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बिना चेकिंग स्टॉफ के दौड़ रहीं सुपरफास्ट गाड़ियां, रेलवे को लाखों की चपत
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झांसी। झांसी रेल मंडल में टिकट चेकिंग स्टाफ की भारी कमी है। हालत यह है कि करीब पचास फीसदी सुपरफास्ट ट्रेनों में ही इनकी तैनाती है। शेष गाड़ियां बिना पर्याप्त चेकिंग स्टाफ के ही दौड़ रही हैं। इस वजह से बेटिकट यात्रियों की धरपकड़ बंद हो गई। रोजाना ही टिवट्र पर दर्जनों यात्री यह शिकायत दर्ज करा रहे हैं।
झांसी रेल मंडल में टिकट चेकिंग स्टाफ के 900 पद सृजित हैं लेकिन, यहां करीब 500 चेकिंग स्टाफ ही तैनात है। इनमें से ही गाड़ियों में रनिंग स्टाफ की ड्यूटी लगती है। 24 कोच की सवारी गाड़ी में सामान्य तौर पर 5-8 रनिंग स्टाफ की तैनाती होनी चाहिए लेकिन, संख्या कम होने से सुपर फास्ट ट्रेनों में भी सिर्फ एक या दो कर्मचारी तैनात होते हैं। इस वजह से 24 कोच की पूरी गाड़ी चेक नहीं हो पाती। इसका फायदा उठाकर अनारक्षित टिकट के सहारे अनाधिकृत लोग स्लीपर कोच में घुस जाते हैं।
बड़ी संख्या में यात्री रोजाना टिवट्र पर शिकायत दर्ज कराते हैं। जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह का कहना है कि स्लीपर कोच की निगरानी के लिए जीआरपी एवं आरपीएफ की भी तैनाती रहती है। बिना टिकट यात्रा करने वालों के खिलाफ अभियान चलाया जाता है।
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झांसी रेल मंडल में टिकट चेकिंग स्टाफ के 900 पद सृजित हैं लेकिन, यहां करीब 500 चेकिंग स्टाफ ही तैनात है। इनमें से ही गाड़ियों में रनिंग स्टाफ की ड्यूटी लगती है। 24 कोच की सवारी गाड़ी में सामान्य तौर पर 5-8 रनिंग स्टाफ की तैनाती होनी चाहिए लेकिन, संख्या कम होने से सुपर फास्ट ट्रेनों में भी सिर्फ एक या दो कर्मचारी तैनात होते हैं। इस वजह से 24 कोच की पूरी गाड़ी चेक नहीं हो पाती। इसका फायदा उठाकर अनारक्षित टिकट के सहारे अनाधिकृत लोग स्लीपर कोच में घुस जाते हैं।
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बड़ी संख्या में यात्री रोजाना टिवट्र पर शिकायत दर्ज कराते हैं। जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह का कहना है कि स्लीपर कोच की निगरानी के लिए जीआरपी एवं आरपीएफ की भी तैनाती रहती है। बिना टिकट यात्रा करने वालों के खिलाफ अभियान चलाया जाता है।
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