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कर्ज से आजिज आकर जगदीश ने की थी मां, पत्नी और बेटी की हत्या
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udeniya family murdar case
झांसी। दो महीने की लंबी पड़ताल, विसरा रिपोर्ट और उस वक्त मौके से मिले सुसाइड नोट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने उदैनिया परिवार के चार लोगों की मौत की गुत्थी सुलझाने का दावा किया है। पुलिस का कहना है कि जगदीश उदैनिया ने ही अपनी मां कुमुद, पत्नी रजनी और बेटी मुस्कान को जलाकर मारा था और फिर खुद भी आग लगाकर जान दे दी थी। जगदीश पर कर्ज बढ़ गया था। पचास लाख की रकम उसके द्वारा चलाई जाने वाली सोसायटी में फंस गई थी। जगदीश ने एक महिला पर पचास लाख की रकम हड़पने का आरोप लगाया था जिसे पुलिस ने जेल भेज दिया है।
चौदह अक्तूबर की रात सीपरी बाजार क्षेत्र के लहर की माता मंदिर के पास स्थित दयाराम कॉलोनी निवासी जगदीश उदैनिया (51), उनकी मां कुमुद (72), पत्नी रजनी (45) व बेटी मुस्कान (19) की सोते समय जलकर मौत हो गई थी। चारों के शव एक ही कमरे में मिले थे। जगदीश के भाई दीपक ने मुकदमा दर्ज कराया था कि लूटपाट करने घुसे बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया है। लेकिन मौके से पुलिस को लूटपाट की वारदात को साबित करने वाला कोई साक्ष्य नहीं मिला था।
घर से कुछ रजिस्टर मिले जिसमें लेनदेन का हिसाब था। एक सुसाइड नोट भी पुलिस को मिला था लेकिन उस पर 20 अगस्त लिखा था। इसे भी हैंडराइटिंग एक्सपर्ट को भेजा गया था। एसएसपी डॉ. ओपी सिंह ने बताया कि सुसाइड नोट में आरती राजौरिया नाम की एक महिला का जिक्र था, जिस पर सोसायटी के पचास लाख रुपये हड़पने का आरोप लगाया गया था। पुलिस पूछताछ में यह आरोप साबित भी हो गए। तफ्तीश में यह भी सामने आया कि कुछ दिन पहले जगदीश पेट्रोल खरीदकर ले आया था जिसे घर में रख रखा था। बढ़ते कर्ज से वह परेशान था। लिहाजा पहले परिवार को खत्म किया और फिर खुद को फूंक डाला था।
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चौदह अक्तूबर की रात सीपरी बाजार क्षेत्र के लहर की माता मंदिर के पास स्थित दयाराम कॉलोनी निवासी जगदीश उदैनिया (51), उनकी मां कुमुद (72), पत्नी रजनी (45) व बेटी मुस्कान (19) की सोते समय जलकर मौत हो गई थी। चारों के शव एक ही कमरे में मिले थे। जगदीश के भाई दीपक ने मुकदमा दर्ज कराया था कि लूटपाट करने घुसे बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया है। लेकिन मौके से पुलिस को लूटपाट की वारदात को साबित करने वाला कोई साक्ष्य नहीं मिला था।
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घर से कुछ रजिस्टर मिले जिसमें लेनदेन का हिसाब था। एक सुसाइड नोट भी पुलिस को मिला था लेकिन उस पर 20 अगस्त लिखा था। इसे भी हैंडराइटिंग एक्सपर्ट को भेजा गया था। एसएसपी डॉ. ओपी सिंह ने बताया कि सुसाइड नोट में आरती राजौरिया नाम की एक महिला का जिक्र था, जिस पर सोसायटी के पचास लाख रुपये हड़पने का आरोप लगाया गया था। पुलिस पूछताछ में यह आरोप साबित भी हो गए। तफ्तीश में यह भी सामने आया कि कुछ दिन पहले जगदीश पेट्रोल खरीदकर ले आया था जिसे घर में रख रखा था। बढ़ते कर्ज से वह परेशान था। लिहाजा पहले परिवार को खत्म किया और फिर खुद को फूंक डाला था।
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