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ऑनलाइन पढ़ाई के लिए हाथों में पहुंचा मोबाइल तो पोर्न देखने के लती हुए बच्चे
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झांसी। कोरोना काल में ऑनलाइन पढ़ाई की वजह से मोबाइल फोन, लैपटॉप और कंप्यूटर बालक और किशोरों के हाथ में पहुंच चुका है। पढ़ाई के लिए इनसे काफी मदद मिली मगर कई बच्चों में बुरी आदतें भी पड़ गईं। वह पोर्न देखने के लती हो गए। यही नहीं, दुष्कर्म करने तक के ख्याल उनके मन में आने लगे। ऐसे तमाम किशोरों का मनोचिकित्सकों के पास इलाज चल रहा है।
मोबाइल, लैपटॉप पर पोर्न वीडियो देखते हुए कई बालक और किशोरों को परिजनों ने पकड़ा है। अपने बच्चे की ये गंदी आदत छुड़वाने के लिए परिजन मनोचिकित्सकों से सलाह लेने पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल की मनोचिकित्सक डॉ. शिकाफा जाफरीन ने बताया कि कोरोना काल से पहले बालकों व किशोरों द्वारा पोर्न वीडियो देखने के साल में एक-दो मामले ही आते थे। कोविड में स्कूल बंद रहे और ऑनलाइन पढ़ाई चली। ऐसे में बच्चे मोबाइल और लैपटॉप पर ज्यादातर समय देने लगे।
अब हर महीने पोर्न वीडियो देखने के आठ से दस किशोर उनके पास काउंसलिंग कराने के लिए आ रहे हैं। जो बच्चे बहुत अधिक पोर्न देखने के लती हो चुके हैं, उन्हें दवाएं तक देनी पड़ रही हैं। वहीं, मनोचिकित्सक डॉ. अर्जित गौरव ने कहा कि पहले 15 साल से अधिक आयु के किशोरों के पोर्न वीडियो देखने के मामले आते थे मगर अब 10 साल के बालक भी इस बुरी आदत का शिकार हो रहे हैं।
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परिजन इन बातों का रखें ध्यान
- बच्चे की संगत कैसी है।
- बच्चे के साथ दोस्ताना व्यवहार रखें।
- देखते रहें कि बच्चा इंटरनेट पर गलत सामग्री तो नहीं देख रहा।
- यदि बच्चा पोर्न वीडियो देखता मिले तो मारपीट न करें, आराम से समझाएं
केस-1
क्लास में साथी से बोला रेप कर दूंगा
झांसी। 11 साल के बालक को उसके दोस्त लगातार पोर्न वीडियो शेयर करते थे। ये वीडियो देखते-देखते उसके मन में गलत ख्याल आने शुरू हो गए। एक दिन क्लास में उसने कुछ दोस्तों से कहा कि वह साथी लड़की का रेप कर देगा। यह जानकारी शिक्षिका तक पहुंची। फिर उन्होंने परिजनों को सूचना दी और कहा कि मनोचिकित्सक के पास लेकर जाओ। उसकी जिला अस्पताल में काउंसलिंग की गई। मां ने भी चिकित्सक को बताया कि कई बाद उन्होंने बेटे को पोर्न वीडियो देखते पकड़ा है।
केस-2
बालिका के साथ किया दुष्कर्म का प्रयास
झांसी। 14 साल के किशोर को परिजन मनोचिकित्सक के पास लेकर पहुंचे और जो घटना बताई उसने चिकित्सक को भी हैरान कर दिया। उन्होंने कहा कि किशोर ने रिश्तेदारी की एक बालिका के साथ रेप करने का प्रयास किया। वह मोबाइल पर पोर्न वीडियो देखने का लती हो चुका है। डॉक्टर ने बताया कि किशोर ओसीडी (ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिस्ऑर्डर) बीमारी का शिकार हो चुका है। ऐसी बीमारी में मरीज एक ही चीज को बार-बार करता है। उसकी भी काउंसलिंग चल रही है।
केस-3
खुद के वीडियो शेयर करने लगी किशोरी
झांसी। किशोरी ने पहले पोर्न वीडियो देखना शुरू किया फिर खुद के न्यूड वीडियो अपने ब्वॉयफ्रेंड को सोशल मीडिया पर भेजने लगी। शुरूआत में तो सब कुछ ठीक रहा मगर बाद में ब्वॉयफ्रेंड उसे ब्लैकमेल करने लगा। इससे किशोरी डिप्रेशन में आ गई। वह मनोचिकित्सक के पास पहुंची और बताया कि मोबाइल पर उसके ब्वॉयफ्रेंड ने ही पहले पोर्न वीडियो भेजने शुरू किए थे। बाद में दबाव बनाकर न्यूड वीडियो मंगवाने लगा। अब वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पैसे की मांग कर रहा है।
केस-4
पिता बोले-कैसे अपने बच्चे की आदत छुड़ाएं
झांसी। मनोचिकित्सक के पास 10 साल के बालक के पिता पहुंचे और उन्होंने बताया कि कई बार मोबाइल पर पोर्न वीडियो देखते बच्चे को पकड़ा है। वह खुद को कमरे में बंद रखता है। कोई बात करने जाए तो नाराज होने लगता है। खाना भी कम खाता है। पहले पढ़ाई में अच्छा था मगर अब उसके नंबर भी खराब आने लगे हैं। यदि बच्चे की पोर्न देखने की लत नहीं छूटी तो पूरा कॅरियर खराब हो जाएगा। इस गंदी आदत को कैसे छुड़ाया जाए। डॉक्टर ने उन्हें जरूरी सुझाव दिए।
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मोबाइल, लैपटॉप पर पोर्न वीडियो देखते हुए कई बालक और किशोरों को परिजनों ने पकड़ा है। अपने बच्चे की ये गंदी आदत छुड़वाने के लिए परिजन मनोचिकित्सकों से सलाह लेने पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल की मनोचिकित्सक डॉ. शिकाफा जाफरीन ने बताया कि कोरोना काल से पहले बालकों व किशोरों द्वारा पोर्न वीडियो देखने के साल में एक-दो मामले ही आते थे। कोविड में स्कूल बंद रहे और ऑनलाइन पढ़ाई चली। ऐसे में बच्चे मोबाइल और लैपटॉप पर ज्यादातर समय देने लगे।
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अब हर महीने पोर्न वीडियो देखने के आठ से दस किशोर उनके पास काउंसलिंग कराने के लिए आ रहे हैं। जो बच्चे बहुत अधिक पोर्न देखने के लती हो चुके हैं, उन्हें दवाएं तक देनी पड़ रही हैं। वहीं, मनोचिकित्सक डॉ. अर्जित गौरव ने कहा कि पहले 15 साल से अधिक आयु के किशोरों के पोर्न वीडियो देखने के मामले आते थे मगर अब 10 साल के बालक भी इस बुरी आदत का शिकार हो रहे हैं।
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परिजन इन बातों का रखें ध्यान
- बच्चे की संगत कैसी है।
- बच्चे के साथ दोस्ताना व्यवहार रखें।
- देखते रहें कि बच्चा इंटरनेट पर गलत सामग्री तो नहीं देख रहा।
- यदि बच्चा पोर्न वीडियो देखता मिले तो मारपीट न करें, आराम से समझाएं
केस-1
क्लास में साथी से बोला रेप कर दूंगा
झांसी। 11 साल के बालक को उसके दोस्त लगातार पोर्न वीडियो शेयर करते थे। ये वीडियो देखते-देखते उसके मन में गलत ख्याल आने शुरू हो गए। एक दिन क्लास में उसने कुछ दोस्तों से कहा कि वह साथी लड़की का रेप कर देगा। यह जानकारी शिक्षिका तक पहुंची। फिर उन्होंने परिजनों को सूचना दी और कहा कि मनोचिकित्सक के पास लेकर जाओ। उसकी जिला अस्पताल में काउंसलिंग की गई। मां ने भी चिकित्सक को बताया कि कई बाद उन्होंने बेटे को पोर्न वीडियो देखते पकड़ा है।
केस-2
बालिका के साथ किया दुष्कर्म का प्रयास
झांसी। 14 साल के किशोर को परिजन मनोचिकित्सक के पास लेकर पहुंचे और जो घटना बताई उसने चिकित्सक को भी हैरान कर दिया। उन्होंने कहा कि किशोर ने रिश्तेदारी की एक बालिका के साथ रेप करने का प्रयास किया। वह मोबाइल पर पोर्न वीडियो देखने का लती हो चुका है। डॉक्टर ने बताया कि किशोर ओसीडी (ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिस्ऑर्डर) बीमारी का शिकार हो चुका है। ऐसी बीमारी में मरीज एक ही चीज को बार-बार करता है। उसकी भी काउंसलिंग चल रही है।
केस-3
खुद के वीडियो शेयर करने लगी किशोरी
झांसी। किशोरी ने पहले पोर्न वीडियो देखना शुरू किया फिर खुद के न्यूड वीडियो अपने ब्वॉयफ्रेंड को सोशल मीडिया पर भेजने लगी। शुरूआत में तो सब कुछ ठीक रहा मगर बाद में ब्वॉयफ्रेंड उसे ब्लैकमेल करने लगा। इससे किशोरी डिप्रेशन में आ गई। वह मनोचिकित्सक के पास पहुंची और बताया कि मोबाइल पर उसके ब्वॉयफ्रेंड ने ही पहले पोर्न वीडियो भेजने शुरू किए थे। बाद में दबाव बनाकर न्यूड वीडियो मंगवाने लगा। अब वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पैसे की मांग कर रहा है।
केस-4
पिता बोले-कैसे अपने बच्चे की आदत छुड़ाएं
झांसी। मनोचिकित्सक के पास 10 साल के बालक के पिता पहुंचे और उन्होंने बताया कि कई बार मोबाइल पर पोर्न वीडियो देखते बच्चे को पकड़ा है। वह खुद को कमरे में बंद रखता है। कोई बात करने जाए तो नाराज होने लगता है। खाना भी कम खाता है। पहले पढ़ाई में अच्छा था मगर अब उसके नंबर भी खराब आने लगे हैं। यदि बच्चे की पोर्न देखने की लत नहीं छूटी तो पूरा कॅरियर खराब हो जाएगा। इस गंदी आदत को कैसे छुड़ाया जाए। डॉक्टर ने उन्हें जरूरी सुझाव दिए।