फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   water logging in under bridge

अंडरब्रिज में भरा पानी, 25 से अधिक गांवों की बढ़ी मुसीबत

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Sat, 27 Jun 2020 10:46 PM IST
विज्ञापन
water logging in under bridge
बारिश के शुरू होते ही खजराहा अंडरब्रिज और बिजौली रेलवे क्रॉसिंग के पास छोटी पुलिया में पानी भरने से लोगों को जान जोखिम में डालकर पटरियां पार करनी पड़ रही है। इससे 25 से अधिक गांव के लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रेलवे ने झांसी-बबीना ट्रैक के बीच कई रेलवे क्रॉसिंग गेट को बंद कर दिया है। लोगों के आवागमन के लिए अंडरब्रिज बनाए गए हैं। महानगर से 15 किलोमीटर दूर स्थित खजराहा रेलवे स्टेशन के पास बने अंडरब्रिज में शनिवार की सुबह बारिश का पानी भर गया। इससे अंडरब्रिज से निकलना लोगों के लिए मुश्किल हो गया। मजबूरन लोगों को पटरियां पार करके एक पार से दूसरे पार जाना पड़ा। इस अंडरब्रिज का खजराहा खुर्द, खजराहा बुजुर्ग, किल्चवारा, सरवा, मुरारी आदि गांव के लोग आवागमन के लिए उपयोग करते हैं। प्रतिदिन इस अंडरब्रिज के नीचे से पांच हजार से अधिक लोग गुजरते हैं। इसी प्रकार बल्लमपुर रेलवे क्रॉसिंग को बंद करके यहां अंडरब्रिज का निर्माण चल रहा है। इस क्रॉसिंग गेट का बल्लमपुर, दुर्गापुर, नयागांव, मथुरापुरा, सपा, गुढ़ा, कोटी, चमरुआ समेत 20 से अधिक गांव के लोग आवागमन के लिए प्रयोग करते हैं। अंडरब्रिज का निर्माण पूरा न होने के कारण इन दिनों लोग आधा किलोमीटर दूर स्थित एक छोटी पुलिया के नीचे से निकल रहे हैं। इस पुलिया में भी पानी भर गया है। इस कारण उक्त गांवों के लोगों को महावीनपुरा, नगरा या भेल हाइवे के लंबे रास्ते से झांसी आना पड़ रहा है। - जल्द ही हर अंडरब्रिज में भरे पानी को निकालने के पंप लगाए जाएंगे। इसकी तैयारी की जा रही है। मनोज कुमार सिंह, जनसंपर्क अधिकारी।   पुलिया में पानी भरने के कारण जान जोखिम में डालकर पटरियां पार करनी पड़ रहीं हैं। ये परेशानी अब तीन महीने तक झेलनी पड़ेगी। विजय राय। हर साल ऐसी स्थिति बनती है, लेकिन रेलवे द्वारा कभी भी पानी निकालने का इंतजाम नहीं किया जाता है, जिसका खामियाजा हजारों लोगों को भुगतना पड़ता है। सुरेश सहारा। हम लोगों को परचून तक का सामान एक पार से दूसरे पार लेने जाना पड़ता है। बारिश में हम बच्चों को तक परचून का सामान लेने नहीं भेज पाते हैं। बिरजू राय। गांव से आधा किलोमीटर दूर पुलिया होने के कारण रात में वहां से गुजरने में बेहद उर लगता है। कभी भी कोई हादसा हो सकता है। बबलू।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed