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क्या हुआ तेरा वादा: न माफ हुए चालान न ही गृहकर हुआ आधा
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नए सदन के गठन को सौ दिन होने जा रहे पूरे, चुनावी वादे अभी भी अधूरे
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। नगर निगम के नए सदन के गठन को सौ दिन पूरे होने वाले हैं मगर निकाय चुनाव के समय जनता से किए गए वादे और दावे आज भी अधूरे हैं। चाहें गृहकर आधा करने का वादा हो या फिर चालान माफ कराने का, ये दोनों ही पूरे नहीं हो पाए हैं। अब तो झांसी वाले भी पूछने लगे हैं...क्या हुआ चुनावी वादों का।
निकाय चुनाव की मतगणना 13 मई 2023 को हुई थी। तब भाजपा के मेयर बिहारी लाल आर्य ने रिकॉर्ड बहुमत से जीत दर्ज की थी। साथ ही भाजपा के 38 पार्षद जीतने पर सदन में पार्टी को पूर्ण बोर्ड भी मिल गया था। हालांकि, भाजपा को ये विजयश्री दिलाने में चुनावी वादों और दावों का भी अहम योगदान रहा। मगर चुनाव परिणाम आने के 100 दिन में कई वादे और दावे अधूरे रहने से जनता खुद को ठगा सा महसूस कर रही है। जनता से किया गया मेयर का गृहकर आधा करने और चालान माफ का वादा अब तक पूरा नहीं हुआ है। इस आस में कई लोगों ने गृहकर जमा करना बंद कर दिया। हालांकि, 23 जून 2023 को हुई सदन की पहली बैठक में मेयर ने गृहकर आधा करने का प्रस्ताव पास भी करा दिया था। ऐसे में शहर वासियों को उम्मीद जग गई कि गृहकर आधा हो जाएगा। मगर अब तक गृहकर 50 फीसदी घट नहीं पाया है। क्योंकि, इस पर शासन को निर्णय लेना है। दूसरी तरफ, नगर निगम के सामने राजस्व वसूलने की चुनौती खड़ी हो गई है। निगम की आय का ये बड़ा श्रोत है। इस साल नगर निगम को 25.11 करोड़ गृहकर से आय होने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अगस्त तक नगर निगम करीब 16.59 करोड़ गृहकर वसूल चुका है। हालांकि, नगर निगम का इस बार फोकस बड़े बकायेदारों पर रहा। ऐसे में करीब साढ़े पांच करोड़ रुपये गृहकर तो बड़े बकायेदारों से ही निगम को प्राप्त हो गया। वरना स्थित खराब हो जाती।
ये हैं आंकड़े
...............
महीना गृहकर जमा हुआ
अप्रैल 3.85 करोड़
मई 3.48 करोड़
जून 3.38 करोड़
जुलाई 2.98 करोड़
अगस्त 2.90 करोड़
वर्जन..
मैंने वादा किया था कि बोर्ड की पहली बैठक में गृहकर आधा करने का प्रस्ताव पास कराया जाएगा, वैसा हुआ भी। अब ये प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। वहां से ही इस पर निर्णय होगा। मेरे स्तर से पैरवी की जा रही है। जनहित में कई निर्णय लिए गए हैं। जल्द ही इनके सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। - बिहारी लाल आर्य, मेयर।
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। नगर निगम के नए सदन के गठन को सौ दिन पूरे होने वाले हैं मगर निकाय चुनाव के समय जनता से किए गए वादे और दावे आज भी अधूरे हैं। चाहें गृहकर आधा करने का वादा हो या फिर चालान माफ कराने का, ये दोनों ही पूरे नहीं हो पाए हैं। अब तो झांसी वाले भी पूछने लगे हैं...क्या हुआ चुनावी वादों का।
निकाय चुनाव की मतगणना 13 मई 2023 को हुई थी। तब भाजपा के मेयर बिहारी लाल आर्य ने रिकॉर्ड बहुमत से जीत दर्ज की थी। साथ ही भाजपा के 38 पार्षद जीतने पर सदन में पार्टी को पूर्ण बोर्ड भी मिल गया था। हालांकि, भाजपा को ये विजयश्री दिलाने में चुनावी वादों और दावों का भी अहम योगदान रहा। मगर चुनाव परिणाम आने के 100 दिन में कई वादे और दावे अधूरे रहने से जनता खुद को ठगा सा महसूस कर रही है। जनता से किया गया मेयर का गृहकर आधा करने और चालान माफ का वादा अब तक पूरा नहीं हुआ है। इस आस में कई लोगों ने गृहकर जमा करना बंद कर दिया। हालांकि, 23 जून 2023 को हुई सदन की पहली बैठक में मेयर ने गृहकर आधा करने का प्रस्ताव पास भी करा दिया था। ऐसे में शहर वासियों को उम्मीद जग गई कि गृहकर आधा हो जाएगा। मगर अब तक गृहकर 50 फीसदी घट नहीं पाया है। क्योंकि, इस पर शासन को निर्णय लेना है। दूसरी तरफ, नगर निगम के सामने राजस्व वसूलने की चुनौती खड़ी हो गई है। निगम की आय का ये बड़ा श्रोत है। इस साल नगर निगम को 25.11 करोड़ गृहकर से आय होने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अगस्त तक नगर निगम करीब 16.59 करोड़ गृहकर वसूल चुका है। हालांकि, नगर निगम का इस बार फोकस बड़े बकायेदारों पर रहा। ऐसे में करीब साढ़े पांच करोड़ रुपये गृहकर तो बड़े बकायेदारों से ही निगम को प्राप्त हो गया। वरना स्थित खराब हो जाती।
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ये हैं आंकड़े
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महीना गृहकर जमा हुआ
अप्रैल 3.85 करोड़
मई 3.48 करोड़
जून 3.38 करोड़
जुलाई 2.98 करोड़
अगस्त 2.90 करोड़
वर्जन..
मैंने वादा किया था कि बोर्ड की पहली बैठक में गृहकर आधा करने का प्रस्ताव पास कराया जाएगा, वैसा हुआ भी। अब ये प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। वहां से ही इस पर निर्णय होगा। मेरे स्तर से पैरवी की जा रही है। जनहित में कई निर्णय लिए गए हैं। जल्द ही इनके सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। - बिहारी लाल आर्य, मेयर।
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