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जिला अस्पताल फिर शुरू हुआ लकवे का इलाज
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treatment of leprocracy in hospital.
जिला अस्पताल में फिर शुरू हुआ लकवे का इलाज
झांसी। जनपद के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। जिला अस्पताल में लकवा के इंजेक्शन का टोटा अब दूर हो गया है। जिला अस्पताल आगरा से झांसी को 50 एक्टिलाइज इंजेक्शन मिल गए हैं। पिछले एक महीने से अस्पताल में एक भी इंजेक्शन न होने से मरीजों को काफी परेशानी हो रही थी।
लकवे का अटैक पड़ने के साढ़े चार घंटे के अंदर एक्टिलाइज इंजेक्शन लगाने से मरीज ठीक हो जाता है। इससे पहले मरीज का सीटी स्कैन होना जरूरी होता है। जांच रिपोर्ट में लकवे की पुष्टि होने के बाद डॉक्टर यह इंजेक्शन लगाते हैं। इसके बाद कुछ ही समय में मरीज के शरीर का लकवाग्रस्त अंग फिर से काम करने लगता है। शासन की तरफ से यह इंजेक्शन जिला अस्पताल को उपलब्ध कराए जाते हैं। प्राइवेट अस्पताल में एक इंजेक्शन लगाने पर तीस से चालीस हजार रुपये लगते हैं, लेकिन जिला अस्पताल में यह नि:शुल्क लगता है।
ऐसे में खासकर आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को यह नया जीवन देने का काम करता है। पिछले एक महीने से अस्पताल में यह इंजेक्शन खत्म हो गया था। इससे कई मरीजों का यहां इलाज नहीं हो पाया। मजबूरी में मरीजों को निजी अस्पताल जाना पड़ा। जिला अस्पताल प्रशासन ने इंजेक्शन की उपलब्धता के लिए शासन को पत्र लिखा था। शासन ने आगरा जिला अस्पताल को 50 इंजेक्शन झांसी को देने के निर्देश दिए। शनिवार को ये इंजेक्शन जिला अस्पताल आ गए हैं।
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महीने में आठ-दस मरीज आते
जिला अस्पताल में महीने में लकवा का अटैक पड़ने वाले आठ-दस मरीज आते हैं। वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. डीएस गुप्ता जांच कराने के बाद मरीजों को इंजेक्शन लगाते हैं। ऐसे में जिला अस्पताल में उपलब्ध 50 इंजेक्शन पांच से छह महीने तक चल जाएंगे।
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झांसी। जनपद के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। जिला अस्पताल में लकवा के इंजेक्शन का टोटा अब दूर हो गया है। जिला अस्पताल आगरा से झांसी को 50 एक्टिलाइज इंजेक्शन मिल गए हैं। पिछले एक महीने से अस्पताल में एक भी इंजेक्शन न होने से मरीजों को काफी परेशानी हो रही थी।
लकवे का अटैक पड़ने के साढ़े चार घंटे के अंदर एक्टिलाइज इंजेक्शन लगाने से मरीज ठीक हो जाता है। इससे पहले मरीज का सीटी स्कैन होना जरूरी होता है। जांच रिपोर्ट में लकवे की पुष्टि होने के बाद डॉक्टर यह इंजेक्शन लगाते हैं। इसके बाद कुछ ही समय में मरीज के शरीर का लकवाग्रस्त अंग फिर से काम करने लगता है। शासन की तरफ से यह इंजेक्शन जिला अस्पताल को उपलब्ध कराए जाते हैं। प्राइवेट अस्पताल में एक इंजेक्शन लगाने पर तीस से चालीस हजार रुपये लगते हैं, लेकिन जिला अस्पताल में यह नि:शुल्क लगता है।
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ऐसे में खासकर आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को यह नया जीवन देने का काम करता है। पिछले एक महीने से अस्पताल में यह इंजेक्शन खत्म हो गया था। इससे कई मरीजों का यहां इलाज नहीं हो पाया। मजबूरी में मरीजों को निजी अस्पताल जाना पड़ा। जिला अस्पताल प्रशासन ने इंजेक्शन की उपलब्धता के लिए शासन को पत्र लिखा था। शासन ने आगरा जिला अस्पताल को 50 इंजेक्शन झांसी को देने के निर्देश दिए। शनिवार को ये इंजेक्शन जिला अस्पताल आ गए हैं।
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महीने में आठ-दस मरीज आते
जिला अस्पताल में महीने में लकवा का अटैक पड़ने वाले आठ-दस मरीज आते हैं। वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. डीएस गुप्ता जांच कराने के बाद मरीजों को इंजेक्शन लगाते हैं। ऐसे में जिला अस्पताल में उपलब्ध 50 इंजेक्शन पांच से छह महीने तक चल जाएंगे।