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यह कैसी लाचारी, रोडवेज कंडम बसों से ढो रहा सवारी
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झांसी। महानगर में डिपो की 14 बसें कंडम होने के बाद भी सवारियां भरकर सड़कों पर दौड़ रही हैं। इन बसों में प्रतिदिन 1456 यात्री जान जोखिम में डालकर सफर करते हैं। ये सभी बसें निर्धारित 12 लाख किलोमीटर से भी ज्यादा चल चुकी हैं। इसके बाद भी विभाग इन्हें हटा नहीं रहा है। इससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
झांसी डिपो में परिवहन निगम की 140 रोडवेज बसें हैं। जिनमें 14 बसें ऐसी हैं, जो 15 साल पुरानी और 12 से 14 लाख किलोमीटर से भी ज्यादा चल चुकी हैं। जो मोटरयान अधिनियम के तहत कंडम हो चुकी हैं। इसके बाद भी विभाग इनको हटाने की बजाय इन सभी बसों को ठोक पीटकर उरई, गरौठा, कोंच रूट पर सवारियां भरकर सड़कों पर दौड़ा रहा है। खास बात यह है कि यह बसें कभी भी खराब हो जाती हैं।
बाक्स
बता दें विभाग में एक बस को सात साल या फिर 10 लाख किलोमीटर चलाने की अनुमति है। झांसी डिपो की 14 बसें 15 साल पुरानी होने के साथ ही 12 से 15 लाख किलोमीटर तक चल चुकी हैं।
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वर्जन
मुख्यालय को पत्र लिखकर 14 कंडम बसों की जानकारी दी जा चुकी है। सभी बसों की मरम्मत कराकर चलाया जा रहा है। - प्रियम श्रीवास्तव, एआरएम
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झांसी डिपो में परिवहन निगम की 140 रोडवेज बसें हैं। जिनमें 14 बसें ऐसी हैं, जो 15 साल पुरानी और 12 से 14 लाख किलोमीटर से भी ज्यादा चल चुकी हैं। जो मोटरयान अधिनियम के तहत कंडम हो चुकी हैं। इसके बाद भी विभाग इनको हटाने की बजाय इन सभी बसों को ठोक पीटकर उरई, गरौठा, कोंच रूट पर सवारियां भरकर सड़कों पर दौड़ा रहा है। खास बात यह है कि यह बसें कभी भी खराब हो जाती हैं।
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बता दें विभाग में एक बस को सात साल या फिर 10 लाख किलोमीटर चलाने की अनुमति है। झांसी डिपो की 14 बसें 15 साल पुरानी होने के साथ ही 12 से 15 लाख किलोमीटर तक चल चुकी हैं।
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मुख्यालय को पत्र लिखकर 14 कंडम बसों की जानकारी दी जा चुकी है। सभी बसों की मरम्मत कराकर चलाया जा रहा है। - प्रियम श्रीवास्तव, एआरएम