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वृंदावन लाल के पौत्र की सड़क हादसे में मौत
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झांसी। शुक्रवार को महोबा के कबरई में हुए सड़क हादसे में बुंदेलखंड के प्रसिद्घ उपन्यासकार व इतिहासकार डॉ. वृंदावन लाल वर्मा के पौत्र रमाकांत वर्मा की मौत हो गई। जबकि पत्नी व चालक गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनाें को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। खबर मिलते ही मेडिकल कॉलेज में शुभचिंतकों का जमावड़ा लगा रहा।
थाना नवाबाद स्थित सिविल लाइन निवासी जिला क्रिकेट संघ के कोषाध्यक्ष रमाकांत वर्मा (65) शुक्रवार को अपनी पत्नी मीना वर्मा (60) केे साथ कार से चित्रकूट धाम पर कामतानाथ के दर्शन करने गये थे। थाना प्रेमनगर स्थित हंसारी निवासी चालक महेश (32) गाड़ी चला रहे थे। शुक्रवार को दर्शन करके लौटते समय जिला मुख्यालय से दस किमी दूर गुगौरा चौकी के पास हाईवे में सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक और कार की आमने-सामने भिड़ंत हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने कार में फंसे तीन लोगों को बाहर निकालकर अस्पताल भेजा। जहां उपचार से पहले ही रमाकंात वर्मा ने दम तोड़ दिया।
जबकि, हालत गंभीर देखते हुए चिकित्सकों ने मीना वर्मा व चालक महेश को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज झांसी रेफर कर दिया। रात करीब साढ़े आठ बजे दोनों को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज लाय गया। जहां दोनाें का उपचार चल रहा है। बताया गया है कि मृतक रमाकांत वर्मा बुंदेलखंड के प्रसिद्घ उपन्यासकार व इतिहासकार डॉ. वृंदावन लाल वर्मा के पौत्र थे। वह कई स्वयंसेवी संस्थाओं के पदाधिकारी भी थे। मेडिकल कॉलेज के बाहर शुभचिंतकों का जमावड़ा भी लगा रहा। कई शुभचिंतक व रिश्तेदार महोबा भी रवाना हो गए।
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थाना नवाबाद स्थित सिविल लाइन निवासी जिला क्रिकेट संघ के कोषाध्यक्ष रमाकांत वर्मा (65) शुक्रवार को अपनी पत्नी मीना वर्मा (60) केे साथ कार से चित्रकूट धाम पर कामतानाथ के दर्शन करने गये थे। थाना प्रेमनगर स्थित हंसारी निवासी चालक महेश (32) गाड़ी चला रहे थे। शुक्रवार को दर्शन करके लौटते समय जिला मुख्यालय से दस किमी दूर गुगौरा चौकी के पास हाईवे में सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक और कार की आमने-सामने भिड़ंत हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने कार में फंसे तीन लोगों को बाहर निकालकर अस्पताल भेजा। जहां उपचार से पहले ही रमाकंात वर्मा ने दम तोड़ दिया।
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जबकि, हालत गंभीर देखते हुए चिकित्सकों ने मीना वर्मा व चालक महेश को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज झांसी रेफर कर दिया। रात करीब साढ़े आठ बजे दोनों को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज लाय गया। जहां दोनाें का उपचार चल रहा है। बताया गया है कि मृतक रमाकांत वर्मा बुंदेलखंड के प्रसिद्घ उपन्यासकार व इतिहासकार डॉ. वृंदावन लाल वर्मा के पौत्र थे। वह कई स्वयंसेवी संस्थाओं के पदाधिकारी भी थे। मेडिकल कॉलेज के बाहर शुभचिंतकों का जमावड़ा भी लगा रहा। कई शुभचिंतक व रिश्तेदार महोबा भी रवाना हो गए।
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