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Jhansi News: जीएसटी लागू हुआ तो वैट का बकाया भूले व्यापारी, खंगाला जा रहा रिकॉर्ड

Fri, 04 Jul 2025 02:10 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 04 Jul 2025 02:10 AM IST
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When GST was implemented, traders forgot about their VAT dues, records are being scrutinized
झांसी जोन में 1,056 व्यापारियों का 13 करोड़ वैट बकाया, जीएसटी के भी बकायेदार चिन्हित, 8,100 व्यापारियों पर 88 करोड़ बकाया
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व्यापारियों को वसूली के लिए डीआरसी नोटिस हुए जारी, एक माह का अल्टीमेटम, जमा न करने पर खातों से होगी वसूली
संवाद न्यूज एजेंसी

झांसी। शहर में अभी भी बड़ी तादाद में ऐसे व्यापारी है, जिनके नाम वैट का बकाया है। रिकार्ड खंगाला गया तो जोन में 1,056 कारोबारी पकड़ में आए, जिन पर 13 करोड़ रुपये टैक्स बकाया मिला। फिलहाल राज्य कर विभाग ने इन सभी बकायेदारों को डीआरसी (डिमांड रिकवरी सर्टिफिकेट) नोटिस कर जारी किया है। एक माह का अल्टीमेटम दिया गया है। यदि वह समय से टैक्स जमा नहीं करते हैं तो कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, 8100 जीएसटी के बकायेदारों को भी नोटिस दिया है।
राज्य कर विभाग की ओर से जीएसटी बकायेदारों पर लगातार नकेल कसी जा रही है। विभाग ने जीएसटी की शुरुआत से अब तक के बकायेदारों का ब्योरा खंगाला है। एक जुलाई 2017 से अब तक झांसी जोन में जीएसटी के 8,100 व्यापारी चिन्हित हुए। इन पर करीब 88 करोड़ रुपये बकाया है। झांसी में तो 2,400 व्यापारियों पर 22 करोड़ बकाया है। इनको डीआरसी नोटिस जारी कर दिया है।
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इन बकायेदारों के अलावा राज्यकर विभाग ने 1,056 ऐसे कारोबारी खोजे, जिन पर वैट का 13 करोड़ रुपये टैक्स बकाया है। वहीं, झांसी जनपद में 300 व्यापारियों पर चार करोड़ रुपये बकाया है। इनके खिलाफ पूर्व में कई बार नोटिस जारी किया गया, लेकिन इन्होंने वैट का भुगतान नहीं किया है। ऐसे व्यापारियों की जांच चल रही है और जल्द कार्रवाई होगी। इन्हें एक माह का समय दिया गया है। यदि वह भुगतान नहीं करते हैं तो कारोबारियों के खाते से पैसा जमा कराया जाएगा। सभी खंडों के उपायुक्त व सहायक आयुक्त बकाया दस्तावेज को खोजकर नोटिस जारी करने व बकायेदारों से संपर्क करने में जुट गए हैं। विभाग द्वारा ऐसे बकायेदारों के बैंक खाते को जब्त करने के लिए संबंधित बैंक के अधिकारियों से मिलकर भी बकाया वसूली की जाएगी।
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ये है मामला

एक जुलाई 2017 को पूरे देश में वैट को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में बदल दिया गया था। जीएसटी में बदलाव से पहले बड़ी तादाद में व्यापारियों ने वैट का भुगतान नहीं किया था। वे वैट पंजीकरण समाप्त होने के बाद जीएसटी में पंजीकृत हो गए। नया पंजीकरण होने से पूर्व का बकाया जमा कराना विभाग के लिए आसान नहीं रहा।


वर्जन
बकायेदारों से वसूली के लिए ब्योरा खंगाला गया है। एक जुलाई 2017 से अब तक का जीएसटी में 8100 कारोबारियों पर 88 करोड़ तो वहीं वैट में 1056 व्यापारियों पर 13 करोड़ बकाया है। भुगतान के लिए सभी को नोटिस जारी किया गया है। बकाया जमा न करने पर वसूली की जाएगी। - डीके सचान, एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1, राज्य कर विभाग, झांसी
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