{"_id":"69ced93c99f5aab58e010f68","slug":"verdict-insurance-company-to-pay-5-lakhs-with-interest-within-two-months-jhansi-news-c-11-jhs1004-768796-2026-04-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"फैसला : बीमा कंपनी दो माह में दे 5 लाख रुपये मय ब्याज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फैसला : बीमा कंपनी दो माह में दे 5 लाख रुपये मय ब्याज
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। सड़क हादसे में किसान की मौत के बाद बीमा क्लेम देने से इन्कार करने पर स्थायी लोक अदालत ने बीमा कंपनी को फटकार लगाते हुए दो माह के भीतर पांच लाख रुपये नौ प्रतिशत साधारण ब्याज सहित भुगतान करने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही मानसिक कष्ट और वाद व्यय के लिए अलग-अलग राशि देने का भी निर्देश दिया गया है। यह आदेश स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष विजय कृष्ण सिंह ने सुनाया।
मामले के अनुसार, ओरछा गेट के बाहर निवासी सोनू कुशवाहा ने बताया कि उसके पिता किसान थे और उनका पीएम किसान एवं सर्वहित बीमा योजना के तहत बीमा था। 31 जुलाई 2019 को चिरगांव के बरल के पास सड़क हादसे में उनके पिता की मौत हो गई थी। घटना की रिपोर्ट चिरगांव थाने में दर्ज कराई गई थी।
पिता की मृत्यु के बाद वादी ने बीमा कंपनी से पांच लाख रुपये का क्लेम मांगा, लेकिन कंपनी ने भुगतान से इन्कार कर दिया। इसके बाद वादी ने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय ने पहले दोनों पक्षों के बीच सुलह कराने का प्रयास किया, लेकिन सुलह न होने पर मामले की सुनवाई की गई।
विज्ञापन
सुनवाई के दौरान बीमा कंपनी की ओर से दलील दी गई कि मृतक किसान की वार्षिक आय 75 हजार रुपये से अधिक है, इसलिए क्लेम देना संभव नहीं है। वहीं वादी पक्ष ने तहसीलदार द्वारा जारी प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया, जिसमें वार्षिक आय 74 हजार रुपये दर्शाई गई।
सभी पक्षों को सुनने के बाद स्थायी लोक अदालत ने बीमा कंपनी को निर्देश दिया कि वह दो माह के भीतर पांच लाख रुपये नौ प्रतिशत साधारण ब्याज सहित अदा करे। साथ ही मानसिक कष्ट के लिए 25 हजार रुपये और वाद व्यय के लिए 15 हजार रुपये अलग से देने के आदेश भी दिए गए।
विज्ञापन
झांसी। सड़क हादसे में किसान की मौत के बाद बीमा क्लेम देने से इन्कार करने पर स्थायी लोक अदालत ने बीमा कंपनी को फटकार लगाते हुए दो माह के भीतर पांच लाख रुपये नौ प्रतिशत साधारण ब्याज सहित भुगतान करने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही मानसिक कष्ट और वाद व्यय के लिए अलग-अलग राशि देने का भी निर्देश दिया गया है। यह आदेश स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष विजय कृष्ण सिंह ने सुनाया।
मामले के अनुसार, ओरछा गेट के बाहर निवासी सोनू कुशवाहा ने बताया कि उसके पिता किसान थे और उनका पीएम किसान एवं सर्वहित बीमा योजना के तहत बीमा था। 31 जुलाई 2019 को चिरगांव के बरल के पास सड़क हादसे में उनके पिता की मौत हो गई थी। घटना की रिपोर्ट चिरगांव थाने में दर्ज कराई गई थी।
विज्ञापन
पिता की मृत्यु के बाद वादी ने बीमा कंपनी से पांच लाख रुपये का क्लेम मांगा, लेकिन कंपनी ने भुगतान से इन्कार कर दिया। इसके बाद वादी ने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय ने पहले दोनों पक्षों के बीच सुलह कराने का प्रयास किया, लेकिन सुलह न होने पर मामले की सुनवाई की गई।
विज्ञापन
सुनवाई के दौरान बीमा कंपनी की ओर से दलील दी गई कि मृतक किसान की वार्षिक आय 75 हजार रुपये से अधिक है, इसलिए क्लेम देना संभव नहीं है। वहीं वादी पक्ष ने तहसीलदार द्वारा जारी प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया, जिसमें वार्षिक आय 74 हजार रुपये दर्शाई गई।
सभी पक्षों को सुनने के बाद स्थायी लोक अदालत ने बीमा कंपनी को निर्देश दिया कि वह दो माह के भीतर पांच लाख रुपये नौ प्रतिशत साधारण ब्याज सहित अदा करे। साथ ही मानसिक कष्ट के लिए 25 हजार रुपये और वाद व्यय के लिए 15 हजार रुपये अलग से देने के आदेश भी दिए गए।