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झांसी के ओडीओपी में अब तुलसी भी शामिल
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झांसी। आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत ‘एक जिला एक उत्पाद’ योजना में सॉफ्ट टॉयज, फूड प्रोसेसिंग के बाद अब तुलसी को भी शामिल किया गया है। इसके बाद झांसी में तुलसी की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे 149 किसानों को जोड़ने का लक्ष्य तय किया गया है।
प्रदेश सरकार ने उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए एक जिला एक उत्पाद योजना शुरू की है। इसके तहत झांसी में अब तक सॉफ्ट टॉयज और फूड प्रोसेसिंग को शामिल किया गया था। अब इसमें प्रदेश सरकार ने तुलसी को भी जोड़ा है। तुलसी की खेती करने के लिए किसानों को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे किसानों को बड़ा बाजार मिलेगा। जिले में किसानों को उद्योग से जोड़ा जाएगा, इसमें एफपीओ भी शामिल होंगे।
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) के अंतर्गत किसानों को उद्योग से जोड़ा जाएगा। इनके माध्यम से तुलसी का अर्क समेत अन्य उत्पादों को तैयार किया जाएगा। योजना का उद्देश्य खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के असंगठित खंड में मौजूदा सूक्ष्म उद्योगों की प्रतिस्पर्धा को बढ़ाना है। किसान उत्पादक संगठनों, स्वयं सहायता समूहों और उत्पादकों को उनके मूल्य और श्रम का सही उपयोग किया जाएगा। इसके अंतर्गत 149 किसानों को चयन किया जाएगा, जिसमें 30 प्रतिशत इकाइयां तुलसी की होंगी और 70 प्रतिशत अन्य उत्पादों से संबंधित होंगी। किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) इससे जुड़ सकते हैं।
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‘एक जिला एक उत्पाद’ योजना के अंतर्गत तुलसी की खेती को बढ़ावा देने के लिए चयन किया गया है। जिले में 149 किसानों को छोटे उद्योग लगाने को प्रोत्साहित किया जाएगा। अब तक 65 किसानों ने पंजीकरण करा लिया है।
- विनय कुमार यादव, उप निदेशक उद्यान
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प्रदेश सरकार ने उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए एक जिला एक उत्पाद योजना शुरू की है। इसके तहत झांसी में अब तक सॉफ्ट टॉयज और फूड प्रोसेसिंग को शामिल किया गया था। अब इसमें प्रदेश सरकार ने तुलसी को भी जोड़ा है। तुलसी की खेती करने के लिए किसानों को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे किसानों को बड़ा बाजार मिलेगा। जिले में किसानों को उद्योग से जोड़ा जाएगा, इसमें एफपीओ भी शामिल होंगे।
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प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) के अंतर्गत किसानों को उद्योग से जोड़ा जाएगा। इनके माध्यम से तुलसी का अर्क समेत अन्य उत्पादों को तैयार किया जाएगा। योजना का उद्देश्य खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के असंगठित खंड में मौजूदा सूक्ष्म उद्योगों की प्रतिस्पर्धा को बढ़ाना है। किसान उत्पादक संगठनों, स्वयं सहायता समूहों और उत्पादकों को उनके मूल्य और श्रम का सही उपयोग किया जाएगा। इसके अंतर्गत 149 किसानों को चयन किया जाएगा, जिसमें 30 प्रतिशत इकाइयां तुलसी की होंगी और 70 प्रतिशत अन्य उत्पादों से संबंधित होंगी। किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) इससे जुड़ सकते हैं।
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‘एक जिला एक उत्पाद’ योजना के अंतर्गत तुलसी की खेती को बढ़ावा देने के लिए चयन किया गया है। जिले में 149 किसानों को छोटे उद्योग लगाने को प्रोत्साहित किया जाएगा। अब तक 65 किसानों ने पंजीकरण करा लिया है।
- विनय कुमार यादव, उप निदेशक उद्यान