{"_id":"6aa315035e940323470e4d98","slug":"waterlogged-chc-services-stalled-eye-check-up-facility-shut-jhansi-news-c-420-1-sjhs1005-12641-2026-09-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhansi News: सीएचसी में भरा पानी, धड़कन कैद... आंखों की जांच पर ताला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhansi News: सीएचसी में भरा पानी, धड़कन कैद... आंखों की जांच पर ताला
विज्ञापन
- चिरगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक साल से स्टोर में बंद ईसीजी मशीन, सर्जन भी नहीं होने से बढ़ी मरीजों की परेशानी
राजेंद्र कुमार जैन
चिरगांव। जिस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर चिरगांव नगर के साथ आसपास के दर्जनों गांवों के लोग इलाज के लिए निर्भर हैं, वहां जरूरी सुविधाओं का अभाव मरीजों की परेशानी बढ़ा रहा है। महिला सर्जन की तैनाती नहीं होने से ऑपरेशन प्रभावित हैं। ईसीजी मशीन एक साल से स्टोर में बंद पड़ी है। वहीं, आंखों की जांच नहीं हो रही है। बारिश के बाद अस्पताल परिसर में एक सप्ताह से जलभराव है, जिससे मरीजों और तीमारदारों की मुश्किल और बढ़ गई है।
झांसी–कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग से करीब डेढ़ किलोमीटर दूरी पर स्थित सीएचसी चिरगांव की ओपीडी में रोजाना 400 से 450 मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। हाईवे से पास होने के कारण दुर्घटनाओं में घायल मरीज भी यहां लाए जाते हैं। हालांकि यहां सर्जन और ट्रॉमा सेंटर की सुविधा नहीं है। यही वजह है कि प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर घायलों को मेडिकल कॉलेज झांसी रेफर करना पड़ता है। (संवाद)
मशीन है, टेक्नीशियन नहीं... ईसीजी बंद
अस्पताल में ईसीजी मशीन उपलब्ध है, लेकिन टेक्नीशियन नहीं होने के कारण करीब एक वर्ष से इसका उपयोग नहीं हो पा रहा है। मशीन स्टोर में रखी है और मरीजों को ईसीजी जांच के लिए दूसरे अस्पतालों का रुख करना पड़ता है।
विज्ञापन
नेत्र सहायक सेवानिवृत्त, जांच ठप
करीब एक वर्ष पहले नेत्र सहायक धर्मजीत के सेवानिवृत्त होने के बाद अब तक नई तैनाती नहीं हुई है। इससे आंखों की जांच के लिए आने वाले बुजुर्ग मरीजों को निराश होकर झांसी जाना पड़ रहा है। नेत्र जांच कक्ष में भी ताला लगा है।
पानी में होकर पहुंच रहे मरीज
बारिश के बाद सीएचसी परिसर में करीब एक सप्ताह से पानी भरा हुआ है। मरीज और तीमारदार पानी से होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। जलभराव के कारण परिसर में मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है।
मलेरिया विभाग में 24 की जगह पांच कर्मचारी
मलेरिया विभाग में पहले 24 कर्मचारी तैनात थे, लेकिन वर्तमान में केवल पांच कर्मचारी रह गए हैं। कर्मचारियों की कमी के चलते अब ग्राम पंचायतों को मलेरियारोधी दवा उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि वहां से दवा का छिड़काव कराया जा सके।
एक्सरे मशीन है, कर्मचारी तीन दिन मोंठ में
सीएचसी में एक्सरे मशीन उपलब्ध है, लेकिन संबंधित कर्मचारी सप्ताह में तीन दिन मोंठ सीएचसी में सेवाएं देता है। इससे चिरगांव सीएचसी में इन दिनों एक्सरे जांच प्रभावित होती है। वहीं, 40 बेड के अस्पताल में सफाई कर्मचारियों की नियमित तैनाती नहीं है। अस्पताल की सफाई निजी व्यक्ति से कराई जा रही है।
ये चिकित्सक हैं तैनात
सीएचसी में अधीक्षक डॉ. रविंद्र सिंह के अलावा डॉ. राजेश सिंह, डॉ. जितेंद्र, डॉ. रामानंद, डॉ. शिवनंदन, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. तारा निगम, डॉ. देव निधि, आयुष चिकित्सक डॉ. क्रांति वर्मा और दंत चिकित्सक तैनात हैं।
-- -- -- -
उपलब्ध सुविधाएं मरीजों को दी जा रही हैं। गंभीर मरीजों को आवश्यकता के अनुसार रेफर किया जाता है। इमरजेंसी सेवा 24 घंटे संचालित है। - डॉ. रविंद्र सिंह, अधीक्षक, सीएचसी, चिरगांव
विज्ञापन
राजेंद्र कुमार जैन
चिरगांव। जिस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर चिरगांव नगर के साथ आसपास के दर्जनों गांवों के लोग इलाज के लिए निर्भर हैं, वहां जरूरी सुविधाओं का अभाव मरीजों की परेशानी बढ़ा रहा है। महिला सर्जन की तैनाती नहीं होने से ऑपरेशन प्रभावित हैं। ईसीजी मशीन एक साल से स्टोर में बंद पड़ी है। वहीं, आंखों की जांच नहीं हो रही है। बारिश के बाद अस्पताल परिसर में एक सप्ताह से जलभराव है, जिससे मरीजों और तीमारदारों की मुश्किल और बढ़ गई है।
झांसी–कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग से करीब डेढ़ किलोमीटर दूरी पर स्थित सीएचसी चिरगांव की ओपीडी में रोजाना 400 से 450 मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। हाईवे से पास होने के कारण दुर्घटनाओं में घायल मरीज भी यहां लाए जाते हैं। हालांकि यहां सर्जन और ट्रॉमा सेंटर की सुविधा नहीं है। यही वजह है कि प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर घायलों को मेडिकल कॉलेज झांसी रेफर करना पड़ता है। (संवाद)
विज्ञापन
मशीन है, टेक्नीशियन नहीं... ईसीजी बंद
अस्पताल में ईसीजी मशीन उपलब्ध है, लेकिन टेक्नीशियन नहीं होने के कारण करीब एक वर्ष से इसका उपयोग नहीं हो पा रहा है। मशीन स्टोर में रखी है और मरीजों को ईसीजी जांच के लिए दूसरे अस्पतालों का रुख करना पड़ता है।
विज्ञापन
नेत्र सहायक सेवानिवृत्त, जांच ठप
करीब एक वर्ष पहले नेत्र सहायक धर्मजीत के सेवानिवृत्त होने के बाद अब तक नई तैनाती नहीं हुई है। इससे आंखों की जांच के लिए आने वाले बुजुर्ग मरीजों को निराश होकर झांसी जाना पड़ रहा है। नेत्र जांच कक्ष में भी ताला लगा है।
पानी में होकर पहुंच रहे मरीज
बारिश के बाद सीएचसी परिसर में करीब एक सप्ताह से पानी भरा हुआ है। मरीज और तीमारदार पानी से होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। जलभराव के कारण परिसर में मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है।
मलेरिया विभाग में 24 की जगह पांच कर्मचारी
मलेरिया विभाग में पहले 24 कर्मचारी तैनात थे, लेकिन वर्तमान में केवल पांच कर्मचारी रह गए हैं। कर्मचारियों की कमी के चलते अब ग्राम पंचायतों को मलेरियारोधी दवा उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि वहां से दवा का छिड़काव कराया जा सके।
एक्सरे मशीन है, कर्मचारी तीन दिन मोंठ में
सीएचसी में एक्सरे मशीन उपलब्ध है, लेकिन संबंधित कर्मचारी सप्ताह में तीन दिन मोंठ सीएचसी में सेवाएं देता है। इससे चिरगांव सीएचसी में इन दिनों एक्सरे जांच प्रभावित होती है। वहीं, 40 बेड के अस्पताल में सफाई कर्मचारियों की नियमित तैनाती नहीं है। अस्पताल की सफाई निजी व्यक्ति से कराई जा रही है।
ये चिकित्सक हैं तैनात
सीएचसी में अधीक्षक डॉ. रविंद्र सिंह के अलावा डॉ. राजेश सिंह, डॉ. जितेंद्र, डॉ. रामानंद, डॉ. शिवनंदन, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. तारा निगम, डॉ. देव निधि, आयुष चिकित्सक डॉ. क्रांति वर्मा और दंत चिकित्सक तैनात हैं।
उपलब्ध सुविधाएं मरीजों को दी जा रही हैं। गंभीर मरीजों को आवश्यकता के अनुसार रेफर किया जाता है। इमरजेंसी सेवा 24 घंटे संचालित है। - डॉ. रविंद्र सिंह, अधीक्षक, सीएचसी, चिरगांव