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वर्ल्ड कप में खेलने का सपना- विक्टो

Wed, 10 Jan 2018 01:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूराो
अमर उजाला ब्यूराो Updated Wed, 10 Jan 2018 01:56 AM IST
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want to play world club - victo
jhansi, sports news - फोटो : demo pic
हॉकी जूनियर वर्ल्ड कप के बाद सीनियर टीम की ओर से वर्ल्ड कप खेलने का सपना संजोया था। साल 2011 में चयन न होने का मलाल रहा। इस बार मौके को दोबारा पाने के लिए पूरी मेहनत कर रहा हूं। यह बात रेलवे की ओर से आयोजित नेशनल हॉकी प्रतियोगिता में सेंट्रल जोन के खिलाड़ी विक्टो सिंह ने कही।
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विक्टो ने बताया कि उन्होंने 11 साल की उम्र में से ही खेलने शुरू कर दिया था। पिता को हॉकी में दिलचस्पी नहीं थी पर बाकी सदस्य इस खेल के प्रेमी और बेस्ट प्लेयर रहे। इसका फायदा उन्हें मिला। उन्होंने बताया कि खेलने का हुनर उन्हें उनके चाचा रोमेश से मिला। मणिपुर निवासी विक्टो ने बताया कि साल 2001 में उनका चयन डिस्ट्रिक लेबल की टीम में हुआ। बेहतरीन प्रदर्शन को देख उनका चयन स्टेट लेबल के लिए हुआ। स्टेट लेबल में भी बेहतरीन प्रदर्श करने के बाद जूनियर वर्ल्ड कप के लिए उनका चयन हुआ। वर्ष 2003-04 में जूनियर वर्ल्ड कप में प्रतिद्वंदियों को उन्होंने लोहा मनवाया। जूनियर वर्ल्ड कप के बाद उनका सपना वर्ल्ड कप में खेलने का था और इस सपना को पूरा करने के लिए उन्होंने कोई कसर नहीं छोड़ी पर किस्मत ने साथ नहीें दिया। 2010-11 वर्ल्ड कप में उन्हें कैंप में रहना पड़ा। उन्हें इस बात का मलाल तो रहा पर सीनियर खिलाड़ियों से कैंप में उन्हें मिली सीख ने उनकी निराशा को दूर कर खेलने के हौसले को दोगुना कर दिया। सीनियर खिलाड़ियों ने उनके हॉकी प्रेम को देखते हुए कई छोटी-मोटी खामियों को बताते हुए उन्हें दूर करने के गुर भी सिखाए।
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सीनियर कोच जोश बरसा उनके चहेते कोच हैं और हॉकी वर्ल्ड के लिए उनके अधीन ही रह कर तैयारी करना चाहते हैं। इसके अलावा उनके चहेते कोचों में उनके चाचा सहित जूनियर एके बंसल और सुखदेव सिंह हैं। रेलवे में वह सीनियर टीटीई के पद पर छत्रपति शिवाजी टर्मिनल, मुंबई में तैनात हैं।
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स्विट्जरलैंड की जूनियर टीम को दी ट्रेनिंग
विक्टो सिंह ने बताया कि जर्मनी लीग खेलने के लिए वह जर्मनी पहुंचे थे। वहां उन्होंने अपने हुनर को जूनियर प्लेयरों के साथ साझा किया और उन्हें वहां पर ट्रेनिंग दी। इसके अलावा वह मुंबई में हॉकी के बच्चों को समय-समय पर ट्रेनिंग देते हैं।  



जूनियर वर्ल्ड कप की यादें हुईं ताजा
मंगलवार को ध्यानचंद स्टेडियम में खेले गए मैच में विक्टो सिंह को जूनियर वर्ल्ड कप की याद आ गई। उन्होंने बताया कि जूनियर वर्ल्ड कप में जिस प्रकार से गोल दागे थे ठीक उसी तरीके से आज दागे हैं। उनके इस अंदाज को साथी खिलाड़ियों ने भी सराहा।
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