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पत्नी की हत्या करने के बाद बेटे की मदद से पेड़ पर लटकाया था शव
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झांसी। बबीना थाना क्षेत्र के मानपुर गांव में 31 अगस्त को पत्नी की गला दबाकर हत्या करने के बाद पति ने ही बेटे की मदद से शव को पेड़ की डाल पर लटका दिया था। आरोपी शव को घर से डेढ़ किलोमीटर तक घसीट कर ले गए थे। आरोपियों ने यह कार्य हत्या को आत्महत्या दिखाने के लिए किया था। लेकिन चौकीदार की सूचना पर मामला खुलता चला गया। मामले का खुलासा एसएसपी ने पुलिस लाइन सभागार में किया। पुलिस ने आरोपी पिता- पुत्र को गिरफ्तार कर लिया है।
विगत एक सितंबर को बबीना थाना पुलिस को मानपुर गांव में रहने वाले बृजलाल राजपूत ने सूचना दी कि उसकी पत्नी सरस्वती (42) झगड़ा होने के कारण 31 अगस्त को घर से चली गई थी। पत्नी का शव बामप्रसाद राजपूत के खेत में लगे पेड़ की डाली पर साड़ी के फंदे से लटका हुआ है। उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया। अगले दिन पुलिस को गांव के चौकीदार ने सूचना दी कि महिला ने आत्महत्या नहीं बल्कि उसकी हत्या हुई है। हत्या छुपाने के लिए ऐसा किया गया। पुलिस भी पहले से असमंजस में थी कि आखिर महिला ने पेड़ की डाली पर कैसे फांसी लगाई होगी? पुलिस ने छानबीन शुरू की तो हत्या का राज खुलकर सामने आ गया।
मंगलवार को पुलिस लाइन सभागार में उक्त मामले का खुलासा करते हुए एसएसपी दिनेश कुमार पी ने बताया कि घटना के पहले सरस्वती के चचेरे भाई शिरोमणि का पत्नी पूजा से विवाद हो गया था। नाराज होकर पूजा सरस्वती के घर आ गई थी। वह 31 अगस्त को पत्नी को तलाशता हुआ सरस्वती के घर आ गया। यहां पर सरस्वती के पति बृजलाल और उसके लड़के प्रशांत ने पूजा के उनके घर पर होने से मना कर दिया। शिरोमणि के जाने के बाद जब सरस्वती को इस बात का पता लगा तो उसने पति और पुत्र से झगड़ा किया।
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आवेश में आकर बृजलाल ने सरस्वती की गला दबाकर हत्या कर दी। रात होने तक शव को घर के एक कमरे में ही रखे गए। देर रात दोनों ने बारी- बारी से शव को घसीटकर डेढ़ किलोमीटर दूर बामप्रसाद के खेत तक ले गए। यहां पर आत्महत्या दिखाने के लिए शव को पेड़ पर लटका दिया। प्रशांत के अवैध संबंध एक महिला से हो गए थे, इसकी जानकारी पिता को थी। इस कारण प्रशांत ने अपने पिता का अपराध में साथ दिया। पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक हरिश्याम सिंह, प्रभारी एसओजी निरीक्षक शैलेंद्र सिंह, उपनिरीक्षक प्रदीप सिंह, प्रेमसागर, जितेंद्र तरष्कर, योगेंद, पदम गोस्वामी, शैलेंद्र सिंह, प्रदीप सेंगर, दुर्गेश सिंह चौहान शामिल रहे।
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विगत एक सितंबर को बबीना थाना पुलिस को मानपुर गांव में रहने वाले बृजलाल राजपूत ने सूचना दी कि उसकी पत्नी सरस्वती (42) झगड़ा होने के कारण 31 अगस्त को घर से चली गई थी। पत्नी का शव बामप्रसाद राजपूत के खेत में लगे पेड़ की डाली पर साड़ी के फंदे से लटका हुआ है। उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया। अगले दिन पुलिस को गांव के चौकीदार ने सूचना दी कि महिला ने आत्महत्या नहीं बल्कि उसकी हत्या हुई है। हत्या छुपाने के लिए ऐसा किया गया। पुलिस भी पहले से असमंजस में थी कि आखिर महिला ने पेड़ की डाली पर कैसे फांसी लगाई होगी? पुलिस ने छानबीन शुरू की तो हत्या का राज खुलकर सामने आ गया।
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मंगलवार को पुलिस लाइन सभागार में उक्त मामले का खुलासा करते हुए एसएसपी दिनेश कुमार पी ने बताया कि घटना के पहले सरस्वती के चचेरे भाई शिरोमणि का पत्नी पूजा से विवाद हो गया था। नाराज होकर पूजा सरस्वती के घर आ गई थी। वह 31 अगस्त को पत्नी को तलाशता हुआ सरस्वती के घर आ गया। यहां पर सरस्वती के पति बृजलाल और उसके लड़के प्रशांत ने पूजा के उनके घर पर होने से मना कर दिया। शिरोमणि के जाने के बाद जब सरस्वती को इस बात का पता लगा तो उसने पति और पुत्र से झगड़ा किया।
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आवेश में आकर बृजलाल ने सरस्वती की गला दबाकर हत्या कर दी। रात होने तक शव को घर के एक कमरे में ही रखे गए। देर रात दोनों ने बारी- बारी से शव को घसीटकर डेढ़ किलोमीटर दूर बामप्रसाद के खेत तक ले गए। यहां पर आत्महत्या दिखाने के लिए शव को पेड़ पर लटका दिया। प्रशांत के अवैध संबंध एक महिला से हो गए थे, इसकी जानकारी पिता को थी। इस कारण प्रशांत ने अपने पिता का अपराध में साथ दिया। पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक हरिश्याम सिंह, प्रभारी एसओजी निरीक्षक शैलेंद्र सिंह, उपनिरीक्षक प्रदीप सिंह, प्रेमसागर, जितेंद्र तरष्कर, योगेंद, पदम गोस्वामी, शैलेंद्र सिंह, प्रदीप सेंगर, दुर्गेश सिंह चौहान शामिल रहे।