फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Two applicants arrived at the medical board without documents, but were turned away by the team.

Jhansi News: बिना दस्तावेज के मेडिकल बोर्ड में पहुंचे दो आवेदक, टीम ने लौटाया

Wed, 01 Jul 2026 03:01 AM IST
झांसी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी Updated Wed, 01 Jul 2026 03:01 AM IST
विज्ञापन
Two applicants arrived at the medical board without documents, but were turned away by the team.
झांसी। बीमारी के नाम पर रुपये की जरूरत होने पर दलित की जमीन खरीदने का खेल अब नहीं हो सकेगा। अब बीमारी की गहनता से तीन बिंदुओं पर चिकित्सकीय टीम जांच करेगी। मंगलवार को 18 आवेदकों के बीमारी के प्रपत्रों की जांच होनी थी। इनमें से मात्र दो बोर्ड में पहुंचे। मगर मेडिकल अभिलेख न होने के कारण टीम ने उन्हें लौटा दिया। जिसमें सभी आवेदकों के प्रपत्रों की तीन बिंदुओं पर जांच होगी।
विज्ञापन

दलितों की जमीन खरीदने के लिए बीमारी के नाम पर चल रहे खेल की जांच में सख्ती बरती जा रही है। जिलाधिकारी गौरांग राठी के निर्देश पर सीएमओ शिशिर पुरी ने मेडिकल बोर्ड गठित की। एसीएमओ डॉ. रवि शंकर अध्यक्ष और वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. एसएन कंचन व डिप्टी सीएमओ डॉ. केएन त्रिपाठी सदस्य के रूप में शामिल है। मंगलवार को 18 आवेदकों को मेडिकल बोर्ड के समक्ष अपने बीमारी से संबंधित अभिलेख लेकर पहुंचना था। मगर इनमें से दो आवेदक गरौठा के खरगा निवासी मुन्ना लाल और मऊरानीपुर के ग्राम सनौरा निवासी हरदयाल बोर्ड सामने पहुंचे। टीम ने मेडिकल जांच के अभिलेख मांगे। जिस पर उन्होंने अभिलेख न लाने की बात कहीं। ऐसे में टीम ने दोनों को लौटा दिया। तीन जुलाई को फिर से मेडिकल बोर्ड बैठेगी। जिसमें पुराने 18 आवेदकों के साथ 13 नए आवेदक भी जांच के लिए बुलाए गए हैं। इस तरह कुल 31 आवेदकों की मेडिकल प्रपत्रों की जांच एक साथ की जाएगी। यह पूरा मामला दलित समुदाय की जमीन को खरीदने-बेचने की साजिश से जुड़ा है। कुछ लोग कथित तौर पर बीमारी का बहाना बनाकर या झूठे मेडिकल प्रमाण-पत्रों के आधार पर दलितों की जमीन सस्ते दामों में खरीदने या हथियाने का खेल खेल रहे थे। प्रशासन ने इस पर नकेल कसने के लिए मेडिकल बोर्ड गठित कर सख्त कदम उठाए हैं। मेडिकल बोर्ड अब सारे दस्तावेजों की गहराई से जांच करेगा। यदि कोई फर्जीवाड़ा पाया गया तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन


इने बिंदुओं पर स्वास्थ्य विभाग की टीम करेगी जांच
1-विक्रेता या परिजन किस प्रकार की घातक बीमारी से पीड़ित हैं।
2-विक्रेता या परिजन गंभीर बीमारी से ग्रसित है तो क्या स्थिति है।
3-विक्रेता व परिजन का आयुष्मान कार्ड बना है। यदि नहीं तो बनने में क्या अवरोध है।

बीमारी के लिए रुपये क जरूरत पर बीमारी का नाम लेकर दलित परिवारों की जमीन के खरीद-फरोख्त के मामले में बीमारी की जांच की जा रही है। बोर्ड ने 18 आवेदकों को जांच के लिए बुलाया था। मगर मात्र दो पहुंचे। उनके पास भी बीमारी संबंधित को प्रपत्र नहीं थे। अब तीन जुलाई को बोर्ड फिर से इनके प्रपत्रों की जांच करेगी। डॉ. रवि शंकर, एसीएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed