माताटीला बांध का जलस्तर स्थिर रखने के लिए राजघाट बांध से चार हजार क्यूसेक पानी छोड़ना शुरू कर दिया गया है। यह पानी माताटीला बांध को मिलने लगा है। दोपहर से माताटीला बांध से पानी छोड़कर सुकुवां ढुकुवां बांध और फिर पारीछा बांध को भरा जाएगा। पांच मई से पारीछा बांध से नहरों में पानी छोड़ा जाएगा, जिससे जानवरों को पीने का पानी उपलब्ध कराने के लिए तालाब और पोखर भरे जाएंगे। सिंचाई विभाग ने गर्मी में तालाब, पोखर और गड्ढों को भरने की तैयारी कर ली है, ताकि जानवरों को पीने के पानी की दिक्कत न हो। साथ ही आसपास के हैंडपंपों का जलस्तर भी बढ़ सके। इसके लिए पांच मई से तालाब व पोखरों को भरने के लिए पंद्रह मई तक दस दिन के लिए बेतवा से जुड़ी नहरों में पानी छोड़ा जाएगा। इसके लिए राजघाट बांध से चार हजार क्यूसेक पानी छोड़ना शुरू कर दिया गया है। यह पानी माताटीला बांध से पानी छूटने पर उसके जलस्तर को स्थिर रखेगा। अभी राजघाट बांध में माताटीला बांध का आठ टीएमसी पानी सुरक्षित है, जो माताटीला कभी भी ले सकता है। माताटीला बांध से बृहस्पतिवार की दोपहर से पानी छोड़ा जाएगा। इस पानी से सुकुवां ढुकुवां और पारीछा बांध को भरा जाएगा। पारीछा बांध भरने के बाद पांच मई से नहरों में पानी छोड़ा जाएगा, जिससे झांसी और जालौन के 335 तालाब और पोखर भरने का काम होगा। अभी माताटीला बांध का जलस्तर 993 फीट है। माताटीला बांध से झांसी, बबीना, तालबेहट को जलापूर्ति मिलती है। - राजघाट बांध से पानी लेना शुरू कर दिया गया है। माताटीला बांध से पानी छोड़कर सुकुवां- ढुकुवां व पारीछा बांध को भरा जाएगा। इसके बाद छह मई से तालाब और पोखर भरने के लिए नहरों में पानी छोड़ा जाएगा। मोहम्मद फरीद, अधिशासी अभियंता माताटीला बांध।