फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Wheat payment remains incomplete even after three months; 18.73 lakh owed to farmers is stuck.

Jhansi News: तीन माह बाद भी गेहूं का भुगतान अधूरा, किसानों का 18.73 लाख अटका

Wed, 23 Sep 2026 12:38 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 23 Sep 2026 12:38 AM IST
विज्ञापन
Wheat payment remains incomplete even after three months; 18.73 lakh owed to farmers is stuck.
झांसी। रबी विपणन वर्ष 2026-27 के तहत गेहूं खरीद समाप्त हुए तीन बीतने के बावजूद अब तक किसानों को उनके गेहूं की पूरी कीमत का भुगतान नहीं हो सका है। जिले में न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के तहत खरीदे गए गेहूं के सापेक्ष 18.73 लाख रुपये का भुगतान शेष है। शासन स्तर से नाराजगी जताने के बाद जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने चारों क्रय एजेंसियों को जल्द भुगतान के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन

शासन स्तर पर बीते तीन सितंबर को गेहूं खरीद की समीक्षा की गई। समीक्षा में सामने आया कि जिले में गेहूं खरीद के बाद किसानों को पूरी धनराशि का भुगतान नहीं किया गया है। जबकि, गेहूं खरीद वर्ष 2026-27 में किसानों से गेहूं खरीद की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। जनपद में किसानों को क्रय एजेंसी पीसीएफ, पीसीयू, नैफेड और यूपीएसएस को 109.63 करोड़ रुपये किसानों का भुगतान करना था। इसके सापेक्ष 109.44 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। चूंकि, गेहूं की खरीद बीते 15 जून को समाप्त हो चुकी है। इसके बावजूद अब तक 18.73 लाख रुपये का भुगतान किसानों को नहीं हो सका है।
विज्ञापन

जिला खाद्य विपणन अधिकारी संतोष कुमार पटेल की ओर से जिला प्रबंधक पीसीएफ/पीसीयू, नैफेड, यूपीएसएस को पत्र लिखा गया है। इसमें उन्होंने कहा कि इस स्थिति पर शासन स्तर से रोष जताते हुए अवशेष कृषकों को जल्द भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं। पूर्व में भी कई बार पत्राचार करके भुगतान करने के लिए निर्देशित किया जाता रहा है, इसके बावजूद अब तक किसानों को अवशेष भुगतान कराने संबंधी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। यह स्थिति अत्यंत ही आपत्तिजनक है। उन्होंने विक्रय करने वाले कृषकों जल्द भुगतान करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन



सबसे ज्यादा पीसीएफ का भुगतान लंबित

एजेंसियों में सबसे अधिक 7.60 लाख रुपये पीसीएफ का किसानों को भुगतान करना बाकी है। इसके बाद यूपीएसएस को 5.49 लाख, पीसीयू को 3.05 लाख और नैफेड को 2.59 लाख रुपये का किसानों को भुगतान करना बाकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed