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केन-बेतवा लिंक परियोजना में यूपी के हिस्से 29 फीसदी पानी
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झांसी। केन-बेतवा लिंक परियोजना से बुंदेलखंड की किस्मत बदलने की उम्मीद है। इसके जरिए झांसी समेत बुंदेलखंड के चारों जिलों में पानी की समस्या काफी हद तक दूर करने में मदद मिलेगी। उप्र एवं मप्र के बीच हुए समझौते के मुताबिक लिंक परियोजना से 29 प्रतिशत पानी पर उप्र का हिस्सा रहेगा जबकि मप्र को 71 प्रतिशत पानी मिलेगा। उप्र के लिए यह पानी भी पर्याप्त है। इसके जरिए यहां के दो दर्जन से अधिक छोटे-बड़े बांध समेत झील एवं तालाबों को भी भर दिया जाएगा।
केंद्र सरकार के दखल के बाद अब केन-बेतवा लिंक परियोजना को अमली जामा पहनाए जाने की तैयारी है। सिंचाई महकमा अक्तूबर माह में इसका शिलान्यास कराने की तैयारियों में जुटा है। अभी तक पानी बंटवारे को लेकर दोनों राज्यों के बीच पेंच फंसा हुआ था। मप्र जहां पूरे साल का पानी एक साथ देने की बात कह रहा था वहीं, उप्र फसली सीजन के मुताबिक पानी मांग रहा था। उप्र का कहना था मानसून के बाद भी 780 मिलियन क्यूबिक मीटर(एमसीएम) पानी की आवश्यकता है जबकि मप्र पूरे साल में 700 एमसीएम से अधिक पानी देने को राजी नहीं था। केंद्र के दखल के बाद दोनों राज्य नए फार्मूले पर राजी हुए। उसके मुताबिक यूपी को सलाना 750 एमसीएम पानी दिया जाना है। इस तरह 71 प्रतिशत पानी मप्र के हिस्से में आएगा जबकि 29 प्रतिशत पानी उप्र को दिया जाएगा। इसी फार्मूले पर दोनों राज्यों के बीच ओएमयू पर हस्ताक्षर हुए हैं। पानी का बड़ा हिस्सा मप्र को दिया गया लेकिन, सिंचाई अभियंताओं के मुताबिक उप्र को मिलने वाला पानी भी झांसी, महोबा, ललितपुर एवं हमीरपुर के सूखे को काफी हद तक खत्म कर देगा। इस परियोजना की मदद से झांसी मंडल के बारुआसागर, सपरार समेत दो दर्जन से अधिक छोटे-बड़े बांध भर दिए जाएंगे। यहां तालाब एवं झील भी भर जाएंगी। सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि गर्मियों में बेतवा में पानी न होने पर केन की मदद से भी यहां के बांधों को भरा जा सकेगा।
बुंदेलखंड की 2.51 लाख हेक्टेयर जमीन होगी सिंचित
केन-बेतवा लिंक परियोजना के जरिए बुंदेलखंड में करीब 2.51 लाख हे. जमीन सिचिंत हो सकेगी। परियोजना से झांसी, ललितपुर, महोबा, एवं हमीरपुर में 21 लाख जनसंख्या को 67 मिलियन क्यूबिक मीटर पीने का पानी भी मिलेगा। परियोजना के लिए मध्य प्रदेश के पन्ना में केन नदी पर दौधन बांध बनेगा। इससे 221 किलोमीटर लम्बा लिंक चैनल निकलेगा। यह बरुआसागर के पास बेतवा नदी को पानी उपलब्ध कराएगा। परियोजना के अंतर्गत बरियारपुर पिकप वीयर के डाउनस्ट्रीम में दो नए बैराज बनेंगे। यहां करीब 128 एमसीएम पानी का भंडारण होगा। अभियंताओं के मुताबिक बरियापुर पिकप वीयर, परीछा, वीयर, बरूआ सागर में बांध निर्माण एवं पुनस्थापना का कार्य होगा।
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पानी का बंटवारा तय हो गया है। इससे झांसी मंडल समेत हमीरपुर के भी बांध एवं अन्य जलाशय भरने में मदद मिलेगी। बेतवा में पानी न मिलने पर केन के पानी से भी इनको भरा जा सकेगा। इससे बुंदेलखंड का बड़ा इलाका सिंचित किया जा सकेगा। राजपाल सिंह ,मुख्य अभियंता, बेतवा परियोजना
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केंद्र सरकार के दखल के बाद अब केन-बेतवा लिंक परियोजना को अमली जामा पहनाए जाने की तैयारी है। सिंचाई महकमा अक्तूबर माह में इसका शिलान्यास कराने की तैयारियों में जुटा है। अभी तक पानी बंटवारे को लेकर दोनों राज्यों के बीच पेंच फंसा हुआ था। मप्र जहां पूरे साल का पानी एक साथ देने की बात कह रहा था वहीं, उप्र फसली सीजन के मुताबिक पानी मांग रहा था। उप्र का कहना था मानसून के बाद भी 780 मिलियन क्यूबिक मीटर(एमसीएम) पानी की आवश्यकता है जबकि मप्र पूरे साल में 700 एमसीएम से अधिक पानी देने को राजी नहीं था। केंद्र के दखल के बाद दोनों राज्य नए फार्मूले पर राजी हुए। उसके मुताबिक यूपी को सलाना 750 एमसीएम पानी दिया जाना है। इस तरह 71 प्रतिशत पानी मप्र के हिस्से में आएगा जबकि 29 प्रतिशत पानी उप्र को दिया जाएगा। इसी फार्मूले पर दोनों राज्यों के बीच ओएमयू पर हस्ताक्षर हुए हैं। पानी का बड़ा हिस्सा मप्र को दिया गया लेकिन, सिंचाई अभियंताओं के मुताबिक उप्र को मिलने वाला पानी भी झांसी, महोबा, ललितपुर एवं हमीरपुर के सूखे को काफी हद तक खत्म कर देगा। इस परियोजना की मदद से झांसी मंडल के बारुआसागर, सपरार समेत दो दर्जन से अधिक छोटे-बड़े बांध भर दिए जाएंगे। यहां तालाब एवं झील भी भर जाएंगी। सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि गर्मियों में बेतवा में पानी न होने पर केन की मदद से भी यहां के बांधों को भरा जा सकेगा।
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बुंदेलखंड की 2.51 लाख हेक्टेयर जमीन होगी सिंचित
केन-बेतवा लिंक परियोजना के जरिए बुंदेलखंड में करीब 2.51 लाख हे. जमीन सिचिंत हो सकेगी। परियोजना से झांसी, ललितपुर, महोबा, एवं हमीरपुर में 21 लाख जनसंख्या को 67 मिलियन क्यूबिक मीटर पीने का पानी भी मिलेगा। परियोजना के लिए मध्य प्रदेश के पन्ना में केन नदी पर दौधन बांध बनेगा। इससे 221 किलोमीटर लम्बा लिंक चैनल निकलेगा। यह बरुआसागर के पास बेतवा नदी को पानी उपलब्ध कराएगा। परियोजना के अंतर्गत बरियारपुर पिकप वीयर के डाउनस्ट्रीम में दो नए बैराज बनेंगे। यहां करीब 128 एमसीएम पानी का भंडारण होगा। अभियंताओं के मुताबिक बरियापुर पिकप वीयर, परीछा, वीयर, बरूआ सागर में बांध निर्माण एवं पुनस्थापना का कार्य होगा।
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पानी का बंटवारा तय हो गया है। इससे झांसी मंडल समेत हमीरपुर के भी बांध एवं अन्य जलाशय भरने में मदद मिलेगी। बेतवा में पानी न मिलने पर केन के पानी से भी इनको भरा जा सकेगा। इससे बुंदेलखंड का बड़ा इलाका सिंचित किया जा सकेगा। राजपाल सिंह ,मुख्य अभियंता, बेतवा परियोजना