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झांसी के फोन नंबरों से अयोध्या और बिजनौर में लग गई वैक्सीन
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झांसी। कोविड टीकाकरण में आए दिन नए-नए मामले सामने आ रहे हैं। ताजा केस झांसी के फोन नंबरों से अयोध्या और बिजनौर में वैक्सीन लगने के सामने आए हैं। अब दूसरी डोज लगने का भी मेसेज आ रहा है। इसकी सूचना भी स्वास्थ्य विभाग को दी गई है।
कोरोना की वैक्सीन लगवाने के लिए ऑनलाइन या फिर ऑनस्पॉट पंजीकरण होता है। इस दौरान मोबाइल नंबर बताना पड़ता है। फिर नंबर पर ओटीपी आता है, जिसको बताने के बाद ही वैक्सीन लगती है। मगर झांसी के खातीबाबा निवासी प्रेम कुमार गौतम के फोन नंबर से अयोध्या के मवई पीएस कसारी स्वास्थ्य केंद्र पर तीन महिलाओं को वैक्सीन लग गई। इनके नाम शालिनी, पूनम और प्रियंका हैं। उन्होंने बताया कि तीनों को 15 दिसंबर को वैक्सीन लगी। अब नौ मार्च से छह अप्रैल के बीच दूसरी वैक्सीन लगने का मेसेज आ रहा है। उन्होंने इस मामले की शिकायत स्वास्थ्य विभाग से भी की है। वहीं, बंसल कॉलोनी निवासी युवक के फोन पर 4 जनवरी को मेसेज आया कि उसके नंबर से बिजनौर के नूरपुर अर्बन केंद्र पर विनोद नामक युवक को वैक्सीन लग गई। साथ ही दूसरी डोज लगवाने का भी मेसेज आया। इस मामले की सूचना भी स्वास्थ्य विभाग को दी गई है।
बिना ओटीपी बताए कैसे लग जा रहा है टीका?
इन केसों में सबसे अहम बात ये है कि दोनों ही लोगों के मोबाइल फोन पर ओटीपी आया। पहले ये लोग समझ नहीं पाए कि आखिर ओटीपी किस बात का आया है। जब देखा तो टीकाकरण को लेकर जिक्र था। फिर उनके पास किसी का ओटीपी पूछने के लिए फोन भी नहीं आया और वैक्सीन लग गई।
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कैसे लगेगी दूसरी डोज, कैसे डाउनलोड होगा प्रमाणपत्र?
जिस पंजीकृत मोबाइल नंबर के जरिए टीका लगता है, उसी पर वैक्सीनेशन डाउनलोड होता है। ऐसे में बड़ा सवाल ये है कि जिन दो नंबरों से चार लोगों को टीका लगा है, उनके वैक्सीनेशन प्रमाणपत्र कैसे डाउनलोड होंगे। वहीं, दूसरी डोज भी कैसे लगेगी। क्या ऐसे ही फर्जीवाड़ा करके दूसरी डोज लगा दी जाएगी।
अयोध्या और बिजनौर में टीका लगने के मामलों की जांच कराई जाएगी। पता किया जाएगा कि आखिर कैसे ऐसा हुआ है। - डॉ. रविशंकर, जिला टीकाकरण अधिकारी।
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कोरोना की वैक्सीन लगवाने के लिए ऑनलाइन या फिर ऑनस्पॉट पंजीकरण होता है। इस दौरान मोबाइल नंबर बताना पड़ता है। फिर नंबर पर ओटीपी आता है, जिसको बताने के बाद ही वैक्सीन लगती है। मगर झांसी के खातीबाबा निवासी प्रेम कुमार गौतम के फोन नंबर से अयोध्या के मवई पीएस कसारी स्वास्थ्य केंद्र पर तीन महिलाओं को वैक्सीन लग गई। इनके नाम शालिनी, पूनम और प्रियंका हैं। उन्होंने बताया कि तीनों को 15 दिसंबर को वैक्सीन लगी। अब नौ मार्च से छह अप्रैल के बीच दूसरी वैक्सीन लगने का मेसेज आ रहा है। उन्होंने इस मामले की शिकायत स्वास्थ्य विभाग से भी की है। वहीं, बंसल कॉलोनी निवासी युवक के फोन पर 4 जनवरी को मेसेज आया कि उसके नंबर से बिजनौर के नूरपुर अर्बन केंद्र पर विनोद नामक युवक को वैक्सीन लग गई। साथ ही दूसरी डोज लगवाने का भी मेसेज आया। इस मामले की सूचना भी स्वास्थ्य विभाग को दी गई है।
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बिना ओटीपी बताए कैसे लग जा रहा है टीका?
इन केसों में सबसे अहम बात ये है कि दोनों ही लोगों के मोबाइल फोन पर ओटीपी आया। पहले ये लोग समझ नहीं पाए कि आखिर ओटीपी किस बात का आया है। जब देखा तो टीकाकरण को लेकर जिक्र था। फिर उनके पास किसी का ओटीपी पूछने के लिए फोन भी नहीं आया और वैक्सीन लग गई।
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कैसे लगेगी दूसरी डोज, कैसे डाउनलोड होगा प्रमाणपत्र?
जिस पंजीकृत मोबाइल नंबर के जरिए टीका लगता है, उसी पर वैक्सीनेशन डाउनलोड होता है। ऐसे में बड़ा सवाल ये है कि जिन दो नंबरों से चार लोगों को टीका लगा है, उनके वैक्सीनेशन प्रमाणपत्र कैसे डाउनलोड होंगे। वहीं, दूसरी डोज भी कैसे लगेगी। क्या ऐसे ही फर्जीवाड़ा करके दूसरी डोज लगा दी जाएगी।
अयोध्या और बिजनौर में टीका लगने के मामलों की जांच कराई जाएगी। पता किया जाएगा कि आखिर कैसे ऐसा हुआ है। - डॉ. रविशंकर, जिला टीकाकरण अधिकारी।