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यूपी बोर्ड परीक्षा में कम हो गए साढ़े तीन हजार परीक्षार्थी
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झांसी। प्रदेश सरकार के निर्देश के बाद यूपी बोर्ड परीक्षा की तैयारियां अंतिम चरण में चल रही हैं, लेकिन इस बार परीक्षार्थियों की संख्या कम हो गई है। आलम यह है कि परीक्षा के लिए पिछले साल के मुकाबले जिले से साढ़े तीन हजार परीक्षार्थियों ने पंजीकरण कम कराया है। इस साल हाईस्कूल में 24,829 और इंटरमीडिएट में 21,056 परीक्षार्थी भाग लेंगे।
कोरोना संक्रमण के चलते मार्च से स्कूल बंद चल रहे हैं। सरकार की ओर से पिछले दिनों कक्षा नौ से 12वीं तक के स्कूलों को खोलने के निर्देश जारी किए गए थे। लेकिन, कोविड संक्रमण के कारण कम ही बच्चे स्कूलों में पहुंचे। इसके साथ ही यूपी बोर्ड परीक्षा को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। पिछले महीने से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में पंजीकरण के लिए काम शुरू कर दिया गया, लेकिन पंजीकरणों में तेजी नहीं आ सकी। बोर्ड को पांच बार तिथि बढ़ानी पड़ी, लेकिन फायदा नहीं हुआ।
पांच जनवरी को पंजीकरण बंद कर दिया गया। जिले में करीब साढ़े तीन हजार परीक्षार्थी कम हो गए हैं। जिले में इस बार हाईस्कूल में 24,829 और इंटरमीडिएट में 21,056 परीक्षार्थियों ने पंजीकरण कराया है। जबकि, पिछले साल हाईस्कूल में 26,135 और इंटरमीडिएट में 22,984 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। परीक्षार्थियों का पंजीकरण कम होने के पीछे कोरोना संक्रमण और आधार कार्ड की अनिवार्यता को कारण माना जा रहा है। डीआईओएस डॉ. कोमल सिंह यादव के मुताबिक परीक्षा के लिए पंजीकरण की तिथि पांच बार बढ़ाई गई थी। लेकिन, पिछले साल के मुकाबले पंजीकरण कम हुए हैं।
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कोरोना संक्रमण के चलते मार्च से स्कूल बंद चल रहे हैं। सरकार की ओर से पिछले दिनों कक्षा नौ से 12वीं तक के स्कूलों को खोलने के निर्देश जारी किए गए थे। लेकिन, कोविड संक्रमण के कारण कम ही बच्चे स्कूलों में पहुंचे। इसके साथ ही यूपी बोर्ड परीक्षा को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। पिछले महीने से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में पंजीकरण के लिए काम शुरू कर दिया गया, लेकिन पंजीकरणों में तेजी नहीं आ सकी। बोर्ड को पांच बार तिथि बढ़ानी पड़ी, लेकिन फायदा नहीं हुआ।
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पांच जनवरी को पंजीकरण बंद कर दिया गया। जिले में करीब साढ़े तीन हजार परीक्षार्थी कम हो गए हैं। जिले में इस बार हाईस्कूल में 24,829 और इंटरमीडिएट में 21,056 परीक्षार्थियों ने पंजीकरण कराया है। जबकि, पिछले साल हाईस्कूल में 26,135 और इंटरमीडिएट में 22,984 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। परीक्षार्थियों का पंजीकरण कम होने के पीछे कोरोना संक्रमण और आधार कार्ड की अनिवार्यता को कारण माना जा रहा है। डीआईओएस डॉ. कोमल सिंह यादव के मुताबिक परीक्षा के लिए पंजीकरण की तिथि पांच बार बढ़ाई गई थी। लेकिन, पिछले साल के मुकाबले पंजीकरण कम हुए हैं।
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