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पिछली सरकारों में नकल के नाम पर मांगे जाते थे वोट: योगेंद्र
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झांसी। उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि पिछली सरकारों में नकल के नाम पर वोट मांगे जाते थे। सपा-बसपा की सरकारों में नकल उद्योग खूब चला। भाजपा सरकार बनने के बाद पिछले पांच साल में इसमें काफी सुधार आया है। अब सरकार शिक्षा को संस्कार, रोजगार, तकनीकी से जोड़ रही है। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में हुए शिक्षक एवं अध्यापन विषय पर चर्चा के दौरान उन्होंने ये बात कही।
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि आज हम अपने गौरवशाली इतिहास को नहीं जानते, क्योंकि ये हमें पढ़ाया ही नहीं गया। शिक्षा भी सिर्फ नौकरी पाने के लिए ग्रहण करते हैं। जबकि, हमारी समाज के प्रति भी जिम्मेदारी है। आज मोदी और योगी बिगड़ी शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाए हैं। संघ के कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के प्रांत कार्यवाह अनिल श्रीवास्तव ने कहा कि परिवार, समाज और शिक्षा का केंद्र मनुष्य के व्यक्तित्व का निर्माण करती है। लंबे कार्यखंड में संस्कृति को तोड़ा गया। शिक्षा का क्षेत्र मेवा का क्षेत्र बन गया देश के सर्वोच्च शिक्षण संस्थान कहे जाने वाले विश्वविद्यालय में देश विरोधी विचारधारा को बढ़ावा दिया जाता था। अब देश का भला न चाहने वाले अंतिम अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं। बीयू कुलपति प्रो. मुकेश पांडेय ने विश्वविद्यालय की प्रगति आख्या प्रस्तुत की। कहा कि विश्वविद्यालय नैक का ए प्लस ग्रेड लाने के लिए प्रयासरत है। इस दौरान कुलसचिव विनय कुमार सिंह, परीक्षा नियंत्रक राजबहादुर, प्रो. अपर्णा राज, प्रो. सुनील काबिया, प्रो. देवेश निगम, प्रो. प्रतीक अग्रवाल, डॉ. डीके भट्ट, इंजी. राहुल शुक्ला, डॉ. मुकुल पस्तोर, डॉ. सौरभ श्रीवास्तव, डॉ. बाबूलाल तिवारी, डॉ. मुन्ना तिवारी, डॉ. पुनीत बिसारिया मौजूद रहे।
अगली बार बीयू को देंगे बीएड परीक्षा का जिम्मा
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि अगली बार बीएड की परीक्षा का जिम्मा बीयू को देंगे। इस बार बरेली विश्वविद्यालय को दिया है। कहा कि इसके लिए भी एक छात्र से पर्ची उठवाई थी, जिसमें बरेली विश्वविद्यालय का नाम निकलकर आया। कहा पहले तो इसमें भी भ्रष्टाचार होता था।
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छह महीने में दो लाख छात्रों को मिलेंगे टैबलेट
मंत्री ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि छह महीने में दो लाख और पांच साल में हर छात्र को टैबलेट व स्मार्टफोन मिलेंगे। इसके अलावा विश्वविद्यालयों में नई नियुक्तियों की योजना बन रही है, जिससे शिक्षा क्षेत्र मजबूत होगा। शिक्षा, परीक्षाएं ठीक हों, इसलिए पैटर्न में बदलाव लाया गया है।
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उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि आज हम अपने गौरवशाली इतिहास को नहीं जानते, क्योंकि ये हमें पढ़ाया ही नहीं गया। शिक्षा भी सिर्फ नौकरी पाने के लिए ग्रहण करते हैं। जबकि, हमारी समाज के प्रति भी जिम्मेदारी है। आज मोदी और योगी बिगड़ी शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाए हैं। संघ के कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के प्रांत कार्यवाह अनिल श्रीवास्तव ने कहा कि परिवार, समाज और शिक्षा का केंद्र मनुष्य के व्यक्तित्व का निर्माण करती है। लंबे कार्यखंड में संस्कृति को तोड़ा गया। शिक्षा का क्षेत्र मेवा का क्षेत्र बन गया देश के सर्वोच्च शिक्षण संस्थान कहे जाने वाले विश्वविद्यालय में देश विरोधी विचारधारा को बढ़ावा दिया जाता था। अब देश का भला न चाहने वाले अंतिम अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं। बीयू कुलपति प्रो. मुकेश पांडेय ने विश्वविद्यालय की प्रगति आख्या प्रस्तुत की। कहा कि विश्वविद्यालय नैक का ए प्लस ग्रेड लाने के लिए प्रयासरत है। इस दौरान कुलसचिव विनय कुमार सिंह, परीक्षा नियंत्रक राजबहादुर, प्रो. अपर्णा राज, प्रो. सुनील काबिया, प्रो. देवेश निगम, प्रो. प्रतीक अग्रवाल, डॉ. डीके भट्ट, इंजी. राहुल शुक्ला, डॉ. मुकुल पस्तोर, डॉ. सौरभ श्रीवास्तव, डॉ. बाबूलाल तिवारी, डॉ. मुन्ना तिवारी, डॉ. पुनीत बिसारिया मौजूद रहे।
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अगली बार बीयू को देंगे बीएड परीक्षा का जिम्मा
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि अगली बार बीएड की परीक्षा का जिम्मा बीयू को देंगे। इस बार बरेली विश्वविद्यालय को दिया है। कहा कि इसके लिए भी एक छात्र से पर्ची उठवाई थी, जिसमें बरेली विश्वविद्यालय का नाम निकलकर आया। कहा पहले तो इसमें भी भ्रष्टाचार होता था।
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छह महीने में दो लाख छात्रों को मिलेंगे टैबलेट
मंत्री ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि छह महीने में दो लाख और पांच साल में हर छात्र को टैबलेट व स्मार्टफोन मिलेंगे। इसके अलावा विश्वविद्यालयों में नई नियुक्तियों की योजना बन रही है, जिससे शिक्षा क्षेत्र मजबूत होगा। शिक्षा, परीक्षाएं ठीक हों, इसलिए पैटर्न में बदलाव लाया गया है।