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इमरजेंसी में जेआर के भरोसे इलाज, खुद स्ट्रेचर खींचते और बोतल पकड़ते हैं परिजन

Wed, 23 Feb 2022 11:41 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 23 Feb 2022 11:41 PM IST
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Treatment of JR in emergency, the family pulls the stretcher himself and holds the bottle
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। यहां पर अधिकतर मरीजों का इलाज जूनियर रेजिडेंट (जेआर) के भरोसे है। मरीज को स्ट्रेचर पर लिटाकर परिजन खुद उसे घसीटते हैं। कॉलेज प्रशासन की तरफ से सख्त कार्रवाई न किए जाने से यहां पर लापरवाही चरम पर है।
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मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की लापरवाही ने सोमवार को कटेरा की एक महिला की जान ले ली थी। डॉक्टर महिला को इमरजेंसी से ओपीडी और ओपीडी से इमरजेंसी दौड़ाते रहे। दर्द से कराह रही महिला साढ़े तीन घंटे तक इधर-उधर भटकती रही और फिर उसकी जान चली गई। इस घटना के बाद बुधवार को ‘अमर उजाला’ ने मेडिकल कॉलेज में इमरजेंसी की पड़ताल की तो हालात कुछ ठीक नहीं मिले।
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एक मरीज ने बताया कि तीन दिन से एमआरआई नहीं हो पा रही है। एक युवती ने बताया कि तीन बार चक्कर लगाने के बाद भी उसकी गांठ का ऑपरेशन नहीं हो पा रहा है। बुधवार को भर्ती होने के लिए आई तो अगले हफ्ते आने के लिए कह दिया गया।
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इसके अलावा पेट दर्द की समस्या लेकर आई एक महिला को इंजेक्शन लग जाने के बाद परिजन खुद स्ट्रेचर खींचते हुए इमरजेंसी के बाहर ले गए, कोई कर्मचारी नहीं मिला। वहीं, एक अन्य मरीज को उसके परिजन खुद स्ट्रेचर खींचते हुए इमरजेंसी तक लाए। मरीज के साथ मौजूद महिला एक हाथ में बोतल पकड़े हुए मिली।
इमरजेंसी में चार कर्मचारी, दिखता कोई नहीं
मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में सुबह चार कर्मचारियों की ड्यूटी रहती है। बुधवार को जब मरीज के परिजन खुद स्ट्रेचर खींच रहे थे, तब कोई भी कर्मचारी दिखाई नहीं दिया।
यूं बयां किया दर्द
मेरा भाई इमरजेंसी में दो दिनों से भर्ती है। फिल्म न होने से एमआरआई नहीं हो पा रही है। जूनियर डॉक्टर के भरोसे इलाज चल रहा है। अब निजी अस्पताल ले जाने का विचार कर रहे हैं। - महाराज सिंह।
बेटी की पलक के ऊपर गांठ का ऑपरेशन होना है। 10 फरवरी से अब तक नहीं हो पाया है। चार-पांच बार मेडिकल कॉलेज आ चुका हूं। बार-बार आने-जाने में बड़ी दिक्कत हो रही है। - गोविंद दास।
प्राचार्य ने ईएमओ को फटकारा, बोले-15 मिनट में बनानी होगी इमरजेंसी आने वाले मरीज की फाइल
झांसी। कटेरा की महिला की मौत के मामले में मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर ने बुधवार को सर्जरी और मेडिसिन के विभागाध्यक्षों व ईएमओ के साथ बैठक की। उन्होंने जिस ईएमओ का मंगलवार को एक दिन का वेतन काटा था, उसे जमकर फटकार लगाई। प्राचार्य ने कहा कि मरीज इमरजेंसी में आए तो डॉक्टर तुरंत मरीज को देखें। कहा कि अगर दोबारा लापरवाही सामने आई तो कार्रवाई कर दी जाएगी। इसके अलावा उन्होंने विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए कि किसी भी मरीज के इलाज में लापरवाही न की जाए। साथ ही एएनएस का भी स्पष्टीकरण तलब किया जा रहा है। प्राचार्य ने सख्त निर्देश दिए हैं कि अब इमरजेंसी में आने वाले मरीज की 15 मिनट के अंदर फाइल बनानी होगी।

प्राचार्य ने सभी अधिकारियों और स्टाफ के साथ बैठक कर स्पष्ट निर्देश दे दिए हैं कि मरीज के इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई कमी सामने आती है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी।
- डॉ. हरीशचंद्र आर्या, सीएमएस, मेडिकल कॉलेज।
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