क्षमता की है और तेजी से एक्सरे खींचती है। इस मशीन को चलाने के लिए पर्याप्त वोल्टेज की जरूरत होती है, जो सुबह ओपीडी और दफ्तरों के एसी चलने की वजह से प्रभावित होते हैं। इससे उच्च क्षमता की एक्सरे मशीन काम करना बंद कर देती है और पूरा लोड कम क्षमता की एक्सरे मशीन पर पड़ जाता है। इसकी वजह से रोगियों की लंबी लाइनें लगी रहती है और आए दिन वाद-विवाद होता है। एसआईसी डॉ. सचिन माहुर का कहना है कि वोल्टेज की समस्या का निदान करने के लिए एक मशीन की डिमांड की गई है, जिसके आते ही समस्या का निदान हो जाएगा।
झांसी। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी बिल्डिंग के एक्सरे विभाग में वोल्टेज की समस्या नासूर होती जा रही है। इससे एक एक्सरे मशीन बंद रहती है और दूसरी धीमी चलती है। इससे रोगियों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। यही नहीं, न सिर्फ रोगियों के बीच में धक्कामुक्की होती है बल्कि कर्मियों से विवाद भी होता है।
मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में आने वाले रोगियों के एक्सरे जांच ओपीडी बिल्डिंग में लगी मशीन पर होती है। चूंकि रोजाना एक हजार से 1200 रोगियों के एक्सरे होते हैं। इसलिए दो मशीनें लगी हुई हैं। एक मशीन की क्षमता कम है और काफी धीमी गति से चलती है। दूसरी मशीन उच्च क्षमता की है और तेजी से एक्सरे खींचती है। इस मशीन को चलाने के लिए पर्याप्त वोल्टेज की जरूरत होती है, जो सुबह ओपीडी और दफ्तरों के एसी चलने की वजह से प्रभावित होते हैं। इससे उच्च क्षमता की एक्सरे मशीन काम करना बंद कर देती है और पूरा लोड कम क्षमता की एक्सरे मशीन पर पड़ जाता है। इसकी वजह से रोगियों की लंबी लाइनें लगी रहती है और आए दिन वाद-विवाद होता है। एसआईसी डॉ. सचिन माहुर का कहना है कि वोल्टेज की समस्या का निदान करने के लिए एक मशीन की डिमांड की गई है, जिसके आते ही समस्या का निदान हो जाएगा।
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