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Jhansi News: महिला रेलकर्मी अपने बच्चों को बना सकेंगी पेंशन का हकदार
Mon, 18 Mar 2024 02:41 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Updated Mon, 18 Mar 2024 02:41 AM IST
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झांसी। रेलवे बोर्ड ने महिला रेलकर्मियों के भविष्य को सुरक्षित करने की पहल की है। जिन महिला रेल कर्मियों का पति से विवाद चल रहा है, वे अपने बच्चों को पेंशन का हकदार बना सकेंगीं। इसका लाभ झांसी मंडल में तैनात लगभग 1000 महिला कर्मचारियों को मिलेगा।
किसी भी रेलकर्मी की पेंशन पर पहला अधिकार उसकी पत्नी या पेंशन के लिए पात्र पति का होता है। पति-पत्नी की मृत्यु के बाद ही कर्मचारी के आश्रित नाबालिग, विद्यार्थी, दिव्यांग, मानसिक दिव्यांग और अविवाहित पुत्री को पेंशन का लाभ दिया जाता है। लेकिन, अब रेलवे ने इस नियम में बदलाव कर दिया है। रेलवे बोर्ड के निदेशक ईडीई (एन) रविंदर कुमार ने बताया कि ऐसे कई मामले प्रकाश में आए हैं जिनमें महिला रेलकर्मी का पति से घरेलू हिंसा, तलाक या अन्य विवाद चल रहा है। ऐसे मामले में महिला रेलकर्मी अपने आश्रित बच्चों को पति से पहले पेंशन का अधिकार दे पाएंगी। झांसी मंडल में भी इस प्रक्रिया को लेकर कागजी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसमें वह अपने बाद बच्चों को पेंशन देने के लिए नामित कर रही हैं। संवाद
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किसी भी रेलकर्मी की पेंशन पर पहला अधिकार उसकी पत्नी या पेंशन के लिए पात्र पति का होता है। पति-पत्नी की मृत्यु के बाद ही कर्मचारी के आश्रित नाबालिग, विद्यार्थी, दिव्यांग, मानसिक दिव्यांग और अविवाहित पुत्री को पेंशन का लाभ दिया जाता है। लेकिन, अब रेलवे ने इस नियम में बदलाव कर दिया है। रेलवे बोर्ड के निदेशक ईडीई (एन) रविंदर कुमार ने बताया कि ऐसे कई मामले प्रकाश में आए हैं जिनमें महिला रेलकर्मी का पति से घरेलू हिंसा, तलाक या अन्य विवाद चल रहा है। ऐसे मामले में महिला रेलकर्मी अपने आश्रित बच्चों को पति से पहले पेंशन का अधिकार दे पाएंगी। झांसी मंडल में भी इस प्रक्रिया को लेकर कागजी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसमें वह अपने बाद बच्चों को पेंशन देने के लिए नामित कर रही हैं। संवाद
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