{"_id":"596919b74f1c1bd6528b4596","slug":"water-level-drinking-water-crisis-coming-down-from-the-needle","type":"story","status":"publish","title_hn":"जरूरत की जद से नीचे पहुंचा जलस्तर, पेयजल संकट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जरूरत की जद से नीचे पहुंचा जलस्तर, पेयजल संकट
amarujala
Updated Sat, 15 Jul 2017 12:51 AM IST
विज्ञापन
water jhansi news
- फोटो : demo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी। दतिया के अंगूरी बैराज को भरपूर पानी की सप्लाई के कारण माताटीला बांध का जलस्तर जरूरत की जद से नीचे चला गया है। हालात यह हैं कि अब झांसी में पानी की आपूर्ति के लिए पंपिंग करनी पड़ रही है। यदि शीघ्र ही बारिश नहीं हुई और माताटीला बांध का जलस्तर ऊपर नहीं उठा तो शहर में पानी का संकट हो सकता है।
शहर में पानी सप्लाई करने वाले माताटीला बांध का जलस्तर 988 फुट स्थिर रखा जाता है, जिससे पेयजल आपूर्ति प्रभावित न हो। लेकिन, दतिया के अंगूरी बैराज को भरने के लिए माताटीला बांध से इस कदर पानी की सप्लाई की गई कि इसका जलस्तर जरूरत की जद से भी नीचे (987 फुट पर) चला गया। अब जल निगम को यहां पंप चलाकर कर पीने के पानी की पूर्ति करनी पड़ रही है। अब अगर शीघ्र ही अच्छी बारिश नहीं हुई तो पेयजल संकट गहरा जाएगा। महानगर की ज्यादातर आबादी पेयजल आपूर्ति के लिए माताटीला बांध पर निर्भर है। इस बांध से झांसी शहर के अलावा बबीना और ललितपुर जिले के तालबेहट सहित आसपास के इलाकों में जलापूर्ति होती है। माताटीला बांध के अलावा जिले में सुकवां ढुकुवां, पारीछा, पहूज, सपरार, पहाड़ी, लहचूरा, डोंगरी व खपरार बांध से भी पानी की आपूर्ति की जाती है। लेकिन, अभी तक अच्छी बारिश नहीं होने से बांधों का जलस्तर कम बना हुआ है।
दतिया के अंगूरी बैराज में पानी खत्म होने पर मध्य प्रदेश ने अपने हिस्से के पानी की मांग की। इस पर दो जुलाई को राजघाट बांध से एक हजार क्यूसेक पानी लेकर पहले माताटीला बांध का जलस्तर बढ़ाया गया। इसके बाद माताटीला बांध से दो हजार क्यूसेक पानी छोड़कर अंगूरी बैराज तक पहुंचाया गया। इसके लिए छह जुलाई तक दतिया केनाल नहर को चलाया गया। इससे अंगूरी बैराज में तो पानी की कमी पूरी हो गई, लेकिन माताटीला बांध का जलस्तर घट गया। सिंचाई विभाग को अब बारिश का इंतजार है, ताकि माताटीला बांध भर सके। सिंचाई विभाग बेतवा खंड के अधिशासी अभियंता संजय कुमार ने बताया कि जरूरत पड़ने तो राजघाट बांध से पानी लेकर माताटीला बांध का जलस्तर बढ़ा लिया जाएगा।
विज्ञापन
विधायक की मांग नहीं हो सकेगी पूरी
गरौठा विधायक जवाहर लाल राजपूत ने सिंचाई विभाग के अफसरों से धान की फसल के लिए बेतवा नहर (समथर क्षेत्र के लिए) चलाने की मांग की थी। विभाग ने 15 जुलाई से नहर चलाने की योजना बनाई थी। लेकिन बारिश न होने से विभाग के लिए ऐसा करना संभव नहीं हो पा रहा है।
ये रही बांधों की स्थिति
बांध क्षमता जलस्तर
------ ------- ---------
सुकुवां ढुकुवां 273.71 270.33
पारीछा 194.65 192.93
सपरार 224.64 215.76
पहाड़ी 195.93 193.94
लहचूरा 182.27 180.19
बड़वार झील 186.61 181.00
पहूज 234.09 231.37
डोंगरी 272.20 266.43
खपरार 273.00 267.00
नोट- जलस्तर मीटर में।
अभी इतनी ही हुई बारिश
सिंचाई विभाग के अनुसार अभी तक बुंदेलखंड के झांसी जनपद में 138, बांदा में 238, जालौन में 109, ललितपुर में 120, हमीरपुर में 173, महोबा में 49 और चित्रकूट धाम कर्वी में 426 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।
विज्ञापन
शहर में पानी सप्लाई करने वाले माताटीला बांध का जलस्तर 988 फुट स्थिर रखा जाता है, जिससे पेयजल आपूर्ति प्रभावित न हो। लेकिन, दतिया के अंगूरी बैराज को भरने के लिए माताटीला बांध से इस कदर पानी की सप्लाई की गई कि इसका जलस्तर जरूरत की जद से भी नीचे (987 फुट पर) चला गया। अब जल निगम को यहां पंप चलाकर कर पीने के पानी की पूर्ति करनी पड़ रही है। अब अगर शीघ्र ही अच्छी बारिश नहीं हुई तो पेयजल संकट गहरा जाएगा। महानगर की ज्यादातर आबादी पेयजल आपूर्ति के लिए माताटीला बांध पर निर्भर है। इस बांध से झांसी शहर के अलावा बबीना और ललितपुर जिले के तालबेहट सहित आसपास के इलाकों में जलापूर्ति होती है। माताटीला बांध के अलावा जिले में सुकवां ढुकुवां, पारीछा, पहूज, सपरार, पहाड़ी, लहचूरा, डोंगरी व खपरार बांध से भी पानी की आपूर्ति की जाती है। लेकिन, अभी तक अच्छी बारिश नहीं होने से बांधों का जलस्तर कम बना हुआ है।
विज्ञापन
दतिया के अंगूरी बैराज में पानी खत्म होने पर मध्य प्रदेश ने अपने हिस्से के पानी की मांग की। इस पर दो जुलाई को राजघाट बांध से एक हजार क्यूसेक पानी लेकर पहले माताटीला बांध का जलस्तर बढ़ाया गया। इसके बाद माताटीला बांध से दो हजार क्यूसेक पानी छोड़कर अंगूरी बैराज तक पहुंचाया गया। इसके लिए छह जुलाई तक दतिया केनाल नहर को चलाया गया। इससे अंगूरी बैराज में तो पानी की कमी पूरी हो गई, लेकिन माताटीला बांध का जलस्तर घट गया। सिंचाई विभाग को अब बारिश का इंतजार है, ताकि माताटीला बांध भर सके। सिंचाई विभाग बेतवा खंड के अधिशासी अभियंता संजय कुमार ने बताया कि जरूरत पड़ने तो राजघाट बांध से पानी लेकर माताटीला बांध का जलस्तर बढ़ा लिया जाएगा।
विज्ञापन
विधायक की मांग नहीं हो सकेगी पूरी
गरौठा विधायक जवाहर लाल राजपूत ने सिंचाई विभाग के अफसरों से धान की फसल के लिए बेतवा नहर (समथर क्षेत्र के लिए) चलाने की मांग की थी। विभाग ने 15 जुलाई से नहर चलाने की योजना बनाई थी। लेकिन बारिश न होने से विभाग के लिए ऐसा करना संभव नहीं हो पा रहा है।
ये रही बांधों की स्थिति
बांध क्षमता जलस्तर
------ ------- ---------
सुकुवां ढुकुवां 273.71 270.33
पारीछा 194.65 192.93
सपरार 224.64 215.76
पहाड़ी 195.93 193.94
लहचूरा 182.27 180.19
बड़वार झील 186.61 181.00
पहूज 234.09 231.37
डोंगरी 272.20 266.43
खपरार 273.00 267.00
नोट- जलस्तर मीटर में।
अभी इतनी ही हुई बारिश
सिंचाई विभाग के अनुसार अभी तक बुंदेलखंड के झांसी जनपद में 138, बांदा में 238, जालौन में 109, ललितपुर में 120, हमीरपुर में 173, महोबा में 49 और चित्रकूट धाम कर्वी में 426 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।