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दो बड़े रेल अफसरों को स्टैंड संचालक ने गेट पर रोका, आधे घंटे चला हाई वोल्टेज ड्रामा
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झांसी। मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में अंदर जाते समय दो बड़े रेल अफसरों को स्टैंड संचालक ने गेट पर ही रोक दिया। इस वजह से डीआरएम कार्यालय गेट पर करीब आधे घंटे हाई वोल्टेज ड्रामा चला। स्टैंड संचालक की व्यवहार से नाराज एक रेल अफसर ने गति अवरोधक को धक्का देकर गिरा दिया। हंगामा सुनकर वहां तमाम कर्मचारी भी आ जुटे। इस घटनाक्रम के बाद से रेल कर्मचारियों में रोष है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक डीआरएम की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेने सुबह करीब नौ बजे डीआरएम कार्यालय के दो वरिष्ठ रेल अफसर सरकारी गाड़ी से पहुंचे थे लेकिन, उनकी गाड़ियां देखने के बाद भी गेट पर मौजूद स्टैंड संचालक ने गेट खोलने से इंकार कर दिया। करीब पांच मिनट इंतजार के बाद भी जब गेट नहीं खुला तब दोनों अफसर गाड़ी से नीचे उतर आए। उनसे भी स्टैंड संचालक बहस करने लगा लेकिन, गेट के सामने खड़ा गति अवरोधक को हटाने को राजी नहीं हुआ। स्टैंड संचालक से इस बर्ताव से नाराज रेल अफसर ने धक्का देकर अवरोधक को गिरा दिया। प्रत्यक्षदर्शियोें का कहना है कि करीब आधा घंटे वहां हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। दरअसल, पिछले हफ्ते डीआरएम ने कार्यालय का निरीक्षण गाड़ियों के परिसर में खड़ी होने पर फटकार लगाई थी। वहीं, जनसंपर्क अधिकारी मनोज सिंह का कहना है कि उनके संज्ञान में यह मामला नहीं है।
परिसर के भीतर स्टैंड चलने से रेलकर्मी भी नाराज
डीआरएम कार्यालय के भीतर वाहनों की पार्किंग को स्टैंड बना है। यहां चार पहिया वाहन चालकों से दो सौ रुपये जबकि दो पहिया वाहन चालकों से सौ रुपये प्रतिमाह लिया जाता है। रेल कर्मचारी इस व्यवस्था से नाराज हैं। उनका कहना है करीब दो करोड़ की लागत से अंदर पार्किंग बनवाई गई। ऐसे में निजी ठेकेदार से पैसों की वसूली कराई जा रही है। डीआरएम ऑफिस में काम करने वाले कर्मचारियों को यह पार्किंग मुफ्त में मिलनी चाहिए। रेल यूनियन ने भी यह मांग उठाई है।
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प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक डीआरएम की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेने सुबह करीब नौ बजे डीआरएम कार्यालय के दो वरिष्ठ रेल अफसर सरकारी गाड़ी से पहुंचे थे लेकिन, उनकी गाड़ियां देखने के बाद भी गेट पर मौजूद स्टैंड संचालक ने गेट खोलने से इंकार कर दिया। करीब पांच मिनट इंतजार के बाद भी जब गेट नहीं खुला तब दोनों अफसर गाड़ी से नीचे उतर आए। उनसे भी स्टैंड संचालक बहस करने लगा लेकिन, गेट के सामने खड़ा गति अवरोधक को हटाने को राजी नहीं हुआ। स्टैंड संचालक से इस बर्ताव से नाराज रेल अफसर ने धक्का देकर अवरोधक को गिरा दिया। प्रत्यक्षदर्शियोें का कहना है कि करीब आधा घंटे वहां हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। दरअसल, पिछले हफ्ते डीआरएम ने कार्यालय का निरीक्षण गाड़ियों के परिसर में खड़ी होने पर फटकार लगाई थी। वहीं, जनसंपर्क अधिकारी मनोज सिंह का कहना है कि उनके संज्ञान में यह मामला नहीं है।
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परिसर के भीतर स्टैंड चलने से रेलकर्मी भी नाराज
डीआरएम कार्यालय के भीतर वाहनों की पार्किंग को स्टैंड बना है। यहां चार पहिया वाहन चालकों से दो सौ रुपये जबकि दो पहिया वाहन चालकों से सौ रुपये प्रतिमाह लिया जाता है। रेल कर्मचारी इस व्यवस्था से नाराज हैं। उनका कहना है करीब दो करोड़ की लागत से अंदर पार्किंग बनवाई गई। ऐसे में निजी ठेकेदार से पैसों की वसूली कराई जा रही है। डीआरएम ऑफिस में काम करने वाले कर्मचारियों को यह पार्किंग मुफ्त में मिलनी चाहिए। रेल यूनियन ने भी यह मांग उठाई है।
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