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Jhansi News: आंधी से गिरे पेड़, होर्डिंग, बालिका समेत दो की गई जान
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बुधवार और बृहस्पतिवार की दरम्यानी रात आधे घंटे तक चली आंधी से कई जगह पेड़ टूटकर गिरे तो कहीं होर्डिंग्स, लोहे एवं सीमेंट की चादरें। इनकी चपेट में आने से सो रहे एक व्यक्ति और बालिका की मौत हो गई। दीवार गिरने से एक वृद्धा गंभीर रूप से घायल हो गईं। बृहस्पतिवार को पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया।
प्रेमनगर थानांतर्गत हंसारी टपरियन में रहने वाले चरण सिंह (55) बोलेरो चलाते थे। बुधवार की रात तमिलनाडु एक्सप्रेस से आ रही पान की खेप को लेने के लिए वह झांसी रेलवे स्टेशन पहुंचे। चूंकि ट्रेन रात करीब एक बजे आने थी, इसलिए उसने पार्सल कार्यालय के पास वाहन खड़ाकर उसकी छत पर सो गए। रात करीब 12.30 बजे अचानक आंधी आने पर जब तक वह उठते, होर्डिंग समेत पूरा ढांचा उनके ऊपर गिर गया। उनकी चीख-पुकार सुनकर मौके पर काफी संख्या में लोग एकत्रित हो गए। ड्यूटी पर तैनात डिप्टी एसएस ने तत्काल हादसे की सूचना जीआरपी और रेलवे चिकित्सालय को दी। जीआरपी और मौके पर एकत्रित लोगों ने किसी तरह से होर्डिंग्स हटाकर उसे बाहर निकाला। इस बीच मौके पर पहुंची रेलवे के चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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वहीं, रक्सा थाना क्षेत्र के अमरपुर निवासी हरिराम की 13 वर्षीय बेटी अंजलि रात को छत पर और उसकी दादी मायादेवी (75) आंगन में सो रही थीं। आंधी आने से पड़ोसी के घर की छत से सीमेंट की चादर उसके ऊपर गिर पड़ी। इससे उसके मुंह से तेज चीख निकली। जब तक परिजन कुछ समझ पाते, घर की दीवार गिर गई। इसके मलबे में मायादेवी दब गईं। घर में चीखपुकार मचने से आसपास के लोग एकत्रित हो गए। उन्होंने दोनों को घायल अवस्था में बाहर निकालकर मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। वहां अंजलि की मौत हो गई। मायादेवी का उपचार चल रहा है।
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अमानवीयता : पुलिस का सीमा विवाद, दो घंटे तक नहीं उठा शव
झांसी। रेलवे के सर्कुलेटिंग एरिया में बुधवार रात जीआरपी और नवाबाद थाना पुलिस के बीच करीब दो घंटे तक सीमा विवाद चला। यह विवाद निपटने तक मृतक चरण सिंह का शव यूं ही पड़ा रहा। किसी ने भी शव को उठाकर मोर्चरी में भेजवाने का प्रयास नहीं किया।
हादसे की सूचना पर जीआरपी थाना पुलिस मौके पर पहुंची मगर हादसा स्थल देख कार्रवाई से इनकार कर दिया। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना नवाबाद थाना पुलिस को दी। नवाबाद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और उसने भी हादसा स्थल अपने क्षेत्र के बाहर बताकर कार्रवाई से इनकार कर दिया। वहां मौजूद लोग जीआरपी व नवाबाद थाना पुलिस के रवैया को देखते रहे। लंबे समय तक किचकिच के बाद नवाबाद थाना पुलिस कार्रवाई के लिए तैयार हुई। जीआरपी सीओ मो. नईम मंसूरी का कहना है कि नवाबाद थाना पुलिस को हादसा स्थल उनके क्षेत्र का बता दिया गया था। वहीं, सीओ सिटी रामवीर सिंह का कहना है कि नवाबाद थाना इंस्पेक्टर ने सीमा विवाद होने की कोई बात तो नहीं बताई है। यदि ऐसा हुआ है, तो गलत है।