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ट्रामा सेंटर : नौ साल पहले बनकर तैयार, आज खुद है बीमार

Thu, 02 Jan 2025 12:43 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 02 Jan 2025 12:43 AM IST
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Trauma center: completed nine years ago, today he himself is ill
मोंठ। झांसी-उरई के बीच सड़क दुर्घटना में घायल मरीजों को तत्काल उपचार देने के मकसद से मोंठ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में करीब 2.75 करोड़ की लागत से बना ट्रामा सेंटर इलाज के नाम पर रेफर सेंटर बनकर रह गया है। चिकित्सकों की तैनाती तो है, लेकिन इलाज के लिए आवश्यक सुविधाएं, मशीनें और उपकरण नहीं हैं। वार्ड बॉय, ओटी तकनीकी सहायक, स्वीपर तथा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी नहीं हैं।
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तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 15 दिसंबर 2016 को ट्रामा सेंटर का लोकार्पण किया था। लेकिन कई सालों तक ट्रामा सेंटर अस्पताल का गोदाम बना रहा है। अभी करीब तीन साल पहले डॉक्टरों की तैनाती हुई और इसके बाद ट्रामा सेंटर में रोजाना दोपहर बाद इमरजेंसी सेवाएं शुरू की गईं। ट्रामा सेंटर के लिए आवश्यक जैसी सुविधा नहीं हैं। आईसीयू आधुनिक ओटी, हड्डी रोग के लिए ऑपरेशन का सामान रॉड-प्लेट आदि नहीं हैं। ट्रामा सेंटर में इलाज के लिए मशीन उपकरण नहीं हैं। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी नहीं है। ऐसे में सफेद हाथी बनकर रह गया है। यहां आने वाले मरीजों को उपचार के लिए रेफर कर मेडिकल कॉलेज झांसी रेफर कर दिया जाता है।
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ट्रामा सेंटर में चार एनेस्थीसिया, दो हड्डी के डॉक्टर, एक सामान्य सर्जन डॉक्टर की तैनाती है। चार इमरजेंसी मेडिकल अफसर तैनात हैं लेकिन सड़क दुर्घटना में सबसे महत्वपूर्ण सिर की चोट के लिए न्यूरो सर्जन तथा न्यूरो फिजिशियन की तैनाती नहीं है। इसके साथ ही सीटी स्कैन की भी सुविधा नहीं है।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोंठ के अधीक्षक डॉक्टर माता प्रसाद राजपूत ने कहा कि अस्पताल में उपकरणों की कमी दूर करने तथा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। ट्रामा सेंटर के अधीक्षक डॉक्टर केके जैन कभी-कभार सेंटर आते हैं, वो अक्सर झांसी मुख्यालय पर या अपने गृह जनपद में रहते हैं। अस्पताल परिसर में स्थित ट्रामा सेंटर की जिम्मेदारियां सीएचसी के अधीक्षक के ऊपर ही रहती हैं। ट्रामा सेंटर में डॉक्टर और स्टाफ नर्स पर्याप्त हैं, लेकिन वार्ड बॉय तथा स्वीपर की तैनाती नहीं है। जिससे अस्पताल के संचालन में काफी दिक्कत होती है। ट्रामा सेंटर में अल्ट्रासाउंड मशीन, एक्स-रे डिजिटल, ब्लड बैंक और आईसीयू नहीं है।
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