फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Where how much water is being spent, survey of 15 villages completed

अटल भूजल योजना में गांव का प्लान होगा अपलोड

Sun, 15 Aug 2021 02:32 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 15 Aug 2021 02:32 AM IST
विज्ञापन
Where how much water is being spent, survey of 15 villages completed
झांसी। अटल भूजल योजना के अंतर्गत ब्लाक मऊरानीपुर और बबीना के गांवों में सामुदायिक भागीदारी से वाटर सिक्योरिटी प्लान तैयार किया जा रहा है। 15 गांवों का सर्वे पूरा हो गया है, अब इसे ऑनलाइन अपलोड किया जा रहा है। शासन की मोहर लग जाने के बाद प्लान के अनुसार ही पानी की बचत की जाएगी।
विज्ञापन

नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के अनुसार नवीनतम भूजल संसाधन आकलन के आधार पर मऊरानीपुर और बबीना पानी की सेमी क्रिटिकल श्रेणी में आते हैं। यहां भूजल का साठ प्रतिशत से अधिक दोहन हो रहा है ओर पानी का रीचार्ज कम हो रहा है। इन गांवों में मऊरानीपुर ब्लाक के 16, बबीना के 15 गांव हैं। योजना से जुड़े स्वयंसेवी संगठन के कार्यकर्ताओं ने गांवों में जाकर चौपाल लगाई और लोगों से बातचीत की। उन्होंने पूछा कि गांव में पानी किस- किस काम में खर्च होता है। गांव में पुराना तालाब कभी था या नहीं। यदि था तो उससे गांव के लोगों के पानी की जरूरत कैसे पूरी होती थी। यदि तालाब को पुनर्जीवन दे दिया जाए तो पानी की कितनी जरूरत पूरी होगी और भूजल स्तर कितना रीचार्ज होगा। कितनी गाय व भैंसें हैं। गांव के आसपास खेतों की सिंचाई होती है या नहीं। यदि होती है तो कहां से पानी आता है।
विज्ञापन

ग्रामीणों से बातचीत के आधार पर 15 गांवों में बेस लाइन सर्वे का काम पूरा हो गया है। अब गांवों आंकड़ों को ऑनलाइन अपलोड किया जा रहा है। इसके बाद जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित कमेटी को सौंपा जाएगा। फिर इसमें देखा जाएगा कि चेकडैम बनाने की जरूरत है तो लघु सिंचाई विभाग को काम की जिम्मेदारी दी जाएगी। यदि सिंचाई की आवश्यकताओं से काम चल जाएगा तो उद्यान विभाग को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी कि स्प्रिंकलर सिंचाई पद्धति पर जोर दिया जाए। यदि किसी खास फसल की पैदावार करने से उस गांव में पानी की अधिक खपत हो रही है तो कृषि विभाग को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी कि ऐसी फसल के बारे में सुझाव दें, ताकि कम पानी में फसल उत्पादन हो सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

सामुदायिक भागीदारी (जन सहभागिता) से गांवों में पानी की खपत के बारे में ग्रामीण से जानकारी इकट्ठी की गई। बेस लाइन सर्वे होने के बाद अब इसे ऑनलाइन अपलोड किया जा रहा है। इसके बाद प्लान को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित कमेटी के समक्ष रखा जाएगा। स्वीकृति पर योजना को अमली जामा पहनाया जाएगा।
- शशांक शेखर सिंह
सहायक अभियंता
भूगर्भ विभाग
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed