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पानी, बिजली, सड़क कुछ नहीं ठीक

Mon, 25 Apr 2016 11:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 25 Apr 2016 11:49 PM IST
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water crisis in karguwan
karguwan, jhansi hindi news - फोटो : amar ujala
झांसी। महानगर का करगुवां क्षेत्र कई बड़ी समस्याओं से ग्रस्त है। जल संकट के चलते अधिकांश आबादी एक ही हैंडपंप पर आश्रित है तो वहीं बिजली के तार लकड़ी के खंभों पर लटके हैं।  
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विकसित बस्तियों में शुमार करगुवां क्षेत्र में जल संकट इन दिनों लोगों को दिन रात जागने पर मजबूर कर रहा है। खराब पडे़ हैंडपंपों को सुधारने के लिए तमाम शिकायतों के बाद भी जल संस्थान ध्यान नहीं दे रहा है। संस्थान की ओर से कोई पाइप लाइन नहीं बिछी। ऐसे में रौतयाना, पहाड़ी, प्राइमरी स्कूल आदि क्षेत्रों में निवास करने वाले सैकड़ों परिवार पानी के लिए यहां वहां भटक रहे हैं, जो आर्थिक रूप से सक्षम है और स्वयं का ट्रैक्टर है, उन्होंने टैंकर बनवाकर दूरस्थ क्षेत्रों से पानी इकठ्ठा कर लिया, जिनके पास यह व्यवस्था नहीं है, उनके घर के सदस्यों को लगभग डेढ़ व दो किमी पैदल अथवा दुपहिया वाहनों व साइकिलों से दौड़ना पड़ता है।  
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स्थानीय दुकानदार नरेंद्र राजपूत ने बताया कि क्षेत्र के अधिकांश हैंडपंप खराब पडे़ हैं। जल संस्थान की पाइप लाइन भी नहीं है यहां। ऐसे में अधिकांश लोगों को कारस देव के मंदिर से लगे हैंडपंप से पानी जुटाना पड़ता है। कई लोग तो रात्रि में पानी भरते हैं।
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सुमित्रा के अनुसार करगुंवा स्थित टौरिया पर लगभग 500 परिवार रहते हैं, लेकिन टौरिया में पानी का कोई स्रोत नहीं हैं। हालांकि, एक हैंडपंप लगा है, लेकिन उसमें पाइप नहीं पड़ा है। ऐसे में पहाड़िया पर रहने वाले लोग कारस देव मंदिर पर लगे हैंडपंप पर आते हैं।
 
शैलेंद्र कुशवाहा के मुताबिक मुख्य मार्ग का डामरीकरण वर्षों से नहीं हुआ। नालियों के पत्थर उखड़ गए हैं। गड्ढे होने पर बरसात के दिनों में जलभराव की स्थिति पैदा हो जाती है। अगर मार्ग दुरुस्त हो जाए, तो क्षेत्र की यह प्रमुख समस्या हल हो जाएगी।


नीलू यादव ने बताया कि करगुंवा में साफ सफाई नियमित नहीं होती है। अगर सफाई हुई तो गंदगी के ढेर मुहल्लों में लग जाते हैं। इनके अनुसार अधिकांश मौके पर लोगों को कचरे के ढेर हटाने पड़ते हैं। बरसात के दौरान जलभराव क ी स्थिति होने पर गंदगी दिखती है।
कई क्षेत्र वासियों के अनुसार लकड़ी के खंभे पर बिजली के तार लटक रहे है।ं कई बार बिजली विभाग को इस मामले में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन कुछ नहीं हुआ।
 
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