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कहां गया डेढ़ करोड़ रुपया?
Lalitpur
Updated Wed, 27 Apr 2016 12:28 AM IST
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कहां गया डेढ़ करोड़ रुपया?
- फोटो : demo
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झांसी। नगर निगम ने जल संस्थान को महानगर में कई स्थानों पर तीन ट्यूबवेल और कई स्थानों पर पाइप लाइन बिछाने के लिए लगभग एक वर्ष पूर्व डेढ़ करोड़ रुपये दिए थे। इसके बावजूद उन रुपयों से कोई कार्य नहीं कराया गया। इस संबंध में महापौर ने जल संस्थान के अधिकारियों से पूछा है कि इस डेढ़ करोड़ रुपयों का उन्होंने क्या किया?
नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2015-16 में शिवाजी नगर में बीजीएम स्कूल के पास, नारायण बाग रोड पर स्थित नंद पैलेस के पास एवं गोपाल की बगिया में एक-एक ट्यूबवेल लगाए जाने का प्रस्ताव दिया था। इसके अलावा विभिन्न क्षेत्रों में जल संकट से निपटने के लिए पाइप लाइन बिछाने का कार्य भी सौंपा था। इसके लिए नगर निगम ने डेढ़ करोड़ रुपये भी जारी कर दिए थे, जो तत्काल जल संस्थान के खाते में पहुंच गए। एक साल बीतने के बावजूद इन रुपयों से कोई कार्य नहीं किया गया। न तो एक भी ट्यूबवेल लगाए गए और न ही कहीं पाइप लाइन बिछाई गई। बार-बार पत्र लिखे जाने के बाद भी जल संस्थान ने एक भी पत्र का जवाब नहीं दिया।
महापौर किरन राजू बुकसेलर के मुताबिक इस संबंध में जल संस्थान के अधिकारियों को बुलाया गया है और उनके साथ बैठक कर डेढ़ करोड़ का लेखा-जोखा लिया जाएगा। साथ ही यह कारण भी जाना जाएगा कि उन्होंने क्यों अभी तक प्रस्तावित कार्यों को पूरा नहीं कराया।
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नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2015-16 में शिवाजी नगर में बीजीएम स्कूल के पास, नारायण बाग रोड पर स्थित नंद पैलेस के पास एवं गोपाल की बगिया में एक-एक ट्यूबवेल लगाए जाने का प्रस्ताव दिया था। इसके अलावा विभिन्न क्षेत्रों में जल संकट से निपटने के लिए पाइप लाइन बिछाने का कार्य भी सौंपा था। इसके लिए नगर निगम ने डेढ़ करोड़ रुपये भी जारी कर दिए थे, जो तत्काल जल संस्थान के खाते में पहुंच गए। एक साल बीतने के बावजूद इन रुपयों से कोई कार्य नहीं किया गया। न तो एक भी ट्यूबवेल लगाए गए और न ही कहीं पाइप लाइन बिछाई गई। बार-बार पत्र लिखे जाने के बाद भी जल संस्थान ने एक भी पत्र का जवाब नहीं दिया।
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महापौर किरन राजू बुकसेलर के मुताबिक इस संबंध में जल संस्थान के अधिकारियों को बुलाया गया है और उनके साथ बैठक कर डेढ़ करोड़ का लेखा-जोखा लिया जाएगा। साथ ही यह कारण भी जाना जाएगा कि उन्होंने क्यों अभी तक प्रस्तावित कार्यों को पूरा नहीं कराया।
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