{"_id":"6032c8248ebc3ee9644165c2","slug":"valentine-day-ke-din-se-hi-kritika-ne-kar-diya-tha-bolna-band-jhansi-news-jhs1891515152","type":"story","status":"publish","title_hn":"वेलेंटाइन डे के दिन से ही कृतिका ने कर दिया था मंथन से बोलना बंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वेलेंटाइन डे के दिन से ही कृतिका ने कर दिया था मंथन से बोलना बंद
विज्ञापन
झांसी। वेलेंटाइन डे वाले दिन से ही हुकुमेंद्र को लेकर कृतिका व मंथन के बीच खटास शुरू हो गई थी। कृतिका ने मंथन से बोलना कर दिया था। बस यह बात उसे नागवार गुजर रही थी। रिश्तों में खटास आने के बाद मंथन ने दोनों से बदला लेने की ठान ली थी। प्लानिंग के बाद शुक्रवार को उसने गोली मारकर दोनों को मौत की नींद सुला दिया। उसका कहना है कि हुकुमेंद्र व कृतिका की नजदीकियों को लेकर साथी छात्र उस पर तरह-तरह के कमेंट्स करते थे। इससे उसकी रातों की नींद उड़ गई थी। अब आरोपी जेल में है।
बुंदेलखंड महाविद्यालय में साल 2016 में मंथन और कृतिका के बीए प्रथम वर्ष प्रवेश लेने के बाद से ही कुछ समय बीतने के बाद दोस्ती हो गई थी। अंतिम वर्ष में पहुंचते ही हुकुमेंद्र भी दोस्त बन गया था। देखते ही देखते तीनों कॉलेज में अच्छे दोस्त बन गए थे। तीनों एक साथ कॉलेज आते थे। कॉलेज में तीनों एनसीसी के छात्र भी थे। लॉकडाउन के दौरान तीनों ने चौराहों पर ड्यूटी भी की थी। बस यहीं से मंथन कृतिका के करीब आने लगा। दोनों के करीब होने की जानकारी भी साथी छात्रों को थी।
इसी बीच साल का अंत आते-आते हुकुमेंद्र व कृतिका में करीबी बढ़ गई। यह जानकारी साथी छात्रों को लगने के बाद वह उस पर कमेंट्स करने लगे। तरह-तरह के कमेंट्स सुनने के बाद मंथन के दिल में धीरे-धीरे गुस्सा पैदा होने लगा। 14 फरवरी वेलेंटाइन डे वाले दिन हुकुमेंद्र से नजदीकियों को लेकर कृतिका व मंथन में कहासुनी हो गई थी। इस पर आवेश में आई कृतिका ने मंथन से बोलना बंद कर दिया था। यह बात मंथन को और भी नगवार गुुजरी। घटना से दो दिन पहले भी मंथन ने कृतिका को फोन किया था, लेकिन बात नहीं हो सकी थी। रिश्तों में खटास आने के बाद मंथन ने बदला लेने की ठानी। धीरे-धीरे प्लानिंग करने के बाद शुक्रवार को मंथन ने हुकुमेंद्र को गोली मारी और बाद में कृतिका को उसके घर पहुंचकर मौत के घाट उतार दिया।
विज्ञापन
भिंड के युवक ने बेची थी पिस्टल
पूछताछ में पता चला है कि भिंड के एक युवक ने कुछ साल पहले निवाड़ी आकर मंथन को पिस्टल दी थी। इसके बाद से उसने वह पिस्टल घर में छिपाकर रख दी थी। आरोपी ने पुलिस को पिस्टल बेचने वाले युवक की भी जानकारी दी है। पुलिस ने भिंड पुलिस से भी संपर्क साधा है।
पिता बोला, परिवार की उम्मीदों पर पानी फेर दिया मंथन ने
झांसी। मंथन को पढ़ाने के लिए मैंने क्या कुछ नहीं किया। उसकी छोटी से लेकर बड़ी ख्वाहिश पूरी की। वह सेना में भर्ती होना चाहता था। लेकिन, अचानक मंथन के बड़ा कदम उठाने के बाद से पूरा परिवार टूट चुका है। पूरे परिवार की उम्मीदों पर मंथन ने पानी फेर दिया। अमर उजाला से फोन पर बातचीत में मध्य प्रदेश के निवाड़ी निवासी मंथन के पिता दिनेश सिंह सेंगर ने अपना दुख साझा किया। उन्होेंने बताया कि दो भाइयों में मंथन छोटा है। बड़ा भाई सजल दिल्ली की एक फैक्टरी में काम करता है। ढाई साल पहले बड़ी बहन अंजली की शादी हो चुकी है। बचपन से ही मंथन को पढ़ाई का शौक था। इंटरमीडिएट पास करने के बाद उसने बुंदेलखंड महाविद्यालय में बीए में प्रवेश लेे लिया था। वह शिवाजी नगर में रहने वाले अपने चाचा अमर सिंह के साथ रहता था।
परिवार का कोई भी सदस्य नहीं पहुंचा जेल मिलने
झांसी। आरोपी छात्र को हाफिज सिद्दीकी नेशनल इंटर कॉलेज की अस्थायी जेल में रखा गया है। दस दिन बाद उसे जिला कारागार भेजा जाएगा। घटना के बाद जेल भेजे गए आरोपी मंथन से मिलने परिवार का कोई भी सदस्य नहीं आया। नवाबाद पुलिस भी जानकारी जुटाने के लिए मंथन के परिजनों का इंतजार करती रही, लेकिन थाने भी कोई नहीं आया।
कैमरों से पुलिस को मिले सुराग
बीकेडी चौराहा से गोंदू कंपाउंड स्थित चाणक्यपुरम के रास्ते पुलिस ने दिन भर सीसीटीवी कैमरे खंगाले। कॉलेज के अंदर लगे कैमरे बंद मिलने के बाद पुलिस को खासी निराशा मिली। पुलिस ने विकास भवन के बगल वाले रास्ते से लेकरचाणक्यपुरम के बीच घर व प्रतिष्ठानों के बीच लगे कई सीसीटीवी कैमरे खंगाले। पुलिस को इन कैमरों से सुराग मिले हैं। पुलिस ने वीडियो कब्जे में लिए हैं।
आरोपी को जेल भेजने के बाद पुलिस हर बिंदु पर जांच कर रही है। मामले को पूरी तरह खंगाला जा रहा है। सीसीटीवी कैमरों से पुलिस भी साक्ष्य जुटा रही है।
विवेक कुमार त्रिपाठी, एसपी सिटी
बेटे हुकुमेंद्र के हत्यारे को मिले कड़ी से कड़ी सजा
शेरगढ़ (मथुरा)। हर हाल में हुकुमेंद्र सिंह गुर्जर के हत्यारे को कड़ी से कड़ी सजा मिले। यह कहना है कि परिजनों का। दिल्ली के एम्स में जिंदगी की जंग हार गए हुकुमेंद्र का शव रविवार की शाम चार बजे थाना शेरगढ़ के गांव जटवारी लाया गया तो परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था, वहीं ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं। गांव में ही अंतिम संस्कार किया गया। छोटे भाई सतेंद्र उर्फ सीटू ने मुखाग्नि दी।
कानपुर में अफसोस व गम में डूबा छात्रा का पूरा परिवार
कानपुर। हम अपनी पोती कृतिका के साथ घर के बाहर कुर्सी पर बैठे थे, कृतिका के पिता घर के भीतर थे और उसकी मां खाना बना रही थी। तभी कृतिका का सहपाठी मंथन सेंगर आया, कृतिका उसको देखकर कुर्सी से उठी वैसे ही मंथन तेजी से आगे बढ़ा और कृतिका की गर्दन से पिस्टल सटाकर गोली मार दी। रोते-बिलखते ये बातें कृतिका की दादी संतोष ने बताईं। आंखों के सामने कृतिका का कत्ल देखकर सभी की रूह कांप गई। ग्वालटोली के सूटरगंज स्थित साईंधाम अपार्टमेंट के अपने फ्लैट में मौजूद परिवार गम, गुस्से और अफसोस में डूबा हुआ है। कृतिक की याद में उनके आंसू नहीं रुक रहे हैं। उन्होंने बताया कि झांसी पुलिस का परिजनों को पूरा सहयोग मिला। एसएसपी दिनेश कुमार पी ने हर संभव मदद की। आरोपी को सख्त सजा मिलेगी, यही उम्मीद है।
विज्ञापन
बुंदेलखंड महाविद्यालय में साल 2016 में मंथन और कृतिका के बीए प्रथम वर्ष प्रवेश लेने के बाद से ही कुछ समय बीतने के बाद दोस्ती हो गई थी। अंतिम वर्ष में पहुंचते ही हुकुमेंद्र भी दोस्त बन गया था। देखते ही देखते तीनों कॉलेज में अच्छे दोस्त बन गए थे। तीनों एक साथ कॉलेज आते थे। कॉलेज में तीनों एनसीसी के छात्र भी थे। लॉकडाउन के दौरान तीनों ने चौराहों पर ड्यूटी भी की थी। बस यहीं से मंथन कृतिका के करीब आने लगा। दोनों के करीब होने की जानकारी भी साथी छात्रों को थी।
विज्ञापन
इसी बीच साल का अंत आते-आते हुकुमेंद्र व कृतिका में करीबी बढ़ गई। यह जानकारी साथी छात्रों को लगने के बाद वह उस पर कमेंट्स करने लगे। तरह-तरह के कमेंट्स सुनने के बाद मंथन के दिल में धीरे-धीरे गुस्सा पैदा होने लगा। 14 फरवरी वेलेंटाइन डे वाले दिन हुकुमेंद्र से नजदीकियों को लेकर कृतिका व मंथन में कहासुनी हो गई थी। इस पर आवेश में आई कृतिका ने मंथन से बोलना बंद कर दिया था। यह बात मंथन को और भी नगवार गुुजरी। घटना से दो दिन पहले भी मंथन ने कृतिका को फोन किया था, लेकिन बात नहीं हो सकी थी। रिश्तों में खटास आने के बाद मंथन ने बदला लेने की ठानी। धीरे-धीरे प्लानिंग करने के बाद शुक्रवार को मंथन ने हुकुमेंद्र को गोली मारी और बाद में कृतिका को उसके घर पहुंचकर मौत के घाट उतार दिया।
विज्ञापन
भिंड के युवक ने बेची थी पिस्टल
पूछताछ में पता चला है कि भिंड के एक युवक ने कुछ साल पहले निवाड़ी आकर मंथन को पिस्टल दी थी। इसके बाद से उसने वह पिस्टल घर में छिपाकर रख दी थी। आरोपी ने पुलिस को पिस्टल बेचने वाले युवक की भी जानकारी दी है। पुलिस ने भिंड पुलिस से भी संपर्क साधा है।
पिता बोला, परिवार की उम्मीदों पर पानी फेर दिया मंथन ने
झांसी। मंथन को पढ़ाने के लिए मैंने क्या कुछ नहीं किया। उसकी छोटी से लेकर बड़ी ख्वाहिश पूरी की। वह सेना में भर्ती होना चाहता था। लेकिन, अचानक मंथन के बड़ा कदम उठाने के बाद से पूरा परिवार टूट चुका है। पूरे परिवार की उम्मीदों पर मंथन ने पानी फेर दिया। अमर उजाला से फोन पर बातचीत में मध्य प्रदेश के निवाड़ी निवासी मंथन के पिता दिनेश सिंह सेंगर ने अपना दुख साझा किया। उन्होेंने बताया कि दो भाइयों में मंथन छोटा है। बड़ा भाई सजल दिल्ली की एक फैक्टरी में काम करता है। ढाई साल पहले बड़ी बहन अंजली की शादी हो चुकी है। बचपन से ही मंथन को पढ़ाई का शौक था। इंटरमीडिएट पास करने के बाद उसने बुंदेलखंड महाविद्यालय में बीए में प्रवेश लेे लिया था। वह शिवाजी नगर में रहने वाले अपने चाचा अमर सिंह के साथ रहता था।
परिवार का कोई भी सदस्य नहीं पहुंचा जेल मिलने
झांसी। आरोपी छात्र को हाफिज सिद्दीकी नेशनल इंटर कॉलेज की अस्थायी जेल में रखा गया है। दस दिन बाद उसे जिला कारागार भेजा जाएगा। घटना के बाद जेल भेजे गए आरोपी मंथन से मिलने परिवार का कोई भी सदस्य नहीं आया। नवाबाद पुलिस भी जानकारी जुटाने के लिए मंथन के परिजनों का इंतजार करती रही, लेकिन थाने भी कोई नहीं आया।
कैमरों से पुलिस को मिले सुराग
बीकेडी चौराहा से गोंदू कंपाउंड स्थित चाणक्यपुरम के रास्ते पुलिस ने दिन भर सीसीटीवी कैमरे खंगाले। कॉलेज के अंदर लगे कैमरे बंद मिलने के बाद पुलिस को खासी निराशा मिली। पुलिस ने विकास भवन के बगल वाले रास्ते से लेकरचाणक्यपुरम के बीच घर व प्रतिष्ठानों के बीच लगे कई सीसीटीवी कैमरे खंगाले। पुलिस को इन कैमरों से सुराग मिले हैं। पुलिस ने वीडियो कब्जे में लिए हैं।
आरोपी को जेल भेजने के बाद पुलिस हर बिंदु पर जांच कर रही है। मामले को पूरी तरह खंगाला जा रहा है। सीसीटीवी कैमरों से पुलिस भी साक्ष्य जुटा रही है।
विवेक कुमार त्रिपाठी, एसपी सिटी
बेटे हुकुमेंद्र के हत्यारे को मिले कड़ी से कड़ी सजा
शेरगढ़ (मथुरा)। हर हाल में हुकुमेंद्र सिंह गुर्जर के हत्यारे को कड़ी से कड़ी सजा मिले। यह कहना है कि परिजनों का। दिल्ली के एम्स में जिंदगी की जंग हार गए हुकुमेंद्र का शव रविवार की शाम चार बजे थाना शेरगढ़ के गांव जटवारी लाया गया तो परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था, वहीं ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं। गांव में ही अंतिम संस्कार किया गया। छोटे भाई सतेंद्र उर्फ सीटू ने मुखाग्नि दी।
कानपुर में अफसोस व गम में डूबा छात्रा का पूरा परिवार
कानपुर। हम अपनी पोती कृतिका के साथ घर के बाहर कुर्सी पर बैठे थे, कृतिका के पिता घर के भीतर थे और उसकी मां खाना बना रही थी। तभी कृतिका का सहपाठी मंथन सेंगर आया, कृतिका उसको देखकर कुर्सी से उठी वैसे ही मंथन तेजी से आगे बढ़ा और कृतिका की गर्दन से पिस्टल सटाकर गोली मार दी। रोते-बिलखते ये बातें कृतिका की दादी संतोष ने बताईं। आंखों के सामने कृतिका का कत्ल देखकर सभी की रूह कांप गई। ग्वालटोली के सूटरगंज स्थित साईंधाम अपार्टमेंट के अपने फ्लैट में मौजूद परिवार गम, गुस्से और अफसोस में डूबा हुआ है। कृतिक की याद में उनके आंसू नहीं रुक रहे हैं। उन्होंने बताया कि झांसी पुलिस का परिजनों को पूरा सहयोग मिला। एसएसपी दिनेश कुमार पी ने हर संभव मदद की। आरोपी को सख्त सजा मिलेगी, यही उम्मीद है।