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Jhansi News: वाहनों को बनाया रसोईघर, चला रहे ढाबे

Mon, 26 May 2025 02:31 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 26 May 2025 02:31 AM IST
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Vehicles converted into kitchens, running Dhabas
वाहन को मोडिफाई कर बना दिया ढाबा।  - फोटो : अमर उजाला
संवाद न्यूज एजेंसी
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झांसी। वाहनों का स्वरूप बदलकर रसोईघर बना दिया। सड़क किनारे खड़ाकर आसपास के एरिया में टेबल-कुर्सी सजाई और तैयार कर लिया ढाबा। शहर में कुछ इसी तरह के ढाबे चलाए जा रहे हैं। इन वाहनों में आइसक्रीम, बिरयानी, फास्ट फूड के साथ नॉनवेज खाद्य सामग्री भी बेची जा रही है। शहर के कई इलाकों में सड़क किनारे वाहन पर सजीं दुकानें दिख रही हैं।

शहर के बीकेडी चौराहा, सदर बाजार, इलाइट चौराहा, मानिक चौक, बस स्टैंड, मेडिकल कॉलेज, रेलवे स्टेशन, सीपरी बाजार क्षेत्र में जगह-जगह मॉडिफाइड लोडर या छोटा हाथी वाहन खड़े मिल जाएंगे। बीकेडी चौराहे पर कुछ वाहनों के स्वरूप में बदलाव कर रसोईघर बना दिया गया है। यहां ढाबा संचालित हो रहे हैं। यहां फास्ट फूड व बिरयानी आदि बेची जा रही है। कई संचालकों के पास फूड लाइसेंस भी नहीं है। कई के पास तो फिटनेस, बीमा और पंजीकरण जैसे दस्तावेज भी नहीं है। फास्ट फूड अथवा नॉन वेज बेचने वाले इन दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि इनके यहां अच्छा खासा कारोबार है।
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राजस्थान की गाड़ियों की भरमार, बेची जा रही आइसक्रीम



शहर में इस तरह के वाहनों में सबसे ज्यादा आइसक्रीम की गाड़ियां हैं। इनमें अधिकतर राजस्थान नंबरों की गाड़ियां हैं। इन वाहन पर मौजूद दुकानदार से बात की गई तो बताया कि वह तो नौकर है। सेठ राजस्थान में रहते हैं।
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ये है नियम



वाहन के स्वरूप को बदलना अवैधानिक है। यदि कोई ऐसा करता है तो कार्रवाई की जा सकती है। केवल वाहनों की चेसिस खरीदकर ही इसे विकसित कराया जा सकता है। इसकी भी जानकारी और स्वीकृति परिवहन कार्यालय से होती है। यदि बगैर स्वीकृति इस तरह के वाहन हैं तो गलत है। वाहनों के स्वरूप को बदला नहीं जा सकता है।


वर्जन -

चेसिस को ही मॉडिफाइड कराकर विकसित किया जा सकता है। पूर्ण वाहन मॉडिफाइड कराने का नियम नहीं है। यदि ऐसा किया गया है तो इसकी जांच कराई जाएगी। जांच में कोई वाहन पकड़ में आता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. सुजीत सिंह, एआरटीओ प्रशासन
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