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पानी के लिए हुए ‘आग बबूला’, लगाया जाम
Thu, 27 Dec 2018 12:35 AM IST
देवेंद्र कुमार
jhansi
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Published by: देवेंद्र कुमार
Updated Thu, 27 Dec 2018 12:35 AM IST
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watter problems
- फोटो : demo
एक सप्ताह से नलों में पानी न आने से परेशान बड़ागांव गेट बाहर क्षेत्र के लोगों का बुधवार को गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों की संख्या में इकट्ठा हुए क्षेत्रीय लोगों ने नारायण बाग तिराहे पर दोपहर में जाम लगा दिया। इससे तीनों ओर की सड़कों का यातायात बाधित हो गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाने की कोशिश की, परंतु वे नहीं माने। बाद में जल संस्थान के अधिकारियों का समस्या का जल्द समाधान किए जाने का आश्वासन मिलने पर जाम खोला गया। इससे तकरीबन डेढ़ घंटे तक हंगामे की स्थिति बनी रही।
बड़ागांव गेट बाहर स्थित मद्रासी कॉलोनी, गायत्री कॉलोनी, सत्यम कॉलोनी, अन्नापूर्णा कॉलोनी व मास्टर कॉलोनी की आबादी दस हजार से अधिक है। यहां भूगर्भ जल नहीं है, ऐसे में लोग पूरी तरह से नल से आने वाली पानी पर निर्भर हैं। एक सप्ताह पहले क्षेत्र में आने वाली पाइप लाइन में लीकेज हो गया था, जिससे घरों तक पानी पहुंचना बंद हो गया। जल संस्थान में कई बार शिकायत की गई, लेकिन संस्थान के कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से लीकेज ठीक नहीं हो पाया और घरों तक पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी। हालात ये हैं कि लोगों को दो किलोमीटर दूर से पानी भरकर लाना पड़ रहा है। पानी की कमी से घरों के रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं। इससे गुस्साए लोग बुधवार की सुबह तकरीबन ग्यारह बजे नारायण बाग तिराहे पर इकट्ठा हो गए। लोगों ने सड़कों पर बैठकर तीनों ओर के रास्तों का जाम कर दिया। इससे क्षेत्र का आवागमन ठप हो गया। सूचना पाकर शहर कोतवाल संजय सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने जाम लगाए बैठे लोगों को समझाने का प्रयास किया, परंतु वे नहीं माने। लोगों का कहना था कि जब तक समस्या का समाधान नहीं हो जाएगा, वे जाम नहीं खोलेंगे। इस पर मौके पर ही पुलिस ने जल संस्थान के अधिकारियों से फोन पर बात की। जल संस्थान की ओर से समस्या के समाधान का आश्वासन मिलने के बाद लोगों ने जाम खोला।
निजी लोगों को भी नहीं करने दिया काम
क्षेत्रीय पार्षद किशोरी प्रसाद रायकवार ने बताया कि पानी नहीं आने के कारण एक सप्ताह से क्षेत्र के लोग परेशान हैं। जलसंस्थान को अवगत कराया गया, परंतु उन्होंने हड़ताल का हवाला देकर पाइप लाइन की मरम्मत करने से इंकार कर दिया। प्राइवेट लोगों को लीकेज ठीक करने के लिए बुलाया गया, परंतु जल संस्थान के हड़ताली कर्मचारियों ने उन्हें भी काम नहीं करने दिया। दिनों दिन समस्या और विकराल होती जारी है, परंतु प्रशासन समाधान नहीं कर पा रहा है।
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होगा समाधान, मिलेगा पानी
बड़ागांव गेट बाहर क्षेत्र में व्याप्त पानी की समस्या की जानकारी हुई है। जल संस्थान कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से लीकेज ठीक नहीं हो पाया है। लेकिन, अब जल निगम की टीम भेजकर समस्या का समाधान किया जाएगा। साथ ही हड़ताल के समाधान के भी प्रयास चल रहे हैं।
- शिवसहाय अवस्थी, जिलाधिकारी
पानी के लिए होता है रतजगा
नलों में पानी न आने की वजह से बड़ागांव गेट बाहर क्षेत्र के लोगों को रतजगा तक करना पड़ रहा है। लोग नारायण बाग के पास लगे नल से पानी भरने जाते हैं। यहां दिन में भारी भीड़ जमा हो जाती है। ऐसे में तमाम लोग सर्द रात में वहां पानी भरने जाते हैं। ऐसे में असामाजिक तत्वों का खतरा भी बना रहता है। लेकिन, मजबूरी में लोगों को अपनी रात खराब करनी पड़ती है।
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क्षेत्र में पानी की समस्या विकराल हो गई है। अफसरों से लेकर जनप्रतिनिधियों तक का दरवाजा खटखटा चुके हैं। बावजूद, कोई नहीं सुन रहा है।
- सौरभ यादव
पानी की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। यही हाल रहा तो आगे उग्र प्रदर्शन किया जाएगा। प्रशासन को समस्या का जल्द समाधान करना चाहिए।
- अमित चतुर्वेदी
समस्या इतनी है कि रात के समय पानी भरना पड़ता है। जो सभी के लिए शर्म की बात है। लेकिन, जिम्मेदार अनजान बने बैठे हैं।
- लक्ष्मी
पानी के नाम पर जनप्रतिनिधियों ने वोट लिया, लेकिन अब पानी नहीं मिल रहा है, तो कोई हाल पूछने भी नहीं आ रहा है।
- शांति
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बड़ागांव गेट बाहर स्थित मद्रासी कॉलोनी, गायत्री कॉलोनी, सत्यम कॉलोनी, अन्नापूर्णा कॉलोनी व मास्टर कॉलोनी की आबादी दस हजार से अधिक है। यहां भूगर्भ जल नहीं है, ऐसे में लोग पूरी तरह से नल से आने वाली पानी पर निर्भर हैं। एक सप्ताह पहले क्षेत्र में आने वाली पाइप लाइन में लीकेज हो गया था, जिससे घरों तक पानी पहुंचना बंद हो गया। जल संस्थान में कई बार शिकायत की गई, लेकिन संस्थान के कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से लीकेज ठीक नहीं हो पाया और घरों तक पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी। हालात ये हैं कि लोगों को दो किलोमीटर दूर से पानी भरकर लाना पड़ रहा है। पानी की कमी से घरों के रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं। इससे गुस्साए लोग बुधवार की सुबह तकरीबन ग्यारह बजे नारायण बाग तिराहे पर इकट्ठा हो गए। लोगों ने सड़कों पर बैठकर तीनों ओर के रास्तों का जाम कर दिया। इससे क्षेत्र का आवागमन ठप हो गया। सूचना पाकर शहर कोतवाल संजय सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने जाम लगाए बैठे लोगों को समझाने का प्रयास किया, परंतु वे नहीं माने। लोगों का कहना था कि जब तक समस्या का समाधान नहीं हो जाएगा, वे जाम नहीं खोलेंगे। इस पर मौके पर ही पुलिस ने जल संस्थान के अधिकारियों से फोन पर बात की। जल संस्थान की ओर से समस्या के समाधान का आश्वासन मिलने के बाद लोगों ने जाम खोला।
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निजी लोगों को भी नहीं करने दिया काम
क्षेत्रीय पार्षद किशोरी प्रसाद रायकवार ने बताया कि पानी नहीं आने के कारण एक सप्ताह से क्षेत्र के लोग परेशान हैं। जलसंस्थान को अवगत कराया गया, परंतु उन्होंने हड़ताल का हवाला देकर पाइप लाइन की मरम्मत करने से इंकार कर दिया। प्राइवेट लोगों को लीकेज ठीक करने के लिए बुलाया गया, परंतु जल संस्थान के हड़ताली कर्मचारियों ने उन्हें भी काम नहीं करने दिया। दिनों दिन समस्या और विकराल होती जारी है, परंतु प्रशासन समाधान नहीं कर पा रहा है।
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होगा समाधान, मिलेगा पानी
बड़ागांव गेट बाहर क्षेत्र में व्याप्त पानी की समस्या की जानकारी हुई है। जल संस्थान कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से लीकेज ठीक नहीं हो पाया है। लेकिन, अब जल निगम की टीम भेजकर समस्या का समाधान किया जाएगा। साथ ही हड़ताल के समाधान के भी प्रयास चल रहे हैं।
- शिवसहाय अवस्थी, जिलाधिकारी
पानी के लिए होता है रतजगा
नलों में पानी न आने की वजह से बड़ागांव गेट बाहर क्षेत्र के लोगों को रतजगा तक करना पड़ रहा है। लोग नारायण बाग के पास लगे नल से पानी भरने जाते हैं। यहां दिन में भारी भीड़ जमा हो जाती है। ऐसे में तमाम लोग सर्द रात में वहां पानी भरने जाते हैं। ऐसे में असामाजिक तत्वों का खतरा भी बना रहता है। लेकिन, मजबूरी में लोगों को अपनी रात खराब करनी पड़ती है।
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क्षेत्र में पानी की समस्या विकराल हो गई है। अफसरों से लेकर जनप्रतिनिधियों तक का दरवाजा खटखटा चुके हैं। बावजूद, कोई नहीं सुन रहा है।
- सौरभ यादव
पानी की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। यही हाल रहा तो आगे उग्र प्रदर्शन किया जाएगा। प्रशासन को समस्या का जल्द समाधान करना चाहिए।
- अमित चतुर्वेदी
समस्या इतनी है कि रात के समय पानी भरना पड़ता है। जो सभी के लिए शर्म की बात है। लेकिन, जिम्मेदार अनजान बने बैठे हैं।
- लक्ष्मी
पानी के नाम पर जनप्रतिनिधियों ने वोट लिया, लेकिन अब पानी नहीं मिल रहा है, तो कोई हाल पूछने भी नहीं आ रहा है।
- शांति