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Jhansi News: फर्राटा भर रहीं महिलाएं, लाइसेंस लेने में पीछे
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रिजवान उज्जमा
झांसी। जिले में वाहन खरीदने और उस पर फर्राटा भरती महिलाएं सड़कों पर खूब दिखाई दे जाएंगी, लेकिन लाइसेंस लेने में काफी पीछे हैं। परिवहन विभाग की ओर से पिछले दो साल में जारी किए गए कुल लाइसेंस 25666 में सिर्फ 3079 महिलाओं ने ही दिलचस्पी दिखाई है।
जिले में 5 लाख से अधिक वाहन पंजीकृत हैं। हर साल करीब 10 से 12 हजार ड्राइविंग लाइसेंस भी बनते हैं। जिले में स्कूटी चालक महिलाओं की संख्या भी कम नहीं है, लेकिन बात जब लाइसेंस लेने की आती है तो यही महिलाएं पुरुषों से पिछड़ती नजर आती हैं। परिवहन विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो ड्राइविंग लाइसेंस लेने के मामले में केवल 10 फीसदी ही महिलाएं हैं, जो इसमें दिलचस्पी दिखा रही हैं। एक अप्रैल 2023 से 31 मार्च 2025 तक जिले में कुल 25666 ड्राइविंग लाइसेंस जारी किए गए। इनमें 22577 पुरुषों तो 3079 महिलाओं के नाम हैं। वहीं, वाहन बिक्री की स्थिति पर नजर डालें तो 2024-25 में 41853 वाहन परिवहन विभाग में पंजीकृत हुए हैं। इस हिसाब से पिछले दो साल में करीब 83 हजार वाहन पंजीकृत हुए। इनमें दोपहिया वाहन, कार यहां तक कि व्यावसायिक वाहन भी महिलाओं के नाम पंजीकृत हैं, लेकिन वाहन खरीदने की अपेक्षा महिलाओं के ड्राइविंग लाइसेंस बहुत कम बन रहे हैं। (संवाद)
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बिना लाइसेंस वाहन चलाने पर यह है नुकसान
एआरटीओ के अनुसार, बगैर लाइसेंस के वाहन चलाने पर अधिकतम पांच हजार रुपये का जुर्माना होता है। यदि चालक के पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं है तो दुर्घटना होने की स्थिति में बीमा क्लेम नहीं मिलता।
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बॉक्स में -
जांच अधिकारी नहीं देते महिला चालकों पर ध्यान
ड्राइविंग लाइसेंस लेने में महिलाओं के लापरवाही बरतने के मामले में सड़क पर जांच करने वाले अधिकारी भी जिम्मेदार हैं। अक्सर देखा जाता है कि जांच के दौरान लाइसेंस न होने पर पुरुषों पर कार्रवाई तो की जाती है, लेकिन महिलाओं के मौके से जाने दिया जाता है। कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। सख्ती न होने की वजह से भी नियमों के पालन में महिलाएं लापरवाही बरतती हैं।
वर्जन -
महिलाओं के नाम वाहन भले ही पंजीकृत हों, लेकिन उनके लाइसेंस की संख्या कम है। छात्राएं और कामकाजी महिलाएं ही लाइसेंस बनवाने पर ध्यान देती हैं। महिलाओं में जागरुकता लाने की जरूरत है। - डॉ. सुजीत सिंह, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन), झांसी