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निर्जल व्रत रखा, अस्त होते सूर्य को दिया अर्घ्य

Fri, 27 Oct 2017 01:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूराो
अमर उजाला ब्यूराो Updated Fri, 27 Oct 2017 01:35 AM IST
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women celebrate chhal chath
jhansi news - फोटो : demo
महानगर में भोजपुरी समाज के श्रद्धालुओं ने 36 घंटे का निर्जल व्रत रखते हुए छठ पूजा की और पानी में खडे़ होकर अस्त होते सूर्य को अर्घ्य दिया। बांस की डलिया में मौसमी सब्जियां, फल तथा गुड व आटा से बना ठेकुआ रखकर भगवान सूर्य को अर्पित किया। इस मौके पर छठ माता की भक्ति में भोजपुरी भाषा में मधुर भजन गाए गए। वहीं व्रत का समापन शुक्रवार की सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देकर होगा।
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पंचकुइयां स्थित गऊशाला में छठ पूजा के अंतर्गत मंदिर में छठ माता की पूजा की गई। इस दौरान गऊशाला व मंदिर को आकर्षक सजावट दी गई।

शाम को गऊशाला में सभी महिला व पुरुष श्रद्धालुओं ने भजन गायन के बीच बांस की डलिया में मौसमी फल, सब्जियां, मिठाईयां भगवान सूर्य को अर्पण क र उनकी पूजा की। रात में भजन गायकों ने मधुर भजन केरवा जे फरेला घपद से ओपर सुग्गा..., पटना शहर पटनेहिया ए बनारस अईसन घाट...., ए कापी - कापी बोलेली छठी माई सुनी ए सेवक.... को प्रस्तुत कर लोगों को भक्ति में झूमने पर मजबूर कर दिया।
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इस अवसर पर सिपाही राय, मोहित पचौरी, रविंद्र यादव, प्रदीप रावत, ठाकुर अरविंद सिंह, बृजकिशोर सिंह, रविकांत मिश्रा, अनिल सोनी, राकेश यादव, जगत प्रसाद व्यास, लाल बाबू यादव आदि मौजूद रहे। इधर, आईटीआई छठ पूजा समिति की ओर से सूर्य उपासना का पर्व धूमधाम से मनाया गया। श्रद्धालुओं में हरनारायण यादव, सुदर्शन राय, संजय कुमार, आदित्य यादव, विकास गुप्ता, जीवन कुमार मधुकर आदि मौजूद रहे।
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चार दिन का उत्सव है छठ पूजा
छठ पूजा, जिसे डाला छठ भी कहते है, पर भगवान सूर्य देव और उनकी बहन छठ मैया की पूजा की जाती है। चार दिन के धार्मिक उत्सव में कार्तिक की चौथ को नहाय खाय कहते है। इसमें लौकी के खाने का प्रसाद चढ़ता है। पंचमी को खरना कहते है। इस दिन गुड आटे से बनी रोटी अर्पित की जाती है। षष्ठी को छठ पूजा कहते है, जिसमें अस्त होते सूर्य की आराधना की जाती है। सप्तमी को सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का समापन होता है। भोजपुरी समाज के गनेश कुमार और प्रदीप रावत ने बताया कि छठ माता का रूप निराकार है, जिनकी कोई मूर्ति या चित्र मंदिर में नहीं रखा जाता है।

छठ पूजा की
बबीना। बबीना के ग्राम टपरियन में छठ पूजा का आयोजन बड़े धूमधाम से हुआ। इस मौके पर महिलाओं ने निर्जला व्रत रखकर फल फूल के साथ छठ पूजा की।
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