फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   victim can lodge dowry case anywhere

पीड़िता कहीं भी दर्ज करा सकेगी दहेज का मुकदमा

Sun, 21 Jul 2019 09:03 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 21 Jul 2019 09:03 PM IST
विज्ञापन
victim can lodge dowry case anywhere
पीड़िता कहीं भी दर्ज करा सकेगी दहेज का मुकदमा
विज्ञापन

झांसी। दहेज उत्पीड़न के मामलों में पीड़िता अब मायके या ससुराल के किसी भी थाना क्षेत्र में मुकदमा दर्ज करा सकेेगी। लगातार हो रहीं शिकायतों के मद्देनजर डीजीपी ने यह निर्णय लिया है। सख्ती से पालन कराने के लिए डीजीपी ने सभी पुलिस अधिकारियों को निर्र्देश दिए हैं।
दहेज उत्पीड़न के मुकदमों को दर्ज कराने के लिए अब पीड़ित महिलाओं को पुलिस अधिकारियों व थानों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। अधिकांश ऐसे मामलों में जिला या फिर थाना क्षेत्र बदला होने के कारण दहेज का मुकदमा दर्ज कराने के लिए काफी परेशानी होती है। पुलिस के मामला दर्ज न करने पर ऐसे मामले डीजीपी व मुख्यमंत्री तक पहुंच रहे हैं, जिससे पुलिस की छवि पर भी असर पड़ रहा है। इन मामलों को देखते हुए डीजीपी ने सभी पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि दहेज के मामले गंभीरता के साथ दर्ज किए जाएं। पीड़ित कहीं की भी रहने वाली हो और उसका मायका या फिर ससुराल किसी भी थाना क्षेत्र का हो। वह जहां भी शिकायत करेगी, तत्काल मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
विज्ञापन

बताया गया है कि पिछले कई दिनों से डीजीपी ओपी सिंह के पास बड़ी तादाद में शिकायतें पहुंच रही थीं कि पुलिस दहेज उत्पीड़न से संबंधित मामले दर्ज नहीं करती है। मामला टालने के लिए उनको परिवार परामर्श केंद्र में भेज दिया जाता है। महीनों चक्कर काटने पर न्याय मिलने में काफी देर हो जाती है। महिलाओं की शिकायत पर उन्होंने प्रदेश के सभी एसएसपी व एसपी को निर्देश जारी किए हैं कि वह दहेज उत्पीड़न से संबंधित मामले सीधे दर्ज करें। उनकी तहरीर परिवार परामर्श केंद्र में न भेजी जाए। अपर पुलिस अधीक्षक राहुल मिठास ने बताया कि आदेश को लागू कराया जा रहा है। कहीं भी पीड़िता अपनी एफआईआर दर्ज करा सकेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

महीनों बाद लगती है रिपोर्ट
बताया गया है कि अभी तक दहेज उत्पीड़न के सभी मुकदमे परिवार परामर्श केंद्र की रिपोर्ट के बाद ही दर्ज होते थे। दरअसल, परिवार परामर्श केंद्र में काउंसलर दोनों पक्षों के साथ बैठक करने के बाद अपनी रिपोर्ट लगाते हैं मगर इसमें महीनों लग जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed