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पानी का संकट, परेशान अवाम...कुछ ऐसी हो गई मऊरानीपुर विधानसभा की पहचान

Sun, 03 Oct 2021 01:27 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 03 Oct 2021 01:27 AM IST
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Water crisis, troubled people... Something like this has become the identity of Mauranipur assembly
मऊरानीपुर। जिले की बड़ी विधानसभा है मऊरानीपुर लेकिन अधिकांश आबादी तक अभी पीने का पानी ही नहीं पहुंच सका। क्षेत्रीय लोगों का कहना है पिछले चुनाव में गांव तक पानी पहुंचाने के वायदे हुए। सूख रही फसल देखकर सिंचाई के पर्याप्त संसाधन मुहैया कराने की घोषणाएं की गईं लेकिन, साढ़े चार साल बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हो सका है। किसानों को उनकी जरूरत के मुताबिक बिजली तक नहीं मिल पा रही है।
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सरकार बुंदेलखंड में हर घर नल योजना के जरिए घरों तक पानी पहुंचाने का वायदा कर रही है लेकिन, लोगों को अब इन सरकारी वायदों पर यकीन नहीं रहा। उनका कहना है यह वायदे सिर्फ छलने के लिए होते हैं। पिछले चुनाव में पीने के साथ खेतों में पानी पहुंचाने का वायदा हुआ लेकिन, आज तक न पीने के पानी की मुकम्मल व्यवस्था नहीं हुई। तमाम लोगों का सारा दिन पानी ढोने में ही बीत जा रहा है।
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अगर सिर्फ मऊरानीपुर नगर की बात करें तब यहां की 80 फीसदी आबादी तक जलसंस्थान पानी ही नहीं पहुंचा पा रहा है। जलसंस्थान की हालत बेहद खस्ता है। वह सिर्फ बीस फीसदी हिस्से तक ही पानी पहुंचा पाता है। स्थानीय लोगोें का कहना है कि विधायक से कई बाद इस व्यवस्था को दुरुस्त कराने की मांग की गई लेकिन, हालत नहीं बदले। टीकमगढ़ रोड पर चौमुखी माता मंदिर के पास पाइप लाइन पिछले पांच साल से टूटी पड़ी है। गांधीगंज समेत अन्य इलाकों तक पानी नहीं पहुंचता। मड़न रोड पर सुखनई नदी में बोरिंग करके पंप हाउस बना, इसको जोड़ने के लिए जो पाइपलाइन बिछाई गई थी उसे एक साल पहले पुल बनाने के लिए काट दिया गया। नदीपार इलाके की जलापूर्ति के लिए डाली गई पाइप लाइन पिछले साल सुखनई नदी के पुल पर टूट गयी। यह भी आज तक नहीं जोड़ी गई। पुराने मऊ इलाके की जलापूर्ति के लिए बीस साल पहले टंकी बनी। इससे भी जलापूर्ति नहीं हो सकी। इस पूरे इलाके में पानी का गंभीर सकंट है। यही हाल खेतों का है। अधिकांश इलाके अभी तक सिर्फ बारिश के पानी पर ही निर्भर हैं। सपरार बांध से पानी जिन इलाकों में पहुंचता है वह भी बांध के खाली होने से नहीं पहुंचता। लोगों का कहना है पिछले चुनाव में पानी की समस्याएं दूर करने की बात कही गई थी लेकिन, कोई भी वायदा पूरा नहीं हुआ।
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चुनावी बहिष्कार का भी नहीं हुआ फायदा
टकटोली गांव के लोगों ने वायदे पूरा न होने से ऊबकर पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान मतदान के बहिष्कार का एलान कर दिया था। उनके एलान के बाद पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में मौके पर अधिकारियों ने पहुंचकर किसी तरह लोगों को समझा-बुझाकर बहिष्कार वापस कराया लेकिन, इसके बावजूद लोगों से किए गए वायदे पूरे नहीं हुए। लोगों का कहना है गांव की सड़क को बनवाने की बात कही गई थी लेकिन, आज तक सड़क नहीं बनी।
मऊरानीपुर की ग्राम पंचायत देवरीघाट के पहाड़िया में एक भी हैंडपंप काम नहीं कर रहा। कुआं भी नहीं है। लोगों को काफी दूर से पानी लाना पड़ रहा है। चुरारा के पास स्थित पठाई में पानी नहीं है। चुनाव के दौरान हमेशा पानी दिलाने का वायदा होता है। आज तक यह वायदा पूरा नहीं हुआ।
चिन्तामन श्रीवास
मोहल्ले में नियमित रूप से पानी की सप्लाई नहीं है। मोहल्ले के लोग परेशान हैं। पानी के लिए हैंडपंप का सहारा है। काफी दूर से पानी लाना पड़ता है।
-जितेंद्र श्रीवास
पूरे मोहल्ले में बिजली व पानी की भीषण समस्या है। यहां अधिकांश बुनकर समाज के लोग रहते हैं। इस वजह से वह अपने पावरलूम नहीं चला पाते। पानी के लिये उन्हें भटकना पड़ता है।
सचिन आर्य
न बिजली मिलती है, न पानी। पानी नियमित नहीं आता। पिछले चुनाव में इसकी व्यवस्था कराने का वायदा होता है। आज तक यह वायदा पूरा नहीं हुआ।
गुलशेर अहमद
पानी को लेकर हम लोग बेहद परेशान हैं। चार-चार दिन तक पानी नहीं आता। चुनाव के दौरान सिर्फ वायदे किए जाते हैं।
सरोज
पूरे इलाके में पानी की सबसे गंभीर समस्या है। लोगों को पीने का पानी नहीं मिलता। किसान भी पानी न मिलने से परेशान हैं। पीने के पानी के लिए लोगों को पानी खरीदकर पीना पड़ता है।
सौरभ भार्गव ।
कई इलाकों में आज तक वाटरलाइन नहीं डाली गई। अधिकांश लोगों को सिर्फ हैंडपंप एवं कुओं पर निर्भर रहना पड़ता है। पिछले चुनाव में इस समस्या को खत्म करा देने के वायदे किए गए लेकिन, आज भी समस्या बरकरार है।

मुकेश विश्वकर्मा
बोले विधायक
विधायक बिहारी लाल आर्य का कहना है कि पीने के पानी के साथ ही सिंचाई व्यवस्था दुरूस्त करने को साढ़े चार साल के दौरान कई अहम कार्य कराए गए। पेयजल के लिए साढ़े तीन करोड़ की लागत से 650 हैंडपंप लगवाए गए। रानीपुर व लुहरगांव में ट्यूबबेल बनवाए गए। करीब 755 करोड़ की लागत से जल जीवन मिशन का काम तेजी से चल रहा है। जल जीवन मिशन शहरी की मदद से नोटघाट से मऊरानीपुर, रानीपुर, कटेरा में जल आपूर्ति का प्रस्ताव भेजा गया र्है। इसे जल्द मंजूरी मिल जाएगी। बिजली की व्यवस्था ठीक करने के लिए मऊरानीपुर में 40-40 केबीए के दो ट्रांसफार्मर लगवाए गए हैं। मड़ा मंदिर क्षेत्र में 33/11 के सबस्टेशन पर 10 केबीए के पांच ट्रांसफार्मर लगवाये हैं।
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