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अटल पार्क देखने के लिए चुकाना होगा शुल्क

Sat, 27 Nov 2021 01:27 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 27 Nov 2021 01:27 AM IST
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visiting atal park, now paid
झांसी। एक सप्ताह पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस अटल एकता पार्क का उद्घाटन किया था, उसमें घूमने के लिए अब शहरवासियों को जेब ढीली करनी होगी। झांसी विकास प्राधिकरण द्वारा बनाए गए इस भव्य पार्क में घूमने के लिए 10 रुपये और वाहन पार्किंग के लिए 10 से 20 रुपये का शुल्क वसूलना शुरू कर दिया है। उद्घाटन के बाद जहां प्रतिदिन डेढ़ से दो हजार लोग आते थे, वहीं शुल्क लगने के बाद यह संख्या कम होकर दो सौ से भी कम रह गई है। हालांकि प्राधिकरण की तरफ से 12 साल से कम उम्र के बच्चे और 60 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्गों को शुल्क में छूट दी गई है। बुजुर्गों से वाहन पार्किंग शुल्क वसूला जाएगा। फिलहाल प्राधिकरण की तरफ से प्रवेश शुल्क लिया जा रहा है। उसके बाद रखरखाव का टेंडर लेने वाली कंपनी द्वारा शुल्क वसूला जाएगा। इसके लिए प्राधिकरण की तरफ से करीब 26 लाख रुपये सालाना ठेकेदार से लिए जाएंगे।
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सुबह आठ बजे पहले सैर करना फ्री
सुंदर और अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस अटल एकता पार्क में प्रवेश शुल्क केवल सुबह आठ से शाम आठ बजे तक आने वाले लोगों से ही शुल्क वसूला जाएगा। वहीं सुबह आठ से पहले और शाम को आठ बजे के बाद सैर करने वालों से शुल्क नहीं लिया जाएगा। यहां बच्चों के लिए कई तरह के झूले, युवाओं के लिए ओपन जिम, ओपन थियेटर, योगा सेंटर, पुस्तकालय, फव्वारे जैसी कई सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैँ। पार्क के अंदर सात दुकानें और पुस्तकालय में केफेटेरिया बनाया गया है। अटल स्मृति पुस्तकालय में 25 हजार किताबें रखी जानी है और फिलहाल करीब 5 हजार पुस्तक आ चुकी हैं। लाइब्रेरी का शुल्क अभी फाइनल नहीं किया गया है। हालांकि अधिकारी करीब एक हजार रुपये सालाना का शुल्क बता रहे हैं।
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शहरवासियों ने किया विरोध
- पार्क में घूमने पर शुल्क वसूलना जेब पर डाका है। यानि एक परिवार अगर पार्क में आता है तो 50 से 100 रुपये खर्च करने पड़ेंगे। शुल्क लगाए जाने के बाद यहां आने वालों की संख्या कम होगी। -मीता सिंह
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- यह शहर के बीच में अच्छा पार्क है और आसपास रहने वाले परिवार ही यहां आएंगे। ऐसे में शुल्क लगाया जाना गलत है। अधिकारी अन्य मद से बजट निकालकर इसका रखरखाव करें।-अंचल सिंह
- 10 रुपये का चार्ज ज्यादा नहीं है। शुल्क लगाने से असामाजिक तत्वों का आना कम होगा। साथ ही पार्क का रखरखाव बेहतर तरीके से हो सकेगा।-अमर अग्रवाल
- पार्किंग शुल्क वसूलना तो ठीक है, लेकिन प्रवेश शुल्क लगाना गलत है। ऐतिहासिक धरोहरों के प्रवेश पर शुल्क तो होता है, लेकिन शहरी पार्कों पर कहीं भी शुल्क नहीं लिया जाता।-माला सिंह

पार्क के रखरखाव में काफी खर्चा होना है। 10 रुपये नाममात्र का शुल्क रखा गया है, जो ज्यादा नहीं है। वहीं बच्चे व बुजुर्गों का प्रवेश मुफ्त रहेगा। शहरवासी लाइब्रेरी में किताबें दान कर सकते हैं। - सर्वेश दीक्षित, उपाध्यक्ष विकास प्राधिकरण
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