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2000 मरीजों के 70 प्रतिशत तक फेफड़े खराब, हालत बिगड़ती तो ऑक्सीजन लगानी पड़ती

Mon, 30 May 2022 12:48 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 30 May 2022 12:48 AM IST
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Up to 70 percent of 2000 patients have bad lungs, if the condition worsens then oxygen would have to be applied.
झांसी। कोरोना की दूसरी लहर की चपेट में आने वाले 2000 मरीजों के 70 फीसदी तक फेफड़े खराब हो चुके हैं। इनका मेडिकल कॉलेज और निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है। कइयों की ऑक्सीजन 60 फीसदी तक गिर जाने की वजह से मेडिकल कॉलेज में भर्ती करना पड़ता है।
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लंग्स फाइब्रोसिस फेफड़ों की बीमारी है। कोविड से ठीक हुए लोगों में इसके केस ज्यादा देखे जा रहे हैं। मेडिसिन विभाग के डॉ. जकी सिद्दीकी ने बताया कि पोस्ट कोविड लंग्स फाइब्रोसिस तब होता है, जब कोरोना संक्रमण के कारण फेफड़ों के नाजुक हिस्सों को नुकसान पहुंचता है और उसमें झिल्ली बन जाती है। इससे फेफड़ों की कार्यक्षमता घट जाती है। शरीर में ऑक्सीजन का संतुलन गड़बड़ाने लगता है। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में ऐसे ही 800 रोगी पिछले एक साल में आए हैं, जिनके फेफड़े कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमित होने के बाद 55 से 70 प्रतिशत तक खराब हो चुके हैं। वहीं, निजी अस्पतालों के छह प्रमुख फिजीशियनों के पास भी साल भर में करीब 200 रोगी इलाज कराने पहुंचे हैं। ऐसे मरीजों को एंटी फाइब्रोटिक दवाएं चलाई जा रही हैं। डॉक्टर साल में एक बार फ्लू की इंफ्लूएंजा वैक्सीन और निमोनिया के लिए न्यूमोकोकल का टीका जरूर लगवाने की सलाह दे रहे हैं। हर महीने पांच से छह मरीजों की ऑक्सीजन 60 से 70 प्रतिशत पहुंच जाने पर उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती भी करना पड़ता है।
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रोगियों को ये दिक्कतें होतीं
- चलने में थकान
- सीने में दर्द
- सूखी खांसी होना
- अत्यधिक कमजोरी रहना
- बीच-बीच में बुखार आना
ऐसे रोगी इनका रखें ध्यान
- अच्छी प्रोटीन वाली डाइट लेनी चाहिए
- गहरी सांस लेने की एक्सरसाइज करें
- मास्क लगाएं वरना धूप से एलर्जी हो सकती
- रोजाना व्यायाम जरूर करना चाहिए
कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमितों के फेफड़ों में काफी दिक्कत आई। 55 से 70 फीसदी तक जिनके फेफड़े खराब हैं, ऐसे 15-20 रोगियों हर महीने इलाज कराने आ रहे हैं। इस बीमारी को ठीक करने में चेस्ट फिजियोथेरेपी का भी अहम योगदान होता है। - डॉ. मधुर्मय शास्त्री, चेस्ट रोग विभागाध्यक्ष, मेडिकल कॉलेज।
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पिछले एक साल से 200-225 मरीज लंग्स फाइब्रोसिस के इलाज कराने के लिए आए हैं। लगातार फॉलोअप के लिए भी आ रहे हैं। अधिकांश मरीजों के फेफड़े 60 फीसदी से भी ज्यादा डैमेज हो चुके हैं। हालांकि, एंटी फाइब्रोटिक दवाएं काफी असर भी कर रही हैं। - डॉ. पीके जैन, वरिष्ठ फिजीशियन।
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